शिक्षकों ने दी सरकार को चेतावनी, कहा तब सिखाएंगे सबक

मांगे नहीं मानी तो सरकार की नीतियों का होगा विरोध

By: shivmangal singh

Published: 12 Nov 2017, 02:50 PM IST

शहडोल. पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में अतिथि विद्वान, प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी व ग्रन्थपाल की बैठक आयोजित की गई। जिसमें संभाग के सैकड़ो अतिथि विद्वान उपस्थित रहे। बैठक में अतिथि विद्वानों व ग्रंथपालों ने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर चर्चा की। इस दौरान सभी ने कहा कि यदि सरकार हमारी बाते नही मानती है तो हम सरकार के विरुद्ध उसकी नीतियों का खुला विरोध करेंगे। सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा बेरोजगारी की कमी को बच्चों के बीच उजागर करेंगे। साथ ही 2018 में बच्चों से गुरु दक्षिणा के रूप में उनका वोट अपने पक्ष में मांगने का काम करेंगे। बैठक में पूरे संभाग के सभी विषयों के अतिथि विद्वान उपस्थित रहे एवं सभी बैठक में लिये गये निर्णय से सहमत हुये।
प्रदेश भर में अतिथि शिक्षक सरकार से अपनी मांगे पूरी करने के लिए मांग कर रहे हैं। उनकी कई मांगे हैं। इसमें उनकी मांग उनको नियमित करने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों की तरह सुविधाएं भी देने की मांग की है।


हर रोज बढ़ रहा समर्थन
अतिथि शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर लगातार समर्थन बढ़ रहा है। शिक्षकों की मांगों को जायज ठहराते हुए अन्य संगठन भी समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा दूसरे संविदा कर्मचारी भी अतिथि शिक्षकों के साथ आ गए हैं। इसके चलते लगातार उनका समर्थन और संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।


2018 में सिखाएंगे सबक
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार को सबक सिखाएंगे। अतिथि शिक्षकों ने बैठक करके कहा कि वे उनके पढ़ाए हुए छात्रों से गुरुदक्षिणा में उनका वोट मांगेगे और वह वोट सरकार के खिलाफ जाएगा, जिससे सरकार को सबक मिलेगा। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2018 में है। इस बार इस चुनाव को लेकर भाजपा काफी दबाव में दिख रही है। सभी ने कहा कि यदि सरकार हमारी बाते नही मानती है तो हम सरकार के विरुद्ध उसकी नीतियों का खुला विरोध करेंगे। सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा बेरोजगारी की कमी को बच्चों के बीच उजागर करेंगे।

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