गोदाम में जमा नहीं हुआ चावल, नान के रेकार्ड में हो गया दर्ज, मिलर को भुगतान भी कर दिया

गोरतरा स्थित स्काई लाइन एग्रो प्राईवेट लिमिटेड गोदाम का मामला

By: amaresh singh

Published: 21 Jul 2021, 12:42 PM IST

शहडोल. जिले में लंबे अर्से से किसानों की दिन रात मेहनत से उपजाए अनाज की हेरा-फेरी का खेल खेला जा रहा है। ये संभागीय मुख्यालय से लेकर राजधानी तक चर्चा का विषय बना है। ताजा मामला नगर के गोरतरा स्थित स्काई लाईन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड गोदाम का प्रकाश में आया है। गोदाम प्रबंधन द्वारा पिछले पांच माह में नान प्रबंधक से लेकर संभागायुक्त तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन मिलर द्वारा की गई गड़बड़ी के मामले में अभी तक अधिकारियों ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया है। बताया जा रहा है कि गोदाम में चावल का लॉट जमा नहीं हुआ और नान के साफ्टवेयर में अनाज की मात्रा दर्ज हो गई और संबंधित मिलर को उसका भुगतान भी हो गया। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब मार्च में क्लोजिंग के दौरान जमा कराए गए चावल की मात्रा का मिलान किया गया। नान द्वारा कराए गए मिलान में लगभग साढ़े चार लॉट चावल के रेकार्ड नहीं मिल रहे थे। जिस पर नान प्रबंधन ने गोदाम प्रबंधन से इस संबंध में जानकारी चाही। जिस पर गोदाम प्रबंधन ने भी पूरे दस्तावेज मिलाए लेकिन उनके यहां भी साढ़े चार लॉट चावल जमा नहीं होने की पुष्टि हुई।

पोर्टल पर चढ़ा दिए फर्जी रेकार्ड
अधिकारियों के अनुसार, कई स्तर पर गड़बडिय़ां की गई है। दस्तावेज मिलान के दौरान यह तथ्य भी सामने आए हैं कि जो भी भी रेकार्ड चढ़ाए गए हैं वह फर्जी तरीके से चढ़ाए गए हैं।

अधिकारियों के पास शिकायत, 2610 बोरी का हेर-फेर
नागरिक आपूर्ति निगम विभाग के रेकार्ड में गोदाम के रेकार्ड से 2610 बोरी अधिक चावल दर्ज है। जबकि गोदाम प्रबंधन के पास उक्त चावल जमा करने संबंधी कोई दस्तावेज नहीं है। मामले का खुलासा होने के बाद गोदाम प्रबंधन द्वारा सबसे पहले 27 फरवरी 2021 को और इसके बाद 12 मार्च 2021 को एमपीडब्ल्यूएलसी तथा नान प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई थी। इसके बाद भी मामले को संबंधितों द्वारा संज्ञान में नहीं लिया गया। जिसके बाद प्रबंधन द्वारा 23 मार्च 2021 को जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर शहडोल से मामले की शिकायत की गई। जिस पर भी किसी भी प्रकार का समाधान न होने पर प्रबंधन ने 20 अप्रैल 2021 को संभागायुक्त से शिकायत की गई है।

इस तरह हुई गड़बड़ी
केस - 1
ट्रक क्रमांक एमपी 18 जीए 5588 से दिनांक 22 जून 2020 को लॉट नंबर 18 सीएमआर 20623101256827 गोदाम क्रमांक 3 बी में 580 बोरी प्राप्त हुई है। गोदाम क्रमांक 3बी में ही लॉट नंबर 19 सीएमआर 2062514110457 से 580 बोरी जमा कर दी गई जो कि गलत है। दोनो रेकार्ड में एक ही कांटी पर्ची 3703 दिखाई गई है। जबकि गोदाम में 22 जून 2020 को एक गोदाम 3बी की एंट्री उपलब्ध है।

केस- 2
ट्रक नंबर एमपी 18 जीए 1131 दिनांक 30 जून 2020 को लॉट नंबर 33 सीएमआर 20630223435927 गोदाम क्रमांक 3बी में 580 बोरी प्राप्त हुई। गोदाम क्रतांक 2बी में भी एंट्री लॉट नंबर 33 सीएमआर 20722152415910 से 580 बोरी जमा कर दी गई जबकि कांटी पर्ची 4078 दोनो रेकार्ड में दिखाया गया है। इस दिन भी प्रबंधन के पास एक गोदाम 3बी की एंट्री उपलब्ध है।

केस- 3
ट्रक नंबर एमपी 18 जीए 2648 में 290 बोरी दिनांक 27 जून 2020 को गोदाम क्रमंांक 3बी में प्राप्त हुआ। जिसे लॉट नंबर 34 सीएमआर 2076203847740 को दिनांक 2 जुलाई 2020 को उसे 580 बोरी का लॉट बना दिया गया। जबकि दिनांक 27 जून 2020 को एक गोदाम 3बी में केवल 290 बोरी की एंट्री उपलब्ध है।

केस- 4
ट्रक नंबर एमपी 18 जीए 1553 दिनांक 5 जुलाई 2020 को लॉट नंबर 32 सीएमआर 207414631130 गोदाम क्रमांक 1 सी में 580 बोरी प्राप्त हुई तथा गोदाम क्रमांक 2बी में भी एंट्री लॉट नंबर 32 सीएमआर 20722152343563 से 580 बोरी जमा कर दी गई है। दोनो रेकार्ड में ट्रक नंबर एमपी 18 जीए 1553 तथा कांटा पर्ची 4289 का उपयाग करके दोनो रेकार्ड बना दिए गए हैं। जबकि गोदाम में एमपी 18 जीए 1553 से 5 जुलाई 2020 को लॉट नंबर 32 सीएमआर 207414631130 गोदाम क्रमांक 1सी में 580 बोरी का ही रेकार्ड उपलब्ध है।

केस- 5
ट्रक क्रमांक एमपी 18 जीए 1553 दिनांक 8 जुलाई को लॉट नंबर 47 सीएमआर 2078203548350 गोदाम क्रमांक 3बी में बोरी प्राप्त नहीं हुई लेकिन 580 बोरी जमा दिखाया जा रहा है। इसमें कांटा पर्ची 4289 का उपयोग किया गया है जो कि दिनांक 5 जुलाई को भी फर्जी तरीके से दिखाई जा चुकी है।

जांच हुई तो नपेंगे कई अधिकारी
शिकायती पत्र में बताया गया है कि सभी गलत लॉट के रेकार्ड यासिर राइस मिल के रेकार्ड में पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दस्तावेजो में स्काई लाइन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड गोदाम के प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षरों का भी उपयोग किया गया है। लगभग साढ़ चार लॉट मतलब 2610 बोरी का यह हेर-फेर कहां से हुआ और कैसे हुआ यह जांच का विषय है। जिसे लेकर गोदाम प्रबंधन ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए।

गोदाम में लगभग साढ़े चार लॉट चावल जमा ही नहीं हुआ जबकि नागरिक आपूर्ति निगम के साफ्टवेयर में चावल जमा होना दर्ज है। नॉन से हमे जो रेकार्ड दिए गए थे उनसे मिलान भी कराया गया लेकिन हमारे पास साढ़े चार लॉट जमा होने के कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में हमारे द्वारा नॉन व एमपीडब्ल्यूएलसी प्रबंधन को जानकारी दी गई है। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की है।
हरीश मेहता, संरक्षक स्काई लाइन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड गोरतरा।

क्लोजिंग के दौरान सभी रेकार्ड मिलान के दौरान नान के रेकार्ड में 2610 बोरी ज्यादा अनाज जमा होना दिखा रहा है। जबकि गोदाम में अनाज जमा ही नहीं हुआ। मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर जांच कराए जाने की मांग की गई है।
राजेन्द्र तिवारी, प्रबंधक स्काई लाइन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड गोरतरा।

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