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7511 आदिवासियों तक राशन पहुंचाने हर साल 14 करोड़ से ज्यादा खर्च, फिर भी फेल, जानिए वजह

समीक्षा में सामने आई बात, आदिवासी इलाकों में वाहन से राशन पहुंचाने में हो रही देरी

शाहडोल

Published: May 18, 2022 02:08:05 pm

शहडोल. राशन वितरण व्यवस्था को पटरी पर लाने लगातार मंथन किया जा रहा है। मॉनीटरिंग के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी, घर-घर राशन वितरण व्यवस्था बनाई, अन्नोत्सव मनाया जा रहा है इसके बाद भी ग्रामीणों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है। तमाम व्यवस्थाओं और तैयारियों के बाद भी समय पर राशन दुकानों में राशन नहीं पहुंच पा रहा है। जिस वजह से वाहन से राशन वितरण में देरी हो रही है। राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा में भी यह बात सामने आई है कि कभी गेहूं तो कभी देरी से चावल पहुंच रहा है। समय पर राशन उठाव न हो पाने की वजह से यह स्थितियां निर्मित हो रही है। जिसका खामियाजा उन ग्रामीणों को भुगतान पड़ रहा है जो चिलचिलाती धूप में राशन के लिए पैदल दुकान तक पहुंचते हैं और राशन न होने की स्थिति में उन्हे खाली हाथ लौटना पड़ता है।
रोस्टर तय, गांव तक कैसे पहुंचेगा राशन
देरी से मिल रहा राशन कई अव्यवस्थाओं और परेशानी का कारण बन रहा है। लगातार समय पर दुकानों में राशन न पहुंचने की वजह से रोस्टर के अनुसार गांवो मे तय समय पर यह नहीं पहुंच पा रहा है। देरी से आवंटन की वजह से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कभी ग्रामीणों को चावल तो कभी गेहूं ही मिल पाता है।
भुगतान के बाद ही राशन आवंटन
उल्लेखनीय है कि लक्ष्य के अनुरूप राशन का आवंटन तभी होता है जब उसकी पूरा भुगतान हो जाता है। डीडीओ जारी होने के बाद ही राशन का उठाव संभव हो पाता है। भुगतान में विलंब होने की स्थिति में राशन आवंटन भी देरी से होता है। ऐसे में दुकानों में समय पर राशन उपलब्ध नही हो पाता है।
मई माह में कम आवंटन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए राशन उठाव की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि मई माह में कम राशन उठाव हुआ है। जिसे लेकर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को तत्काल वर्चुअल एकाउण्ड में राशि जमा कराने कहा गया है। साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम को समय-सीमा में राशन भिजवाने कहा गया है।

More than 14 crores spent every year to provide ration to 7511 tribals, yet failed, know the reason
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