ग्राहकी घटी तो गिरने लगे प्याज के दाम

80-85 रुपए प्रति किलो हुई प्याज की कीमत, मगर आलू की कीमतों में भी आई तेजी

शहडोल. एक सप्ताह पहले प्याज की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के चलते अधिकांश ग्राहकों ने प्याज खरीदना बिल्कुल बंद कर दिया। जिससे प्याज की ग्राहकी काफी गिरावट आ गई और अब इसके चलते प्याज के दाम गिरने लगे हैं। एक सप्ताह पहले पांच दिसम्बर को संभागीय मुख्यालय में 120-130 रुपये किलो तक पहुंच चुकी प्याज की कीमत अब शुक्रवार को 80-85 रुपये प्रति किलो में पहुंच गई। जबकि थोक में प्याज 70 रुपये किलो तक बिका। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में और गिरावट के संकेत बने हुए हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों आवक कमजोर होने के कारण प्याज की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो गई थी। इसके चलते प्याज की रोजाना की खपत भी करीब 70 फीसदी गिर गई थी और बाजार से प्याज ग्राहक भी काफी कम हो गए थे।
प्याज की जगह हो रहा मूली का इस्तेमाल
इन दिनों प्याज के दाम चढ़े होने की वजह से जहां एक ओर मध्यमवर्गीय घरों की थाली से भी प्याज गायब हो चुकी है। वही दूसरी ओर इसका असर चौपाटी व होटलों में भी देखने को मिल रहा है। अधिकांश लोग अभी भी प्याज की जगह मूली का प्रयोग कर रहे हैं। बाजार में मूली की कीमत पांच से दस रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। वैसे प्याज भी इस सीजन में 10 से 15 रुपये प्रति किलो में बिकती थी।
आलू की कीमत में भी उछाल
बाजार में इन दिनों आलू के दामों में उछाल देखा जा रहा है। जबकि बाजार में नई आलू की आवक शुरू हो चुकी है। वर्तमान में आलू 25 से 30 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है। जबकि पिछले सीजन में आलू की कीमत 12 से 15 रुपए प्रति किलो थी। जानकारों का कहना है कि इस बार अक्टूबर में बारिश होने की वजह से आलू की बोनी देरी से हुई थी, इसलिए बाजार में नई आलू आने में समय लग रहा है और आलू की कीमत कम नहीं हो रही है।
इनका कहना है
प्याज और आलू की कीमत सामान्य होने में अभी पन्द्रह-बीस दिन और लग सकते हैं। इसके बाद ही आम जनों को प्याज और आलू सस्ते मिल पाएंगे। वैसे प्याज व लहसून की कीमतों में गिरावट शुरू हो चुकी है।
अख्तर, थोक सब्जी व्यापारी, शहडोल

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brijesh sirmour Reporting
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