जो चावल जानवर भी न खाएं उसे फिर गरीबों को देने की तैयारी

अमानक चावल के मामले में मिलर्स पर अब तक कार्रवाई नहीं

By: Hitendra Sharma

Updated: 29 Oct 2020, 09:06 AM IST

शहडोल. एफसीआइ की रिपोर्ट में जिस चावल को मवेशियों के खाने लायक तक नहीं बताया गया था, उसे अब गरीबों को देने की तैयारी है। अधिकारी इस अमानक चावल का अपग्रेडेशन करवा रहे हैं। इसके लिए मिलर्स की सूची तैयार कर ली गई है। मालूम हो कि एफसीआइ की टीम ने जिले के गोदामों में चावलों का सैंपल लेेकर जांच करवाई थी। इसमें ५५ हजार क्विंटल बीआरएल चावल और २९ हजार क्विंटल चावल अमानक मिला था।

अफसरों की मिली भगत
बीआरएल श्रेणी के चावल को पूर्व में अपग्रेड करवा कर मिलर्स ने गोदामों में रखवाना शुरू दिया गया है, लेकिन अमानक चावल की खेप जस की तस रखी थी। इस चावल को खपाने की जुगत लगाई जा रही है। बताया जा रहा है कि अमानक चावल को लेकर एक महीने में कोई निर्देश नही मिला था। अब नागरिक आपूर्ति निगम (नान) को कहा गया है कि 29 हजार अमानक चावल मिलर्स को वापस कर अपग्रेड कराया जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि जो चावल पूरी तरह खराब है उसे अपग्रेड करवाकर किसे लाभ पहुंचाया जा रहा है?

12 मिलर्स को चावल करना है अपग्रेड
जानकारी के मुताबिक 12 मिलर्स को अमानक चावल अपग्रेड करना है। इनमें मदनी राइस मिलर को 1980 क्विंटल, गुड्डू सरावगी मिलर को 5820 क्विंटल, प्रयागराज राइस मिलर को 5438 क्विंटल, तिरुपति मिलर को 2032 क्विंटल, नूरजहां राइस मिलर को 7125 क्विंटल, मुख्तार राइस मिलर को 1740 क्विंटल, हदीश राइस मिलर को 1095 क्विंटल, सर्वोदय राइस मिलर को 1714 क्विंटल अमानक चावल अपग्रेड करना है। इसी तरह विराट मिलर को २०० क्विंटल, श्री महाकाल मिलर को 211 क्विंटल, इंडियन मिलर को 172 तो श्री लक्ष्मी मिलर को 1756 क्विंटल चावल अपग्रेड कर गोदामाों में जमा करना है। नान के जिला प्रबंधक एमएस उपाध्याय का कहना है कि 29 हजार क्विंटल अमानक चावल मिलर्स से अपग्रेड कराना है। इसके लिए शासन से निर्देश मिले हैं। जल्द ही अपग्रेडेशन का काम शुरू होगा।

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