हत्या के आरोपी को प्राकृतिक जीवन जीने तक कारावास की सजा, एम्पोरियम के तीसरे मंजिल में मिली थी लाश

पांच हजार रुपए का अलग से अर्थदण्ड

By: raghuvansh prasad mishra

Published: 29 Mar 2019, 08:49 PM IST

बुढ़ार। अपर सत्र न्यायाधीश ने भानु उर्फ मनीष जैन पिता स्व विमलचन्द जैन सिनेमा रोड बुढ़ार को 302, भादवि में दोषी पाते हुए शुक्रवार को अजीवन कारावास एवं 5000 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया। घटना की जानकारी के अनुसार 18 मई 2011 को आरोपी भानु उर्फ मनीष जैन द्वारा बुढ़ार थाने में सूचना दी गयी कि मेरे दुकान में काम करने वाले जीवन यादव का शव विमल एम्पोरियम के तीसरे मंजिल पर पड़ा है । जिसकी बुढ़ार थाने में मार्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गयी।लाश को देखने से हत्या की आशंका पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध 19 मई 2011 को प्रथम सूचना रिपोर्ट कायम की गयी। । विवेचना के पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी के विरोध धारा 302 का अपराध का अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के कथन एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर आरोपी के अपराध को प्रमाणित माना और उसे आजीवन कारावास सम्पूर्ण प्राकृतिक जीवन तक के आदेश दिये। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता नारायण मिश्रा द्वारा पैरवी की गई।

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