संभाग का पहला गांव, जहां शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन, ग्राम पंचायत ने किया दावा, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया सत्यापन

कोरोना को हराने वैक्सीनेशन में मॉडल बना आदिवासी बाहुल्य गांव जमुई
3180 की आबादी में 1855 व्यक्ति 18 प्लस, सभी पात्रों का हुआ वैक्सीनेशन

By: Ramashankar mishra

Published: 14 Jun 2021, 12:26 PM IST

शहडोल. कोविड-19 वैक्सीनेशन में शत-प्रतिशत ग्रामीणों का टीकाकरण कराकर आदिवासी बाहुल्य गांव जमुई ने देश एवं प्रदेश स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। लगातार कोरोना संक्रमण गांव में बढ़ रहा था। ग्रामीण कोरोना संक्रमित हो रहे थे। इसके बाद यहां शुरुआती दौर में कई कैंप लगाए गए लेकिन ग्रामीण वैक्सीन लगवाने से परहेज कर रहे थे। जिसके बाद यहां के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ मिलकर ग्रामीणों द्वारा टीकाकरण न कराने का कारण जानने का प्रयास किया गया। इसके बाद घर-घर दस्तक दी और लोगों को वैक्सीन लगवाने के फायदे बताए। देखते-देखते शत् प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन लगवा ली। आदिवासी बाहुल्य ग्राम जमुई की जनसंख्या 3180 तथा यहां 18 वर्ष से ऊपर के 1855 लोग है। कैंप लगाकर पूरे गांव में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन कराया जा चुका है।
असमंजस में थे ग्रामीण, दूर किया लोगों का भ्रम
जमुई में प्रारंभ में कई टीकाकरण कैंप आयोजित किये गए लेकिन ग्रामीण असमजंस्य की स्थिति में थे और टीकाकरण नही करा रहे थे। समन्वय एवं सहभागिता से इस महामारी को हराने के लिए जमुई के सरपंच भईया लाल बैगा, उप सरपंच मीनू सिंह के साथ टीकाकरण अधिकारी अंशुमान सोनारे, पुनीत श्रीवास्तव एवं जिला प्रशासन ने मंथन कर उन कारणों को जाना जिसके कारण जमुई के लोग टीकाकरण नहीं करा रहे थे। उनकी मनोस्थिति को समझते हुए घर-घर दस्तक देकर टीकाकरण के फायदे बताकर मिशन की तरह सभी ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
पांच दिन लगाया कैम्प, घर से लाकर कराया वैक्सीनेशन
कोरोना की जंग में गांव में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लिए 6 जून से 12 जून तक लगातार उप स्वास्थ्य केन्द्र जमुई में वैक्सीनेशन कैंप आयोजित किया गया। जिसके पहले दिन ही गांव के 297 लोग जो 18 वर्ष से ऊपर के थे उन्होंने उत्साहपूर्वक अपना टीकाकरण कराया। जिसके बाद से अब तक जमुई के 1900 लोग जो 18 वर्ष से ऊपर है उनको कोविड वैक्सीनेशन का पहला डोज लगाया जा चुका है। इनमें से दिव्यांगों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और
जमुई के 6 दिव्यांगोंं ने बचाव का टीका लगवाया। आसपास के गांवों को भी अब प्रेरित किया जा रहा है।
पंचायत ने किया दावा, टीम ने किया सत्यापन
पांच दिन के कैंप के बाद ग्राम पंचायत जमुई द्वारा शत प्रतिशत वैक्सीनेशन का दावा प्रशासन के समक्ष रखा। जिसके बाद शुक्रवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम वैरिफिकेशन के लिए ग्राम पंचायत पहुंची। जब जिला स्तरीय टीम ग्राम जमुई पहुंची तो उन्हे जानकारी मिली कि गंभीर बीमारियों से पीडि़त 6 व्यक्ति टीकाकरण करवाने में असमर्थता दिखा रहे है तो जिला स्तरीय टीम ने घर-घर जाकर उनको समझाइश देकर उनका भी टीकाकरण कराया। जमुई में गर्भवती माताएं तथा कुछ ऐसे व्यक्ति जो कोरोना पॉजिटिव है उनका टीकाकरण अभी शासन के प्रोटोकाल के अनुसार नहीं हुआ है।
फैक्ट फाइल
गांव की जनसंख्या 3180
18 प्लस ग्रामीण 1855
अब तक वैक्सीनेशन 1782
वैक्सीनेशन नहीं हुआ 73
गर्भवती महिला 16
कोरोना पॉजिटिव 25
वोटर लिस्ट से नाम नहीं कटा 30
गांव से बाहर 02

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