बाहर से आए प्रवासी मजदूरों को अब जिले में ही मिलेगा रोजगार, श्रम विभाग ने शुरू किया सर्वे कार्य

मजदूर अब अपनी माटी में ही अपनों के लिए कुछ कर सकेंगे

By: shubham singh

Published: 28 May 2020, 12:59 PM IST

शहडोल। गरीबी और मजदूरी न मिलने के बाद पलायन कर चुके मजदूरों को अब स्थानीय स्तर पर ही रोजगार से जोड़ा जाएगा। कोरोना संकटकाल में लॉकडाउन में प्रदेशों से मुश्किलों का सामना कर जिले में वापस आए प्रवासी मजदूरों को अब जिले में रोजगार देने के लिए जिला प्रशासन कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसके लिए श्रम विभाग सहित कई विभागों के साथ कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बाहर से आए मजदूरों का सर्वे कराया जा रहा है। अलग-अलग विधाओं में मजबूत ये मजदूर अब अपनी माटी में ही अपनों के लिए कुछ कर सकेंगे।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बुधवार से प्रवासी मजदूरों का सर्वे कार्य भी शुरू कर दिया है। यह सर्वे कार्य तीन जून तक पूरा कर लिया जाएगा। बाहर से आ रहे मजदूरों को इससे बड़ी मदद भी मिलेगी।

पलायन कर गए थे मजदूर, 34 हजार आए वापस
जिले में लॉकडाउन में लगभग 34 हजार प्रवासी मजदूर वापस आए हैं। ये मजदूर विभिन्न प्रकार के कामों में भी दक्ष हैं। ऐसे में प्रशासन इनको जिले में ही उसी प्रकार के कामों में लगाने की योजना बना रहा है। इससे इन मजदूरों के जिले में ही रोजगार मिल जाएगा और उन्हें रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में भटकना नहीं पड़ेगा। जो मजदूर किसी काम में दक्ष नहीं हैं, उन्हें फिलहाल मनरेगा में ही काम दिलवाया जा रहा है। उसके बाद इन मजदूरों को भी ट्रेनिंग देकर दक्ष बनाया जाएगा।
आज से सर्वे शुरू, ट्रेनिंग देकर उद्योगों से जोड़ेंगे
श्रम निरीक्षक चरणा गुप्ता के अनुसार, प्रवासी मजदूरों का सर्वे कार्य 27 मई से शुरू किया गया है। सर्वे कार्य तीन जून तक पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे कार्य अभियान के रूप में चल रहा है। सर्वे कार्य पूरा करने के बाद यह कार्ययोजना बनेगी कि किसको किस प्रकार से लाभांवित किया जाए। रोजगार देने के साथ ही इन मजदूरों को सरकार की योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा। अभी सर्वे के साथ पंजीयन करना श्रम विभाग की प्राथमिकता है। इसके बाद रोजगार से जोड़ेंगे।

शहर में नगरीय निकाय और गांवों में पंचायत का जिम्मा
ग्रामीण स्तर पर सचिव और रोजगार सहायक सर्वे कर रहे हैं जबकि शहरी स्तर पर नगरपालिका सर्वे करा रही है। इन मजदूरों से सर्वे फार्म भी भरवाया जा रहा है। साथ ही घोषणा पत्र भी भरवाया जा रहा है। इसमें से यह पूछा जा रहा है कि कहां पर काम करते थे। किस प्रकार के काम करते थे। कौन से काम में दक्ष हैं। कामगार के आधार पर इनका पंजीयन किया जा रहा है। इसके बाद इनको शासन की योजनाओं का लाभ दिलाएंगे साथ ही उद्योगों से जोड़ेंगे तथा ट्रेनिंग भी देंगे। मजदूरों से घोषणा पत्र भी लिया जा रहा है।
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श्रेणी 1 - असंगठित श्रमिक
श्रम अधिकारी संध्या सिंह के अनुसार, श्रम विभाग ने मजदूरों को दो कैटेगरी में बांटा है। पहला असंगठित श्रमिक तथा दूसरा कर्मकार मंडल में। असंगठित श्रमिकों में 44 श्रेणियां हैं। जबकि कर्मकार मंडल में 39 श्रेणियां हैं। असंगठित श्रमिकों में प्रमुख रूप से साईकिल रिक्शा चालक, हाथठेला चालक, शहरी घरेलू कामकाजी महिला, हाकर, फेरीवाले श्रमिक, कृषि श्रमिक, हम्माल एवं तुलावटी श्रमिक, बुनकर श्रमिक, केश शिल्पी श्रमिक, मत्स्य श्रमिक, दुकान, रेस्टोरेंट व्यापार में संलग्न श्रमिक, परिवहन श्रमिक, मनरेगा श्रमिक।
श्रेणी 2 - कर्मकार मंडल
कर्मकार मंडल में प्रमुख रूप से प्रत्थर काटने वाले या पत्थर तोडऩे वाले श्रमिक, ईटों पर रद्दा लगाने वाले, बढ़ई, पुताई करने वाले, फिटर या बार वेंडर, सड़क के पाईप मरम्मत कार्य में लगे प्लंबर, इलेक्ट्रिीशियन, मैकेनिक, कुएं खोदने वाले, वेल्डिंग करने वाले मजदूरों को शामिल किया गया है।
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जिले में 34 हजार मजदूर बाहर से आ चुके हैं। इसमें लिए लगातार सर्वे और मॉनीटङ्क्षरग भी की जा रही है। असिस्टेंट लेबर कमिश्नर नीलम सिंह के निर्देशन में श्रम निरीक्षक चरणा गुप्ता और एकता तिवारी लगातार नगरीय निकायों में पहुंचकर मॉनीटरिंग कर रही हैं। यहां अधिकारियों से कॉर्डिनेट भी कर रहे हैं। श्रम निरीक्षक चरणा गुप्ता के अनुसार, ज्यादा से ज्यादा मजदूरों का पंजीयन करना है, ताकि सबको लाभ मिल सके। इसके साथ ही अलग-अलग विधाओं में परांगत मजदूरों को स्किल के आधार पर रोजगार दिलाया जा सके। श्रम निरीक्षक एकता तिवारी और चरणा गुप्ता नगरीय निकायों में पहुंचकर आने वाली समस्याओं का भी निराकरण कर रहे हैं। पोर्टल में कई बार समस्या आ रही है। घोषणा पत्र के बारे में भी बताया जा रहा है।


उद्योगों से जोडऩे के साथ स्किल डेवलपमेंट भी
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जिले में वापस आए प्रवासी मजदूरों का आज से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रवासी मजदूरों को दो कैटेगरी में चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद यह कार्ययोजना बनेगी कि इनको किस प्रकार से लाभांवित करना है। इनको ट्रेनिंग देने के साथ उद्योगों से जोड़ा जाएगा और सरकारी योजनओं का लाभ भी दिलाया जाएगा। हमारी योजना है कि बाहर से आए हर मजदूरों को चिहिंत किया जा सके। इसके बाद रोजगार से जोड़ा जा सके। योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उद्योगों से जोड़ेंगे। जरूरत पडऩे पर स्किल डेवलेपमेंट भी किया जाएगा।
डॉ सत्येन्द्र सिंह, कलेक्टर

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