तस्करों को सुना दी गई है 1 साल की सजा

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By: shivmangal singh

Published: 13 Mar 2018, 05:41 PM IST

तस्करों को सुना दी गई है 1 साल की सजा

शहडोल- गुनाह का आखिरी अंजाम आखिरकार सजा ही है। गुनहगार कितना भी क्यों ना बच ले, वो कानून की नजर से नहीं बच सकता। समय जरूर कुछ लग सकता है लेकिन अगर उसने गुनाह की है तो उसे सजा से कोई नहीं बचा सकता। कुछ ऐसा ही हाल हुआ है इन पशु तस्करों का, जिन्हें 1-1 साल की सजा सुना दी गई है।

शहडोल प्रथम श्रेणी न्यायाधीश सुमन उइके ने सात पशु तस्करों को 1-1 साल की कठोर करावास की सजा सुनाई है। आशिफ खान, बाबूलाल, राम कृपाल, राजेश्वर, सलमान, रामविकास और राशिद खान को सजा दी गई है। गौरतलब है कि 2 अप्रैल 2012 को इन तस्करों को पुलिस ने पशु तस्करी करते पकड़ा था। कोतवाली पुलिस ने पशु तस्करी करते हुए रीवा रोड से इन्हें गिरफ्तार किया था। शासन की ओर से एडीपीओ संतोष पाटले ने इस मामले की पैरवी की थी।
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रैकी कर तस्करों को दे रहे थे प्वाइंट, 12 आरोपियों पर मामला दर्ज
शहडोल - जिले में पशु तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सांठगांठ के चलते पशु तस्कर सेंधमारी करते हुए गाडिय़ां निकाल रहे हैं। शनिवार की देर रात पशु तस्कर देवलोंद, ब्यौहारी और जयसिंहनगर से होकर गोहपारू थाना क्षेत्र से निकलने का प्रयास कर रहे थे। गोहपारू प्रभारी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि ट्रक क्रमांक एमपी 19 एचए 4029 और एमपी 19 एच 3622 में मवेशियों को लोड करके बूचडख़ाना ले जाया जा रहा है। पुलिस ने आधी रात नाकाबंदी की तो अंधेरे में दोनों ट्रक के चालक वाहन छोड़कर जंगल में भाग निकले। पुलिस ने बताया कि एक ट्रक में 23 और दूसरे ट्रक में 27 मवेशियों को ठसाठस भरा गया था।

पुलिस के अनुसार पशु तस्करों के वाहन के पहले दो कार पेट्रोलिंग कर रही थी। दोनों कार में मौजूद लोग पेट्रोलिंग करते हुए पशु तस्करों को प्वाइंट दे रही थी। पुलिस ने कार क्रमांक एमपी 19 सीबी 6796 और एमपी 65 टी 0138 को टै्रस किया है। जिनके माध्यम से तस्करों के वाहन से आगे चलकर रैकी की जा रही थी। पुलिस ने कार में सवार वसीम, अफसर उर्फ पप्पू, अब्बास निवासी धनपुरी और आनू पिता सरीफ निवासी कच्छी मोहल्ला, साजिद निवासी सतना, नसीर खान निवासी सतना सहित 12 पर मामला दर्ज किया है।

नहीं पहुंचे मवेशी तो जमकर झगड़ा
गोहपारू पुलिस के अनुसार आरोपियों को केशवाही तक मवेशी पहुंचाना था। कार्रवाई के चलते जब मवेशी केशवाही तक नहीं पहुंचे तो यहां जमकर झगड़ा भी हुआ।

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