अब तालाबों में भी पाली जाएंगी झींगा मछली

जिले के 60 हेक्टेयर में किया जाएगा झींगा मछली का पालन

By: amaresh singh

Published: 21 Jul 2021, 10:10 PM IST

शहडोल। मध्यप्रदेश सरकार झींगा मछली का अस्तित्व बचाने सरकार नवाचार करने की तैयारी कर रही है। इसके पालन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं भारत सरकार भी इस दिशा में खास योजना बना चुकी है। इसके अस्तित्व को बचाने मध्य प्रदेश में 800 हेक्टेयर में झींगा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शहडोल में 60 हैक्टेयर में झींगा मछली का पालन किया जाएगा। उक्त बात सहायक संचालक मत्स्यउद्योग शहडोल शिवेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अब तक यह नदी और बांध में ही पाई जाती थी वर्तमान रमें झींगा मछली की कुछ प्रजातियां सोन नदी में भी पाई गई है किंतु लगातार प्रदूषण के चलते इस की प्रजातियां विलुप्त होने लगी है।


मछुआरों के जीवन में बदलाव आएगा
इनका बीज भुवनेश्वर से लाया जाएगा। झींगा मछली उत्पादन से जिले की अनुसूचित जनजाति के लिए आजीविका के नए अवसर बनेंगे साथ ही कुपोषण से आ रहे विभिन्न प्रकार की बीमारियों से भी झींगा मछली का सेवन लाभप्रद सिद्ध होगा। झींगा एक मांसाहारी खाद्य है। जो मानसिक एवं शारीरिक विकास में मदद करता है। इसका शरीर तीन हिस्सों में विभाजित होता है और इसके छोटे छोटे पैर होते हैं। इसकी ढाई हजार से अधिक प्रजातियां हैं । साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती हैं। उन्होंने बताया है कि सभी विकास खंड में तालाब एवं जलाशयों में नवाचार के तौर पर लिया जाएगा। वह आत्मा परियोजना से भी झींगा पालन के लिए मछुआरों एवं किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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