प्रदेश के इस शहर में पड़ रही गजब की ठंड, जमने लगी बर्फ

पर्यटकों का लग रहा जमावड़ा

By: Shahdol online

Published: 04 Jan 2018, 05:56 PM IST

शहडोल- वैसे तो पूरे संभाग में ही गजब की ठंड पड़ रही है। लेकिन अमरकंट में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आलम ये है कि वहां का तापमान जीरो डिग्री पर पहुंच गया है। जिससे बर्फ की परत भी जमने लगी है। एक ओर ठंड पड़ रही है तो दूसरी ओर अमरकंटक में इस मौसम का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों का भी जमावड़ा लग रहा है।

पर्यटकों को लुभा रहा अमरकंटक
अमरकंट की फिजा इन दिनों पर्यटकों को खूब लुभा रही है। वहां की सर्द हवाएं, उपर की सतह पर हल्की बर्फ जमना, लोगों को खूब पसंद आ रहा है। और अभी मकरसंक्रांति को देखते हुए यहां पर्यटकों का जमावड़ा और लगने वाला है।

The cold freezing snow falling in the city of the state
IMAGE CREDIT: patrika

अभी और गिर सकता है पारा
जानकारों की मानें तो जो हालात अभी नजर आ रहे हैं उसे देखते हुए यहां और ठंड पडऩे के आसार हैं, यहां पारा और गिर सकता है, अभी तापमान जीरो डिग्री पर है, उससे नीचे भी जा सकता है।

खास है अमरकंटक
बताया जाता है कि अमरकंटक विंध्याचल, सतपुड़ा और मैकाल पर्वत श्रृखंला में स्थित है। जहां भगवान शिव और उनकी बेटी नर्मदा से सम्बंधित कई रहस्यमय कहानियां अमरकंटक से जुड़ी हुई हैं। वहीं नर्मदा माता के लिए समर्पित यहां पर २६ मंदिर स्थित है। इनमें मां नर्मदा उद्गम स्थल सहित माई की बगिया, श्रीयंत्र महामेडू मंदिर, राजराजेस्वरी मंदिर, शंकराचार्य आश्रम, कल्याण सेवा आश्रम मंदिर, एशिया प्रसिद्ध मंदिर दिगम्बर जैन मंदिर, जालेश्वर महादेव मंदिर, गुरूद्वारा सहित पर्यटकों को लुभाने वाली विशेष पर्यटन स्थल, सोनमुड़ा, कपिलधारा, धुनीपानी, भृगु कंडल, जालेश्वर, दुर्गाधारा, शम्भू धारा, रूद्रगंगा नौका बिहार पुष्कर डैम व झूला के लिए मैकल पार्क आकर्षण का केन्द्र है। वहीं अमरकंटक पर्यटन के साथ चिकित्सीय पद्धति में उपयोग होने वाले जड़ी- बुटियों का भी गढ़ माना जाता है। जिनकी वनीय क्षेत्र में ब्राम्ही, गुलबाकाबली, सफेदमुसली, काली मुसली सहित तेजराज, भोजराज, पातालकुंडहा जैसी औषधियों से भरपूर है।

प्रसिद्धि का मुख्य कारण
प्रकृतिका अद्भुत नजारा होने के साथ अमरकंटक औषधियों के लिए भी देशभर में प्रसिद्व है, यहां के घने जंगल, पहाडिय़ां किसी का भी मन मोह लें। इसके अलावा मकर संक्राति, महा शिवरात्रि पर्व, नर्मदा जयंती उत्सव, अमावस्या पूजन, पूर्णमासी स्नान के साथ पवित्र नदी उद्गम नर्मदा कुंड स्नान के कारण पर्यटकों के अलावा विदेशी पर्यटकों को यह स्थल अनायास ही अपनी ओर खींच रही है।

नर्मदा दर्शन का महत्व
ज्यादातर सैलानियों का कहना है की वो अपने नए साल की शुुरुआत मां नर्मदा के दर्शन के साथ करना चाहती हैं, ऐसी मान्यता है कि मां नर्मदा स्नान से पुण्यात्माओं व श्रद्धालुओं को दुर्लभ रामेश्वर यात्रा के सौ गुणा पुण्य की प्राप्ति होती है, मां नर्मदा को लेकर लोगों में काफी श्रृद्धा, आस्था है, अमरकंटक ही नर्मदा नदी का उद्गम स्थल है।

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