मन की बात बता सकेंगे छात्र-छात्राएं

हॉस्टल प्रबंधन को समस्याओं का तुरंत करना होगा निराकरण

By: Shahdol online

Published: 09 Dec 2017, 01:18 PM IST

शहडोल. छात्रावासों-आश्रमों में रह रहे छात्र-छात्राएं अब अपने मन की बात बता सकेंगे। इसको लेकर शासन यहां पर शिकायत पेटिका लगवाने जा रहा है, जिससे बच्चों को अपनी परेशानी बताने में कोई झिझक न हो।
कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य विकास मध्य प्रदेश ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग और जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग को एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें निर्देशित किया गया है कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रम शालाओं में तत्काल शिकायत पेटी लगवाई जाए।
कन्या आश्रम और छात्रावास में रह रहे बच्चों को हो रही समस्याओं के संबंध में किसी को जानकारी नहीं हो पाती है। न ही वह किसी से अपनी समस्या बता पाते हैं। ऐसी स्थिति में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। जिसे ध्यान में रखते हुए आयुक्त जनजातीय कार्य विकास विभाग मध्य प्रदेश द्वारा उक्त पत्र जारी किया गया है।
समस्या का करना होगा समाधान
जनजातीय कार्य विकास विभाग मध्य प्रदेश ने पत्र जारी करके कहा है कि छात्रावासों और आश्रमों में लगाई गई शिकायत पेटियों में प्राप्त शिकायतों को हर रोज देखना होगा। इसके बाद छात्र-छात्राओं की समस्याओं का तुरंत समाधान भी करना होगा। भोपाल से निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि हॉस्टल प्रबंधन छात्र-छात्राओं की समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं देते हैं और उनकी शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अध्यापक संघ का धरना 10 को
शहडोल ञ्च पत्रिका. अध्यापक महासंघ के बैनर तले राज्य अध्यापक संघ के प्रांतीय आह्वान पर १० दिसंबर को जय स्तंभ चौक में एक सूत्रीय मांग शिक्षा विभाग में संविलियन को लेकर अध्यापक धरना, प्रदर्शन करेंगे। बताया गया कि शासन अध्यापकों का २० वर्षों से शोषण कर रहा है। अध्यापक संघ अपनी मांग को लेकर १० दिसंबर को विरोध प्रदर्शन करेगा। अपील करने वालों में सुधाकर तिवारी, जितेंद्र कुमार, अखिलेश दुबे, आरके कोरी, ऊषा पटेल, जेपी मिश्रा, अशोक तिवारी, सनत कुमार, विवेक नामदेव शामिल हैं।

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