आठ दशक पुराना है स्कूल, छात्रों ने बनाई विशेष पहचान, अब इएफए भी घोषित

पहले उत्कृष्ट विद्यालय का मिला दर्जा, अब डिजिटाइलेशन के साथ इएफए भी

By: amaresh singh

Updated: 22 Jan 2021, 11:45 AM IST

शहडोल. नगर का यह शासकीय विद्यालय आजादी के लगभग 14 वर्ष पहले से संचालित है। इस विद्यालय के छात्रों ने अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है। शैक्षणिक गुणवत्ता व व्यवस्थाओं को लेकर पहले इस विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा मिला और अब यह ईएफए घोषित हो गया है। जल्द ही यह विद्यालय पूर्ण रूप से डिजिटल होगा। हम बात कर रहे हैं नगर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुराज क्रमांक 02 की। इस विद्यालय की नीव लगभग आठ दशक पूर्व वर्ष 1933 में रखी गई थी। जिसके बाद से इस विद्यालय ने लगातार प्रगति करते हुए अपनी अलग ही पहचान बनाई है। साथ ही यहां से पढ़ाई कर निकले छात्रों ने कई मुकाम हासिल कर अपना व अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है।


पूरी तरह से स्कूल होगा डिजिटल
आजादी के लगभग डेढ दशक पहले से संचालित यह विद्यालय जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस होगा। पहले इसे उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा मिला और अब यह ईएफए घोषित किया गया है। जिसके तहत इस विद्यालय को पूरी तरह से डिजिटल करने की तैयारी चल रही है।


अनुशासन के लिए बनाई पहचान
रघुराज क्रमांक 02 के पूर्व छात्र कुलसचिव पं. एस एन शुक्ल विवि डॉ विनय सिंह बताते हैं कि वर्ष 1970 के दशक में अनुशासन के लिए इस विद्यालय की विशेष पहचान था। उस समय यह विद्यालय केवल शहडोल जिले में ही नहीं बल्कि पूरे रीवा संभाव में जाना जाता था। इसी अनुशासन की वजह से यहां से अध्ययन कर निकलने वाले छात्रों ने विशेष मुकाम हासिल किया है।

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