बकहो परिषद में रिश्तेदारों की भर्तियां, जिस पर गड़बड़ी का आरोप, उसी को बनाया समिति का सदस्य

कलेक्टर ने डूडा पीओ से सोमवार तक मांगी रिपोर्ट, कहा- नोटिस देकर अधिकारियों से मांगे जवाब

By: amaresh singh

Published: 12 Jul 2021, 12:20 PM IST

शहडोल. नगरपालिका धनपुरी में वित्तीय अनियमितता और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी उजागर होने के बाद बकहो की नवगठित नगर परिषद में नियुक्ति में अनियमितता सामने आई है। यहां पर अधिकारी-कर्मचारियों ने गठजोड़ करते हुए अपने रिश्तेदारों की ही नियुक्तियां कर ली हैं। मामले में कलेक्टर सहित कई बड़े अधिकारियों तक भी शिकायत हुई लेकिन मामले को दबा दिया गया। शनिवार को कलेक्टर डॉ सतेन्द्र सिंह ने दोबारा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नोटिस देकर रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए हैं। दरअसल बकहो नगर परिषद में 35 से 40 कर्मचारियों की भर्ती हुई है। इसमें उन युवाओं की नियुक्तियां हुई हैं, जिनके रिश्तेदार नगरपालिका में पदस्थ हैं तो कुछ के राजनीतिक रसूख में भर्ती हुई है। इतना ही नहीं हाल ही में जिस सीएमओ पर वित्तीय अनियमितता और दैनिक मस्टर रोल पर 37 कर्मचारियों की नियुक्तियों में गड़बड़ी उजागर हुई है, उसे ही बकहो में होने वाली भर्ती समिति का सदस्य बनाया था। शुरू से ही बकहो परिषद में नियुक्तियों में गड़बड़ी उजागर हो रही है। मामले में युवाओं ने कलेक्टर सहित कई बड़े अधिकारियों तक शिकायत भी की है लेकिन राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

पीओ को निर्देश, नोटिस जारी करके भेजें रिपोर्ट
कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश संयुक्त संचालक मकबूल खान और पीओ डूडा अमित तिवारी को दिए थे लेकिन संयुक्त संचालक ने अब तक कलेक्टर के पास रिपोर्ट नहीं भेजी। कलेक्टर ने दोबारा शनिवार रिपोर्ट मांगी। इस दौरान रिपोर्ट पूरी न होने पर पीओ डूडा अमित तिवारी को निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट आने में लेटलतीफी पर नोटिस जारी करते हुए सोमवार तक रिपोर्ट भेजें।

ये थे सदस्य और इन पदों पर हुई नियुक्तियां
विभागीय जानकारी के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया के लिए कलेक्टर ने सीएमओ नगर पालिका धनपुरी रविकरण त्रिपाठी सहित राकेश तिवारी सहायक यंत्री, अजीत रावत उपयंत्री, सचिव ग्राम पंचायत बकहो, सुरेन्द्र चन्द्र शुक्ला को सदस्य बनाया था। इसमें सीएमओ धनपुरी पर हाल ही में तत्कालीन प्रशासन नगरपालिका ने वित्तीय अनियमितता और 37 लोगों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की रिपोर्ट दी थी। बकहो परिषद में कुल 99 पदों पर भर्तियां होनी थी। इसमें 66 नियमित और 33 संविदा पर रखने थे। इसमें प्लंबर से लेकर ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन और फायरमैन के पद भी शामिल हैं।

धनपुरी मामले में रिपोर्ट के बाद भी अधिकारियों की चुप्पी
धनपुरी नगरपालिका में तीसरी बार बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता और नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी राजनीतिक रसूख में प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। दो आइएएस अधिकारी अपनी रिपोर्ट में यहां पर लंबे समय से गड़बड़ी उजागर कर चुके हैं लेकिन दोषी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पूर्व में तत्कालीन एसडीएम आइएएस लोकेश जागीड़ में वित्तीय अनियमितता उजागर करते हुए सीएमओ सहित जनप्रतिनिधियों पर एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे लेकिन फाइल दबा दी गई। बाद में अब एक माह पहले तत्कालीन प्रशासन एसडीएम सोहागपुर ने जांच करते हुए नगरपालिका की गड़बड़ी की रिपोर्ट अधिकारियों को दी थी। बाद में अधिकारियों ने प्रशासन को तत्काल बदल दिया लेकिन दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दरअसल धनपुरी में खरीदी और नियुक्तियों में गड़बड़ी की रिपोर्ट आइएएस अधिकारी शेर सिंह मीणा ने दी थी।
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जेडी से रिपोर्ट मांगी थी लेकिन नहीं आई है। पीओ डूडा से नोटिस देकर रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए हैं।
डॉ सतेन्द्र कुमार सिंह, कलेक्टर शहडोल

बकहो परिषद से दस्तावेज मंगाए हैं। इसलिए देरी हो रही है। जांच कराई जा रही है।
मकबूल खान, जेडी नगरीय प्रशासन


अभिलेख मांगे गए हैं। अभी अब तक नहीं आए हैं। जल्द रिपोर्ट अधिकारियों को देंगे।
अमित तिवारी, पीओ डूडा

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