अब जहन्नुम से निजात दिलाने के लिए करेंगे दुआ

रमजान का तीसरा असरा शुरू, हजरत अली की शहादत को किया याद

By: brijesh sirmour

Updated: 16 May 2020, 09:04 PM IST

शहडोल. रमजान का तीसरा और अंतिम अशरा 21वें रोजे के साथ शुरू हो गया। बताया गया है कि तीसरा अशरा जहन्नुम से रिहाई या निजात का माना जाता है। शुक्रवार को रोजेदारों ने 21वां रोजा रखने के साथ घर पर नमाज और कुरान-ए-तिलावत कर जहन्नुम से निजात की दुआ की। साथ ही हजरत मौला अली की शहादत को याद किया गया। इस दौरान घरों में मौला अली की फातिहा दिलाई गई। पुरानी बस्ती स्थित नूरी मस्जिद के सदर इकबाल अहमद ने बताया कि रमजान के तीसरे अशरा शुक्रवार से प्रारंभ हो गया है। इस्लाम में ये अशरा सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके बाद पवित्र माह रमजान विदा हो जाता है। इसे जहन्नुम से रिहाई या निजात वाला माना जाता है। दुनिया से रुखसत हो चुके परिजनों की जहन्नुम से रिहाई की दुआ की जाती है और खुद को जहन्नुम से बचाने की दुआ की जाती है। साथ ही नमाज से पहले परिवार के हर सदस्य के हिसाब से फितरा और आमदनी के हिसाब से जकात निकाला जाता है।

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