विद्यालयों का किया निरीक्षण, शिक्षकों को कर दिया अनुपस्थित

शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर रोक, शासकीय दस्तावेज न दिए जाने के निर्देश

By: shivmangal singh

Published: 20 Jul 2018, 12:13 PM IST

शहडोल। विद्यालय का निरीक्षण करने व अनाधिकृत रूप से शिक्षकों को अनुपस्थित कर उनसे पैसे मांगने के आरोप में घिरे तत्कालीन प्रभारी बीईओ राहुल सिंह को लेकर बीईओ गोहपारू ने एक पत्र जारी किया है। यह पत्र सभी हाईस्कूल / हायर सेकेण्ड्री प्राचार्यों व छात्रावास अधीक्षकों को जारी किया गया है। जिसमें तत्कालीन प्रभारी बीईओ राहुल सिंह के निरीक्षण के उद्देश्य से संस्था या छात्रावास में प्रवेश नहीं देने के निर्देश जारी किए गए है। साथ ही यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि उन्हे किसी भी प्रकार के दस्तावेज न दिखाए जाए।
क्या है मामला
तत्कालीन प्रभारी बीईओ गोहपारू राहुल सिंह पर पूर्व में एवं दिनांक १४ जुलाई को शासकीय उमावि गुर्रा के कर्मचारी पंजी आदि के निरीक्षण दौरान कुछ शिक्षकों को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रुपयो की मांग किए जाने के आरोप लगे हैं। जबकि राहुल सिंह को २६ जून २०१८ से प्रभारी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के पद से उच्च न्यायालय के पारित आदेश के परिपालन में प्रथक कर दिया गया है।
समस्त आदेश व निरीक्षण शून्य
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गोहपारू द्वारा सभी संस्था प्रमुखों को पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि पद से प्रथक होने के बाद भी राहुल सिंह द्वारा संस्थाओं का निरीक्षण कर एरियर, शिक्षकों का वेतन भुगतान एवं अन्य देयक / बिल पर स्वयं के हस्ताक्षर कर धड़ल्ले से पास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रभार में न रहते हुऐ भी तत्कालीन प्रभारी बीईओ द्वारा शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण व दस्तावेजों में हस्ताक्षर कर राशि आहरण की स्वीकृति प्रदान किया गया है। जिससे शासकीय राशि में हेरा-फेरा की आशंका भी संबंधित पत्र में जताई गई है। जिसे देखते हुऐ २६ जून २०१८ से उनके द्वारा जारी समस्त आदेश / पत्र, निरीक्षण इत्यादि को शून्य घेाषित किया जाता है। साथ ही सभी संस्था प्रमुखों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि राहुल सिंह संस्था में निरीक्षण आदि के कार्य से आते हैं तो उन्हे प्रवेश न दिया जाए। किसी भी प्रकार से केाई शासकीय पंजी आदि न दी जाए।

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