कुपोषण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सुपरवाइजरों पर करें कार्रवाई

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा में लगाई फटकार

By: amaresh singh

Published: 27 Nov 2020, 12:19 PM IST

शहडोल. कुपोषण के लगातार बढ़ते मामले हमारी कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठा रहे हैं। कुपोषण का दंश खत्म करने के लिए मैदानी स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाएं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों में जहां प्रसव हो रहे है गर्भवती माताओं को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्तनपान, टीकाकरण क्यों आवश्यक है और उसे बच्चे को कुपोषण से बचाने के लिये क्या व्यवस्था करनी चाहिए। इस पर सभी अधिकारी प्लानिंग तैयार करें। ये निर्देश कलेक्टर डॉ सतेन्द्र कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग मनोज लरोकर को निर्देशित किया एनआरसी में कुपोषित बच्चो का चयन कर अनिवार्य रूप से भर्ती कराया जाए। कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए डीपीओ को निर्देशित किया कि, कार्य में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने वालेे सुपरवाईजर के विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही करें। साथ ही सीडीपीओ सुपरवाईजर अनिवार्य रूप से क्षेत्रों का भ्रमण करें, आंगनबाड़ी केन्द्रो से मिलने वाली पोषण संदर्भ सेवा को दुरुस्त करे। बैठक में अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा, सीएमएचओ डॉ राजेश पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ वीएस बारिया, डीपीओ मनोज लरोकर, डीएचओ वन डॉ केएल अहिरवार, जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ अंशुमन सोनारे, डीपीएमी मनोज द्विवेदी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश विश्वकर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।


मिलावटखोर व्यापारियों को छोड़ें नहीं
बैठक में कलेक्टर ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की समीक्षा करते हुए खाद्य निरीक्षक को निर्देशित किया कि, खाद्य विभाग की नमूनो की जांच की पृथक-पृथक जानकारी बनाई जाएं जिसमें उनके द्वारा स्वयं कितने नमूने लिये गए, कितने मोबाईल वैन द्वारा लिये गए और कितने नमूने विश्लेषित किये गए तथा कितनों को न्यायालय में पेश किये गए तथा कितनों के विरूद्व अर्थदण्ड की कार्यवाही दर्ज की गई, स्पष्ट अंकित किया जाए। बार-बार मिलावाट करने वाले प्रतिष्ठानो के विरूद्व कड़ी कार्यवाही भी करें।


समय पर पहुंचे सर्जन
समीक्षा करते हुए कहा कि, राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मोतियाबिंद केसो को ऑपरेशन के लिए प्रेरित करे। परिवार नियोजन में सर्जन समय पर ऑपरेशन स्थल पर पहुंचे और लापरवाही करने पर उनके विरूद्व कार्यवाही प्रस्तावित की जाए कलेक्टर ने एनसी केयर, बच्चो का टीकाकरण, वेक्टर जनित मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की संस्थावार समीक्षा की।

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