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नहीं छूट रहा था कुर्सी का मोह, कलेक्टर ने फटकार लगाई तो नवीन पदस्थापना पर किया ज्वाइन

locationशाहडोलPublished: Mar 17, 2023 12:26:25 pm

Submitted by:

shubham singh

बीते डेढ़ माह से कलेक्टर के आदेश को नहीं मान रहे थे बीआरसी

नहीं छूट रहा था कुर्सी का मोह, कलेक्टर ने फटकार लगाई तो नवीन पदस्थापना पर किया ज्वाइन
नहीं छूट रहा था कुर्सी का मोह, कलेक्टर ने फटकार लगाई तो नवीन पदस्थापना पर किया ज्वाइन

शहडोल. 20 जनवरी को बीआरसी के स्थानातंरण आदेश के बाद भी जिले के तीन जनपद शिक्षा केन्द्रों के बीआरसी अपने नवीन पदस्थापना पर जाने को तैयार नहीं थे। वर्षों से एक ही स्थान पर डटे बीआरसी प्रभारियों के फेरबदल करने कलेक्टर ने आदेश जारी किया था। अधिकारियों से आपसी गठजोड़ व कुर्सी की मोह से बीआरसी अपने पुराने स्थानों पर ही डटे हुए थे। जिसके कारण शासकीय काम काज प्रभावित हो रहा था। पत्रिका ने बीआरसी के नवीन स्थान पर पदभार ग्रहण न करने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन के बाद कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लिया और फटकार लगाते हुए तीनों बीआरसी को नवीन पदस्थापना वाले स्थान पर जाने को कहा। जिसके बाद बुढ़ार, सोहागपुर व ब्योहारी के जनपद शिक्षा केन्द्रों में बीआरसी ने 14 मार्च को पदभार ग्रहण कर लिया। जिले के जनपद शिक्षा केन्द्रों में बीआरसी की फेरबदल करने 20 जनवरी 2023 को आदेश जारी किया गया था। जिसमें महेन्द्र कुमार मिश्रा जनपद शिक्षा केन्द्र ब्योहारी को सोहागपुर, सीताराम दुबे को सोहागपुर से बुढ़ार व मनोज केशरवानी शिक्षक ग्राम खरपा से जनपद शिक्षा केन्द्र ब्योहारी व रामनारायण विश्वकर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यलाय भुरसी गोहापारू से जनपद शिक्षा केन्द्र जयसिंहनगर प्रतिनियुक्ति की गया था। जिसमें जयसिंहनगर में बीआरसी ने पदभार संभाल लिया था। लेकिन बुढ़ार, सोहागपुर व ब्यौहारी बीआरसी कुर्सी की मोह के कारण आपसी गठजोड़ कर कलेक्टर के आदेश को नहीं मान रहे थे। खबर प्रकाशन के बाद 13 मार्च को तीनों बीआरसी को मुक्त करते हुए नवीन पदस्थापना पर जाने कलेक्टर ने फटकार लगाई थी।
बुढ़ार में फंसा था पेंच
जानकारों की माने तो बुढ़ार जनपद शिक्षा केन्द्र में पदस्थ बीआरसी सीवी शुक्ला के कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद भी करीब 11 वर्षों से एक ही स्थान पर डटे हुए थे। जिसके के कारण बीते डेढ़ महीने से नवनी पद स्थापना नहीं हो पा रही थी। विभागीय जानकारों की माने तो शासकीय बजट से मिलने वाले कमीशन से उनका मोह नहीं छूट रहा था, जिससे वह बुढ़ार छोडऩे को तैयार नहीं थे। वहीं नवीन पद स्थापना में सीताराम दुबे के पदभार लेते ही उन्हें मूल पदस्थापना पर भेज दिया गया है।
इनका कहना
तीन बीआरसी कलेक्टर के आदेश के बाद भी बीते डेढ़ महीने से मुक्त नहीं हो रहे थे जिन्हे 13 मार्च को मुक्त कर नवीन पदस्थापना पर भेज दिया गया है।
पीएस मारपाची, प्रभारी डीपीसी

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