एसडीएम ने लगाई धारा 144, कलेक्टर ने 7 घंटे में किया निरस्त

Shahdol online

Publish: Dec, 07 2017 04:45:01 (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
एसडीएम ने लगाई धारा 144, कलेक्टर ने 7 घंटे में किया निरस्त

पुलिस के पाले में डाली गेंद, कहा पुलिस के प्रतिवेदन पर हटाई धारा

शहडोल. बावरी विध्वंश के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शौर्य दिवस, भगवा यात्रा एवं अन्य कार्यक्रमों के चलते एसडीएम सोहागपुर लोकेश कुमार जागीड़ द्वारा लगाई गई धारा 144 को कलेक्टर ने निरस्त कर दिया। आदेश जारी होने के ठीक 7 घंटे भीतर कलेक्टर द्वारा निरस्त किए गए इस आदेश ने कई सवालिया निशान लगा दिए हैं। कई संगठन बावरी विध्वंश के 25 वर्ष पूर्ण होने पर धनपुरी एवं शहडोल में शौर्य दिवस, भगवा यात्रा एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा था। धर्म विशेष की भावनाओं को मद्देनजर रखते हुए एसडीएम सोहागपुर लोकेश कुमार जांगीड़ ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 173 की धारा 144 (1) के अंतर्गत शहडोल नगर पालिका, धनपुरी नगर पालिका तथा बुढ़ार नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत धारा 144 प्रभावशील कर दी गई थी।

क्षेत्र में किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, रैली के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया था। एसडीएम द्वारा ढाई बजे धारा १४४ का आदेश दिया था। इसके ठीक बाद रात साढ़े नौ बजे प्रभारी कलेक्टर द्वारा आदेश को निरस्त कर दिया गया। आदेश निरस्त करने का फैसला दिनभर चर्चाओं में था। सूत्रों की मानें तो राजनैतिक दबाव में आकर अधिकारियों ने आनन फानन में धारा 144 को निरस्त कराया है।

इनका कहना है
प्रभारी कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य के मुताबिक धारा 144 को निरस्त कर दिया गया है। एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर अवगत कराया गया था कि सभी अनुविभाग और थानों में पर्याप्त बल है। शांती भंग होने की कोई स्थिति नहीं थी। पुलिस द्वारा एसडीएम के पारित आदेश को हटाने जाने के लिए प्रतिवेदित किया गया। जिसके बाद यह धारा १४४ निरस्त कर दी गई।

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आवास के लिए भटक रहा दिव्यांग
शहडोल - शासन द्वारा गरीबों और दिव्यांगों के लिए चलाई गई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण दिव्यांग भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जिले के जैतपुर तहसील के गांव खामीडोल निवासी रामप्रताप तिवारी लोगों की मदद से कलेक्ट्रेट पहुंचा और कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई। उसने कलेक्टर को शिकायत करते हुए बताया कि वह २० वर्ष से लगातार कलेक्ट्रेट सहित अन्य कार्यालयों का चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन इसके बाद भी उसे इंदिरा आवास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उसने बताया कि उसे दिव्यांग पेंशन के नाम पर 500 रुपए मिलते है, जिससे गुजारा होना मुश्किल हो रहा है। पीडित दिव्यांग ने कलेक्टर से आवास की सुविधा दिलाए जाने की मांग की है।

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