गरीबों का शक्कर-केरोसीन दुकानों से गायब, नि:शुल्क राशन का भी वसूल रहे पैसा

जिले में खाद्यान्न वितरण मामले में मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है

By: amaresh singh

Updated: 13 Oct 2021, 11:21 AM IST

शहडोल. जिले में खाद्यान्न वितरण मामले में मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है। खाद्यान्न कालाबाजारी से जुड़े लोग बड़े स्तर पर राशन वितरण में गड़बड़ी कर रहे हैं। अधिकारियों की कमजोर मॉनीटरिंग की वजह से गरीबों के अनाज में हेरफेर किया जा रहा है। केरोसीन और शक्कर तो राशन दुकानों से पूरी तरह गायब हैं। पीला कार्ड होने पर भी उन्हे केरोसीन और शक्कर नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह नि:शुल्क होने के बावजूद राशन के रुपए वसूले जा रहे हैं। जिला प्रशासन और खाद्य विभाग सस्ते गले की राशन दुकानों पर हितग्राहियों को खाद्यान्न सहित शक्कर और कोरोसिन देने का दावा कर रहे हैं लेकिन मैदानी हकीकत एकदम अलग है। मंगलवार को पत्रिका टीम ने पड़ताल की तो कई गड़बडिय़ां सामने आई। कुछ राशन दुकानों पर राज्य और केन्द्र सरकार दोनों की योजनाओं के नाम पर राशन का पैसा वसूला जा रहा था। इसके अलावा शक्कर और केरोसिन नहीं बांटा जा रहा है। शक्कर और केरोसिन का नहीं मिलना कालाबाजारी और गठजोड़ को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।


राजनीतिक संरक्षण, महीनों से नहीं दे रहे पर्याप्त राशन
शहर और ग्रामीण अंचलों में राशन वितरण मामले में गड़बड़ी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। मामले में राजनीतिक संरक्षण के चलते अधिकारी भी कार्रवाई से कतरा रहे हैं। शहर के चपरा क्वार्टर के नजदीक राशन दुकान में पिछले माह भी हितग्राहियों को सिर्फ एक-एक माह का राशन दिया गया था। हितग्राहियों ने बताया कि राजनीतिक रसूख के चलते दुकान संचालक पर कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां लंबे समय से नि:शुल्क राशन वितरण में भी रुपए वसूला जा रहा है।
इस माह 2 हजार मीट्रिक टन चावल, 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं आवंटित
इस माह राशन दुकान संचालकों को नियमित राशन आवंटित किया जा रहा है। जिसमें गेंहू और चावल है। 2 हजार 317 मीट्रिक टन चावल आवंटित किया गया है जबकि 3 हजार 3 सौ 9 मीट्रिक टन गेंहू आवंटित किया गया है। प्रधानमंत्री योजना में 1530 मीट्रिक टन चावल आवंटित किया गया है जबकि 2234 मीट्रिक टन गेंहू आवंटित किया गया है।
वार्ड नंबर 24,25 में राशन दुकान संचालक हितग्राहियों को राशन बांट रहे थे। इस दौरान पत्रिका की टीम दुकान पर पहुंची तो राशन बांटना जारी था। राशन लेकर निकल रही महिला सरोज सिंह निवासी चपरा क्वार्टर का कहना था कि राशन पैसे देकर दिया जा रहा है। महिला ने बताया कि पीला कार्ड है। इस पर उसे 40 किलो गेंहू और चावल मिला है। इसके बदले में दुकान संचालक ने 40 रुपए लिए हैं। शक्कर और केरोसिन मिलने की बात पर उसने कहा कि अभी शक्कर और केरोसिन नहीं मिला है। इसके बाद नंद कुमार जायसवाल निवासी वार्ड 24 से पूछा गया कि खाद्यान्न की क्या स्थिति है। उन्होंने बताया कि 40 किलो गेंहू और चावल मिला है। इसके बदले में 40 रुपए दिया है। नीला कार्ड है लेकिन केरोसिन नहीं मिला है। इसके अलावा अन्य हितग्राहियों ने भी रुपए मिलने की शिकायत की।
वार्ड नंबर 30 में राशन दुकान पर राशन बांटा जा रहा था। इस दौरान पत्रिका टीम ने हितग्राहियों से बात कर राशन की जानकारी ली। इस पर हितग्राही लक्ष्मी साहू निवासी नरबदबड़ा वार्ड नंबर 23 ने बताया कि नीला कार्ड है। दो महीने का 20 किलो राशन मिला है। एक माह का दस किलो राशन का दस रुपए लिए है जबकि दूसरे महीने का फ्री दिए हैं। नीला कार्ड है लेकिन केरोसिन नहीं मिला है। इसी तरह हितग्राही श्यामा साहू निवासी नरबदबड़ा वार्ड नंबर 23 ने बताया कि दो माह का 60 किलो गेंहू और चावल मिला है। नीला कार्ड है। एक माह का 30 किलो का 30 रुपए लिया गया है। दूसरे माह का 30 किलो फ्री में दिया गया है। केरोसिन तेल नहीं मिला है। केरोसीन-शक्कर के लिए मना किया जा रहा है।
वार्ड नंबर 17 में राशन दुकान बंद हो चुकी थी। बताया गया कि यहां पर हितग्राहियों को राशन बांटा जा चुका है। इस पर हितग्राहियों के घर जाकर राशन के बारे में पूछताछ किया गया। वार्ड नंबर 17 निवासी बतासिया बाई ने बताया कि यहां पर दो माह का 15 किलो राशन दिया गया। इसमें 15 किलो राशन का 15 रुपए लिया गया है। यहां शक्कर और केरोसिन कभी नहीं मिला है। राशन दुकान संचालक मनमर्जी से राशन बांटते हैं। परिवार के सदस्यों का नाम भी काट दिया गया है।

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