इस नेता ने कहा कि कुछ भी कर सकते हैं युवा


सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री

By: Murari Soni

Published: 12 Nov 2017, 04:54 PM IST

शहडोल। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक का नाम एक बार और इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो गया। मौका था विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्वारा मेधावी छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल वितरित करने का। समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छात्र छात्राओं से परिवार और समाज का कर्ज उतारने का आव्हान करते हुए विश्वविद्यालय को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही। प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले छात्र छात्राओं के परिधान की जमकर सराहना की। मंच से तीन बार तालियां बजबजाते हुए सीएम ने कहा कि छात्र छात्राएं और विश्वविद्यालय परिवार को भारतीय परिधान में देखकर बेहद खुशी हुई है। भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरू रहा है। वेद की ऋ चाएं भारत में ही लिखी गई हैं। हमारे देश में बचपन से ही परमार्थ एवं सबके कल्याण का पाठ पढ़ाया जाता है। हमारे देश में प्रतिभाओं की कभी कमी नहीं रही है। सीएम ने वसुधैव कटुम्बकम और सर्वे भवन्तु सुखिन पंक्तियों का उदाहरण भी दिया। उन्होने कहा कि हमारे भारतीय डॉक्टर्स विदेशों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। भारतीय डॉक्टर इलाज न करें तो आधा अमेरिका बीमार हो जाएगा। मप्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि प्रदेश की प्रतिभाओं को पलायन करने की जरुरत ही न हो। उन्होंने कहा कि जो भी विद्यार्थी अपनी कम्पनी स्थापित करना चाहेगा उन्हें प्रदेश सरकार प्रोत्साहित करेगी सरकार उनके शेयर भी खरीदेगी। सीएम ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शो का अनुसरण करने की सलाह युवाओं को दी। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सभी ईश्वर के अंश हैं, अनंत शक्तियोंं के भण्डार हैं। वे कुछ भी कर सकते हैं। सीएम ने वाशिंगटन में सड़क खराब के बयान को दीक्षांत समारोह में दोबारा दोहराया। उन्होने कहा कि मैंने तो वहां भी डंके की चोट में कहा, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। विवि के कुलाधिपति एसएम झालवार ने उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को शपथ दिलाई।

गुरूनानक देव संत कबीर की आध्यात्मिक चर्चा
राष्ट्रपति ने कहा कि अमरकंटक तीर्थ के अलावा यहां के वातावरण में एक दिव्य अनुभूति है। यहां ज्ञान और शांति है, इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं अध्यात्मिकता दोनो का सामंजस्य यहां के जनजातीय विकास की कहानी प्रस्तुत करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस स्थल पर सिखों के प्रथम गुरू गुरूनानक देव जी व संत कबीर के बीच आध्यामिक चर्चा हुई, जो बाद में बानी के रूप में गुरूग्रंथ साहिब का हिस्सा भी बनी। ऐसी ज्ञान स्थली पर आज का यह दीक्षांत समारोह एक विशेष महत्व रखता है। यह स्थल सम्पूर्ण मानव जगत के लिये ज्ञान, सच्चाई व मानवता का संदेश देता है।

विवि की जनजातीय उत्थान में भूमिका: राज्यपाल
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली ने कहा कि मुझे देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाने का अवसर मिला है, लेकिन इस विश्व विद्यालय के छात्रों के परिधान एवं विशेषताएं अपनी अलग पहचान दिखा रही हैं। इस विश्व विद्यालय मे अधिकांश जन जातीय समाज के छात्र छात्राएं है जो जन जातीय कला, संस्कृति एवं विभिन्न प्राकृतिक औषधियों का शोध कर रहे है।

राष्ट्रपति का स्वागत
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के इंदिरा गांधी जनजातीय राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक पहुंचने पर प्रदेश के राज्यपाल ओपी कोहली, सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश शासन के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री स्वतंत्र प्रभार संजय पाठक, कमिश्नर बीएम शर्मा, आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ, कलेक्टर अजय शर्मा, एसपी सुनील जैन द्वारा स्वागत किया। राष्ट्रपति की पत्नी एवं देश की प्रथम महिला सविता रामनाथ कोविंद का स्वागत मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह ने किया।

यूनिवर्सिटी: खास खास
- दीक्षांत समारोह में 1337 विद्यार्थियों को उपाधियां और 130 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक वितरित किये गए। इसमें ११ मेधावी छात्र छात्राओं को राष्ट्रपति ने मेडल दिया।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना 2007 में हुई थी। विश्वविद्यालय का यह दूसरा दीक्षांत समारोह था।
- विश्वविद्यालय में वर्तमान में लगभग तीन हजार विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और 12 संकाय अंतर्गत 30 विभाग संचालित किए जा रहे हैं।
- विश्वविद्यालय में सोलर सिस्टम, वाटर रिसाइकल सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, स्वच्छता एवं ग्रीन परिसर की ओर विशेष फोकस किया गया है।
- कृषि, मेडिकल कॉलेज, आयुष शोध के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
- अकादमिक क्षेत्र में विवि को अपने दो शोध पेटेंट कराने में सफलता मिली है।

झलकियां:
- शोभायात्रा के दौरान एसएएफ जबलपुर के बैण्ड दल द्वारा आकर्षक संगीतमय प्रस्तुति दी गई। समारोह का आगाज एवं समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
- सीएम ने विवि के डे्रस कोड की बार बार सराहना की और ३ बार तालियां बजबजाई।
- राष्ट्रपति सुबह ११ बजे भारतीय विमान से विवि परिसर पहुंचे और मंदिर रवाना।
- राष्ट्रपति ने ११.४० बजे अमरकंटक मंदिर पहुंचकर दर्शन किया।
- विवि के दीक्षांत समारोह में १२.४६ बजे राष्ट्रपति पहुंचे।
- राष्ट्रपति ने १७ मिनट के संदेश में बार बार युवाओं के लक्ष्य पर फोकस किया और लाडलियों की न्यू इंडिया सपने में अहम भूमिका बताई।

इनकी रही मौजूदगी
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली, सीएम शिवराज सिंह चौहान, कुलाधिपति डॉ. एसएम झारवाल, कुलपति जनजातीय विश्वविद्यालय टीवी कुट्टीमनी, राष्ट्र की प्रथम महिला सविता कोविंद, साधना सिंह, प्रभारी मंत्री संजय पाठक, सांसद ज्ञान सिंह सहित कई प्राध्यापक और छात्र छात्राएं मौजूद रहे।


इन मेधावियों ने बढ़ाया यूनिवर्सिटी का मान
- राविता राव २०१३ बीएससी आनर्स चार मेडल
- तालिब हसन २०१३ बीएम आनर्स दो मेडल
- सुमित रंजन पांडेय २०१४ बीसीए तीन मेडल
- उपासना द्विवेदी २०१४ बीएससी केमेस्ट्री दो मेडल
- तोप सिंह पटेल २०१४ बीए टूरिज्म दो मेडल
- भारती सिंह २०१५ एमएससी सीएस दो मेडल
- परोमिता मुखर्जी २०१५ बीएससी चार मेडल
- शिखा गुप्ता २०१५ बीए इंग्लिश दो मेडल
- गुंजन पांडेय २०१६ एमएससी सीएस दो मेडल
- तृप्ती साहू २०१६ बीसीए चार मेडल
- स्नेह गुप्ता २०१६ बीए जियोग्राफी दो मेडल

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