प्योरिटी सर्टिफिकेट के अभाव में वार्डों तक नहीं पहुंच पा रही ऑक्सीजन

प्रभारी मंत्री ने किया था 1000 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ

By: amaresh singh

Published: 06 Oct 2021, 08:08 PM IST

शहडोल. जिला चिकित्सालय में 1000 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है। जिसका शुभारंभ भी प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल द्वारा 17 सितम्बर को किया जा चुका है। इसके बावजूद भी वार्डों में जम्बो सिलेण्डर से ही काम चलाना पड़ रहा है। दरासल प्रभारी मंत्री द्वारा ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ तो कर दिया गया है लेकिन प्योरिटी सर्टिफिकेट न मिल पाने की वजह से अभी तक इसे प्रारंभ नहीं किया गया है। ऐसे में प्लांट से वार्डों तक ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रबंधन की माने तो सर्टिफिकेट के लिए संबंधित कंपनी को प्रक्रिया पूरी करनी है। प्लांट का शुभारंभ हुए लगभग 20 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में प्लांट बनकर तैयार होने के बाद भी उपयोगी साबित नहीं हो रहा है।
वार्डों तक पहुंचाई जानी है ऑक्सीजन
उल्लेखनीय है कि पीएम केयर फंड से 71 लाख की लागत से तैयार 1000 एलपीएम के पीएसए ऑक्सीजन प्लांट से जिला चिकित्सालय के वार्डों में पाईप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन सप्लाई की जानी है। इसके लिए वार्डों में लगभग 240 ऑक्सीजन प्वाइन्ट बनाए गए हैं। प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई प्रारंभ हो जाने पर जम्बो सिलेण्डर का उपयोग नहीं करना पड़ेगा और सीधे मरीज के बेड तक पाईप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन पहुंचेगी।
ट्रायल के बाद नहीं हुई सप्लाई
उल्लेखनीय है कि 17 सितम्बर को प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल द्वारा 1000 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ किया गया था। जिसके बाद बतौर ट्रायल इसे शुरु किया गया था। ट्रायल में ऑक्सीजन बनने व उसके सप्लाई की प्रक्रिया बेहतर होने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब प्रबंधन को प्योरिटी सर्टिफिकेट का इंतजार है। सर्टिफिकेट मिलने के साथ ही इस प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
प्लेटफार्म बनकर तैयार, मशीन का पता नहीं
इसके अलावा जिला चिकित्सालय में एक अन्य 570 एलपीएम प्लांट लगना है। जिसके लिए जिला चिकित्सालय के पीछे प्लेटफार्म बनकर तैयार है। अभी तक इस प्लांट के लिए मशीने उपलब्ध नहीं हुई है। जिसके चलते प्लेटफार्म खाली पड़ा है। इसके लिए मशीनें कब तक उपलब्ध हो पाएगी इसे लेकर भी अभी कोई जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि उक्त प्लांट से पाइप लाइन के माध्यम से जिला चिकित्सालय में बनने वाले नए भवन को जोड़ा जाएगा। मशीन आने के बाद ही उक्त प्लांट की आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
इनका कहना है
शुभारंभ के बाद ट्रायल किया था अभी प्योरिटी सर्टिफिकेट न मिलने की वजह से वार्डो में ऑक्सीजन सप्लाई नहीं की जा रही है। सर्टिफिकेट मिलने के साथ ही इसे प्रारंभ कर दिया जाएगा।
जीएस परिहार, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय शहडोल

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