इंटरसेप्टर से वाहनों की गति नियंत्रित करेगी पुलिस

अत्याधुनिक मशीनों से लैस है वाहन

By: amaresh singh

Published: 11 Oct 2021, 11:12 AM IST

शहडोल. जिले में यातायात पुलिस अब इंटरसेप्टर वाहन से हाइवे पर वाहनों की गति को नियंत्रित करेगी तथा दुर्घटना को रोकेगी। इस इंटरसेप्टर वाहन में कई खुबिया है। यह दिन के साथ रात्रि में भी वाहनों को कैप्चर कर सकती है। इसको पुलिसकर्मी ऑपरेट करेंगे। प्रदेश में 52 जिलों में से 33 जिलों में पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जिले की यातायात विभाग को इंटरसेप्टर वाहन प्रदान किया गया है। यह वाहन अत्याधुनिक मशीनों से लैस है। स्पीड लेजर गन, लेजर एवं इनफेरेट तकनीक में कार्य करती है। जो कि सड़क पर तेज गति से चलने वाले वाहनों को ना केवल दिन में बल्कि रात्रि मे ंभी कैप्चर कर लेती है। यह दो किमी तक कैप्चर करती है लेकिन एक किमी ज्यादा अच्छे तरीके से कैप्चर करती है। इसमें तेज गति से चलने के साथ बिना सीट बेल्ट,ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट,मोबाइल पर बात करने आदि पर यह कैप्चर कार्रवाई मं सहायक है।
घर तक पहुंच जाएगा चालान
इसमें चालके लिए प्रिंटर दिया गया है। जिसमें वाहन का प्रिंटआउट निकल जाता है तो कौन सी एक्ट का उल्लंघन किया गया साथ ही जीपीएस सिस्टम से लैस है। इसलिए किस समय, तारीख की कार्रवाई हुई है बता देती है। लोकेशन वाहन बता देती है। इसमें लोगों के घर तक चालान पहुंचेगा। हाइवे की दुर्घटना रोकने तथा वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करने वाहन मंगाया गया है। इसमें यातायात के एक अधिकारी को भोपाल में दो दिन का ट्रेनिंग दिया गया है। वह यातायात पुलिस के अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। अगर वाहनों के फिल्म का प्रयोग करते हैं तो टिंट मीटर लगा है जो कि ग्लास पारदर्शित को बताता है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार वाहन में अगर कंपनी कोटेट के द्वारा टिंट लगाया गया है तो कार्रवाई नहीं होगी लेकिन अगर वाहन मालिक ने स्वंय फिल्म लगाया है तो कार्रवाई होगी।

amaresh singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned