प्रदेश के इस जिले में पंचायत की रेत खदान को चला रहे रेत कारोबारी

सरपंच-सचिव को नहीं पता इटीपी का पासवर्ड
1300 रुपए के टोकन से सैकड़ो डंपर रेत परिवहन
जिपं अध्यक्ष ने किया निरीक्षण तो हुआ खुलासा

By: Ramashankar mishra

Updated: 06 Jan 2020, 10:11 PM IST

शहडोल. जिले में रेत माफियाओं की धौंस के सामने सब बौने साबित हो रहे हैं। कायदे कानून को ताक पर रखकर यह रेत कारोबारी बेखौफ होकर रेत का कारोबार कर रहे हैं। इन कारोबारियों पर ऐसी रहमत बरस रही है कि यह प्रतिदिन शासन को लाखों रुपए के राजस्व का बट्टा लगा रहे हैं। इस रेत के कारोबार पर रोक लगाने की जहमत न तो प्रशासनिक अमला उठा पा रहा है और न हीं पुलिस मोहकमा इनके गिरेवां में हाथ डाल पा रहे हैं। ग्राम पंचायतों के नाम से स्वीकृत की गई रेत खदानों से ग्राम पंचायत का विकास तो नहीं हो रहा लेकिन रेत कारोबारी अच्छा खासा फल-फूल रहा है। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर ग्राम पंचायत हर्रहाटोला के ग्राम सोनटोला स्थित रेत खदान में कुछ ऐसा ही माफियाराज देखने मिला। जहां रेत माफियाओं ने अपनी सल्तनत बना रखी है। यहां रेत खदान की स्वीकृति तो ग्राम पंचायत को मिली है लेकिन पूरा संचालन रेत कारोबारियों के हाथो में है।
सरपंच-सचिव को कुछ पता नहीं
ग्राम पंचायत हर्रहाटोला की सरपंच मुन्नी बााई व सचिव कोदूराम पाव से पूछा गया तो वह कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए। उनका कहना था कि पासवर्ड मिला है पर हमे जानकारी नहीं है। इटीपी पर्ची कटती है और राशि खाते में जाती है। लैपटॉप के माध्यम से पर्ची काटी जाती है। इसके अलावा टोकन व अन्य विषयों को लेकर वह कुछ भी मौके पर नहीं बोल पा रहे थे।
निरीक्षण में हुआ खुलासा
रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष नारेन्द्र मरावी ग्राम सोन टोला निरीक्षण करने पहुंचे। जहां उन्होने ग्राम पंचायत को स्वीकृत रेत खदान के संबंध में जानकारी चाही। साथ ही वहां से गुजर रहे वाहनों को रोककर ईटीपी दिखाने के लिए कहा। वाहन चालकों के पास न तो ईटीपी थी और न ही ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों को पासवर्ड व ईटीपी के संबंध में कोई जानकारी थी। पूछतांछ के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि एक ईटीपी के दम पर प्रतिदिन एक वाहन से 8 से 10 ट्रिप रेत परिवहन किया जा रहा है। जिसके एवज में 1300 रुपए का टोकन काटा जाता है जबकि एक ईटीपी के 2000 रुपए लिए जा रहे है। नियमत: ग्राम पंचायत ने 875 रुपए रेट निर्धारित है। राजस्व चोरी व रेत खदान के नाम पर हो रही अनियमितता के खुलासे के बाद जिलापंचायत अध्यक्ष द्वारा मौके पर पंचनामा बनाया गया व रेत खदान की नाप कराके सरपंच व सचिव से राजस्व वसूली की बात कही गई। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य सुनीता सिंह, तेज प्रताप के साथ आरईएस विभाग गोहपारू के अधिकारी कर्मचारियों के साथ ग्रामीण उपस्थित रहे।

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