GST से क्यों हैं परेशान व्यापारी ?

Shahdol online

Publish: Sep, 17 2017 01:59:28 (IST)

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GST से क्यों हैं परेशान व्यापारी ?

परेशान हो रहे हैं व्यापारी

शहडोल- कम जानकारी होने के चलते गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर व्यापारी परेशान हैं। उनके रिटर्न दाखिल नहीं हो पा रहे हैं। शहडोल में तो बड़ी संख्या में व्यापारी गलत स्कीम में डाल दिए गए हैं। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि यहां के अधिकतर व्यापारी कंपोजीशन स्कीम के तहत आते हैं, यदि वो इसमें शामिल किए जाएं तो उन्हें दिक्कत नहीं होगी।

GST के फॉर्मेट
GST के तीन फॉर्मेट हैं
1- पहला 20 लाख तक के टर्नओवर वाले व्यापारी
2- दूसरा 75 लाख के टर्नओवर
3- तीसरा 75 लाख से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारी।
20 लाख वाले व्यापारियों को जीएसटी नंबर लेने की जरूरत नहीं। लेकिन सबसे अधिक दिक्कतें इन्हीं को आ रहीं हैं। इनका माल बुक नहीं हो पा रहा है।

क्या है कंपोजीशन स्कीम ?
कंपोजीनशन स्कीम के तहत वो व्यापारी जिनका टर्नओवर २० से 75 लाख रुपए का है। वो कंपोजीशन स्कीम के तहत आते हैं। इन व्यापारियों को तीन महीने में एक बार रिटर्न भरना है और टैक्स भी एक फीसदी देना है, लेकिन बिल पर टैक्स शो नहीं कर सकते। इसमें ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। ट्रेडर्स को १ फीसदी, मैन्युफैक्चरर को २ और रेस्टोरेंट संचालक को ५ फीसदी टैक्स देना है। व्यापारी इस स्कीम में शामिल होने के लिए www.gst.gov.in पर लॉगिन करके इस स्कीम में शामिल हो सकते हैं।

कंपोजीशन स्कीम के फायदे
सामान्य कर दाता को जहां महीने में तीन बार और साल में ३७ बार रिटर्न दाखिल करना पड़ेगा, वहीं कंपोजीशन स्कीम में व्यापारियों को तीन माह में सिर्फ एक बार और साल में सिर्फ ५ बार ही रिटर्न जमा करना होगा। जिले में करीब ८० प्रतिशत व्यापार छोटे व्यापारियों द्वारा किया जाता है, जो कंपोजीशन स्कीम में आ सकते हैं। जिले में ५४६९ व्यापारी हैं, जो कि टैक्स देते हैं। इनमें से करीब ३ हजार व्यापारियों का पूर्णत: रजिस्ट्रेशन हो चुका है। लेकिन जागरूकता के अभाव में कंपोजीशन स्कीम लेने वाले व्यापारियों की संख्या काफी कम हैं, विभागीय अधिकारियों की उदासीनता भी देखी जा रही है, जो की व्यापारियों को कंपोजीशन स्कीम को लेकर जागरूक करने में विशेष रूचि नहीं ले रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है
- हार्डवेयर संचालक प्रदीप गुप्ता का कहना है कि मैंने भी अपने वकील के माध्यम से जीएसटी की कंपोजीशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रयास किया था लेकिन किसी कारण से मेरा रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं हुआ है।
- व्यापारी आदेश खटोड़ ने कहा कि जानकारी के अभाव में कम व्यापारी कंपोजीशन स्कीम का फायदा ले पा रहे हैं। विभाग को वार्ड स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करने चाहिए ताकि लोगों को परेशानियां ना हों।

वाणिज्य कर अधिकारी देवेन्द्र तेकाम का कहना है
जीएसटी की कंपोजीशन स्कीम के लिए विभाग द्वारा चंदिया, बुढ़ार, उमरिया, ब्यौहारी आदि जगहों पर प्रशिक्षण दिया गया है। व्यापारियों को जानकारी दी जाती है, अभी फिलहाल हमारा साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है तो इसके अंतर्गत आने वाले व्यापारियों की जानकारी अभी नहीं हैं।

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