हो गई ऐतिहासिक मेले की शुरुआत, जनता को था बेसब्री से इंतजार

shivmangal singh

Publish: Jan, 14 2018 07:53:27 (IST)

Shahdol, Madhya Pradesh, India
हो गई ऐतिहासिक मेले की शुरुआत, जनता को था बेसब्री से इंतजार

दिन में ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने लिया मेले का लुत्फ, शाम को पहुंचे शहर के लोग, झूला, जादू, मौत का कुआं का सैलानियों ने उठाया आनंद

शहडोल. मकर संक्राति के पर्व पर नगर के बाणगंगा और विराट मंदिर में श्रद्धालुओं का भोर 4 बजे से ही जन सैलाब उमड़ पड़ा, शहर सहित आसपास के ग्रामीण बाणगंगा कुण्ड में डुबकी लगाने पहंचे और स्नान करने के बाद बाणगंगा कुण्ड के समीप स्थित विराट मंदिर पहुंचकर भगवान शिव को जल अर्पण करते हुए पूजन अर्चन किए। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु डूबकी लगाने अपनी बारी का इंतजार करते हुए दिखाई दिए। कुण्ड और आसपास मेला प्रांगण में प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए व्यपक इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी परेशानी से शामना नहीं करना पड़े। इसके बाद सुबह 10.10 बजे क्षेत्रीय विधायक प्रमिला सिंह ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। मेला शुभारंभ कार्यक्रम को उन्होने सम्बोधित करते हुए कहा कि मेले हमें भाई चारे, सामाजिक समरसता, एकता और बंधुता का संदेश देते हैं। उन्होने कहा कि समाज में ऊंच-नीच, जाति-पांति के भेद को मिटाने में धार्मिक मेले अह्म भूमिका निभाते हैं। उन्होने कहा कि मेलों का उद्देश्य खुशहाली, सामाजिक समरसता एवं आपस में खुशियां बांटना है। उन्होने कहाकि ऐतिहासिक बाणगंगा मेला जिले के नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा मेला है, इसका शुभारंभ आज से कई वर्षों पूर्व हुआ था, यह मेला हर वर्ष भव्यता का स्वरूप ले रहा है। समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर नरेश पाल ने कहा कि जिले में आज भी मेलों की स्वस्थ्य परंपरा है, लोग बढ़चढ़कर मेलों शामिल होते हंै तथा एक दूसरे से खुशिया बांटते हैं। उन्होने कहा कि सभी लोग मेलों से आनंद उठाएं तथा सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें, उन्होने कहा कि बाणगंगा मेले में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा स्टॉल एवं प्रदर्शनियां लगाई गई है। स्टॉलों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों द्वारा ग्रामीण जनों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मेले के लिये माकूल सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई है। समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष नगर पालिका उर्मिला कटारे ने कहा कि मेले का मतलब ही दिलों का मिलना है। उन्होने कहा कि मेले में आपस में लोग मिलकर एक दूसरे की खुशियों को साझा करते हैं। उन्होने कहा कि पांच दिवसीय बाणगंगा मेले में रात्रि में रंगारंगा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगें जिसमें छत्तीसगढ़ी लोक संगीत, भोजपुरी संगीत, बुंदेंलखण्डी गीतों सहित लोकगीतों का कार्यक्रम होगा। उन्होने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे बाणगंगा मेले का आनंद उठाएं। समारोह को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष कुलदीप निगम ने कहा कि बाणगंगा मेला ऐतिहासिक मेला है, इसकी भव्यता में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है, इस मेले में दूर दराज से लोग आकर मेले का आनंद उठाते हैं। समारोह को कुंवर हर्षवद्र्धन सिंह, सीएमओ विद्याशंकर चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश जगवानी, सत्यभामा गुप्ता, अनुपम अनुराग अवस्थी, मार्तण्ड त्रिपाठी, संतोष लोहानी, महेश भागदेव,राकेश कटारे, शक्ति लक्ष्यकार, एडीएम सरोधन सिंह, कल्पना सोनी, गिरधर प्रताप सिंह, प्रमोद जैन पम्मू, अमरनाथ चौधरी, गोपाल रत्नम, प्रभात पाण्डेय, संचिता सरवटे, विन्धेश्वरी परस्ते, मोहम्मद इशहाक, सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
नेता बैठे मंच पर भजन मण्डली जमीन पर-
बाणगंगा मेला मैदान में अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला, जहां विधायक और नपा का अमला तथा पार्षद और भाजपा नेता मंच पर आसीन नजर आए वहीं भजन कीर्तन मण्डली को जमीन पर बैठाया गया, इस तरह मण्डली के सदस्यों को अपमानित होना पड़ा। इसी तरह से मेला प्रांगण में खिचड़ी का वितरण तो किया गया लेकिन वहां पर स्वच्छता की अनदेखी नपा द्वारा देखने को मिली जहां डस्टविन नहीं रखाए जाने के कारण लोग वहीं दोना- पत्तल फेंककर चलते बने, नपा द्वारा चलाया गया मोदी का स्वच्छता अभियान कितना नपा के लिए औचित्यपूण्र्पा है, यह लोगों को देखने को मिला।
विभिन्न विभागों की लगी प्रदर्शनी
विधायक और कलेक्टर ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन
ऐतिहासिक बाणगंगा मेले में जनसम्पर्क विभाग, कृषि, आदिम जाति कल्याण, ओरियंट पेपर मिल, स्वास्थ्य, पीएचई, उद्यानिकी, नगर पालिका, पशु पालन, ऊर्जा, लोकसेवा प्रबंधन विभाग द्वारा स्टॉल एवं विकास प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। स्टॉलों के माध्यम से मेले में दूर-दराज से आने वाले लोगों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है वहीं ग्रामीण जनों को कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित पंपलेट, ब्रोसर भी मुहैया कराये जा रहे हैं। जनसम्पर्क विभाग द्वारा मेले के प्रथम दिवस लगभग 1 हजार आगे आयें लाभ उठायें किताबों का वितरण ग्रामीणों को किया गया। प्रदर्शनी का कलेक्टरनरेश पाल एवं विधायक प्रमिला सिंह, नपा अध्यक्ष र्मिला कटारे सहित अन्य लोगों ने निरीक्षण किया।

छत्तीसगढ़ी सूफी कार्यक्रम की प्रस्तुती आज
शहडोल. बाणगंगा मेले में रात्रि कालीन कार्यक्रमों में रंगारंग सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति की जा रही है। 15 जनवरी को सांय 7 बजे से बाणगंगा मेले में छत्तीसगढ़ी सूफी कार्यक्रम की प्रस्तुती दी जाएगी। इसी तरह से16 जनवरी को शाम 7 बजे से भोजपुरी संगीत नृत्य ममता वर्मा एण्ड ग्रुप की प्रस्तुति होगी। 17 जनवरी को गमछागिरी-गिरी जाय फेम प्रेमलाल सारीवान ग्रुप की प्रस्तुति की होगी वहीं 18 जनवरी को बुंदेलखण्ड लोकगीत जितेंद्र खरे बादल ग्रुप की रंगारंग प्रस्तुति होगी। नगर पालिका अध्यक्ष उर्मिला कटारे ने नगर के लोगों से नागरिकों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाने की अपील की है।

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