14 साल की बच्ची से प्यार किया, फिर हैवान बन गया उम्र में 20 साल बड़ा प्रेमी

पांच साल पहले से चल रहा था प्रेम-प्रसंग, लड़की की एक बात पर रात को हुआ इसका दर्दनाक अंत

By: shivmangal singh

Updated: 20 Jul 2018, 08:41 PM IST

अनूपपुर/भालूमाड़ा. लड़की जब प्यार का मतलब भी नहीं समझती होगी, तब लड़की से उम्र में 20 साल बड़े प्रेमी ने उसको प्रेमिका बनाया। जब लड़की ने प्यार को रिश्ते में बदलना चाहा तो रात में प्रेमी हैवान बन गया। प्रेम-प्रसंग पांच साल तक चला। आदिवासी अंचल के गांव में पनपी इस प्रेम कहानी की कुछ लोगों को भनक थी लेकिन अधिकतर लोग अनजान ही थे। अचानक ही एक ऐसा वाकया हुआ कि लड़की के परिजन परेशान हो गए। उन्होंने बहुत हाथ पैर मारे लेकिन लड़की का प्रेमी जितना हैवान था उतना ही शातिर। उसके आगे परिजनों की एक न चली तो उन्होंने पुलिस का सहारा लिया। पुलिस ने जब इस मामले में पड़ताल शुरू की तो एक के बाद एक सारी परतें खुलतीं चलीं गईं। ये सनसनीखेज मामला जब लोगों के सामने आया तो उनकी आंखें फटी रह गईं।
भालूमाड़ा थाना के लतार गांव का ये मामला आपको महेश भट्ट की फिल्म मर्डर की याद दिला देगा। यहां रहने वाला 39 वर्षीय रामलाल कोल पिता मोहनलाल कोल इतना बड़ा हैवान होगा इसकी किसी को उम्मीद नहीं रही होगी। लेकिन जब पुलिस ने खुलासा किया तो सब भौंचक्के रह गए। रामलाल कोल ने पांच साल पहले एक 14 वर्षीय लड़की को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसका दैहिक शोषण करता रहा। इस पूरे मामले से अनूपपुर एसपी तिलक सिंह ने 19 जुलाई को पर्दा उठाया। बताया कि रामलाल कोल के साथ लड़की का पिछले पांच वर्षो से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती के घर में एक दिव्यांग भाई है। उसके माता-पिता नहीं हैं। भाई भी मानसिक अस्वस्थ्य है जिसका फायदा उठाते हुए रामलाल कोल ने किशोरावास्था से ही शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया। आरोपी रामालाल कोल का लड़की के घर लगातार आना-जाना रहता था। इस बात की जानकारी गांव में थी, लेकिन परिवार में किसी सदस्य के नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने इसपर ध्यान नहीं दिया। 3 जुलाई को युवती राशन दुकान से राशन खरीदकर रामलाल कोल के घर गई, जहां वहां से वह फिर वापस नहीं लौटी। घर वापसी नहीं होने पर एक सप्ताह बाद 10 जुलाई को युवती का ममेरा भाई थानू यादव व जपं सदस्य माया चौधरी के पति मोहन चौधरी ने युवती की गुमशुदगी की सूचना भालूमाड़ा थाना में दर्ज कराई।


ऐसे हुआ सनसनीखेज मामले का खुलासा
आरोपी रामलाल ने बेहत सफाई से अपने काम को अंजाम दिया लेकिन पुलिस ने जब कडिय़ां जोडऩा शुरू किया तो वारदात का खुलासा हो गया। एक सप्ताह तक युवती के घर नहीं लौटने पर ममेरे ने जपं सदस्य पति के सहयोग से बहन की लापता होने की सूचना थाने में दर्ज कराई। जिसमें इस बात का जिक्र किया गया कि 3 जुलाई को युवती शासकीय राशन की दुकान से राशन लेकर रामलाल कोल के घर गई थी, जिसके बाद से वह लापता है। पूर्व के सम्बंधों को लेकर पुलिस और ग्रामीणों की शंका रामलाल कोल पर बनी और पूरी रणनीति के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, उसके बाद आरोपी ने खुद ही पूरी कहानी बयां कर दी। थाना प्रभारी आरके वैश्य के अनुसार हत्या के दिन पूर्ण रणनीतियों में आरोपी ने अपनी पत्नी के भाई कमलेश को खाद, बीज के बहाने गांव बुलाने के साथ साथ शांति यादव को भी घर बुलाया था, जहां रात के दौरान सो रही पत्नी और तीन बच्चों को छोड़कर अन्य कमरे में सो रही लड़की की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या की वजह 19 वर्षीय लड़की रामलाल से शादी करने के लिए बोल रही थी।


ऐसे पकड़ में आया आरोपी
ग्रामीणों को पूर्व से ही रामलाल कोल के उपर शंका बनी हुई थी। जहां पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया था। इस मामले में कुछ ग्रामीणों व जपं सदस्य के पति ने आरोपी पर निगरानी रखी। वहीं आरोपी के ससुराल में यह संवाद भेजवाया कि उसकी पत्नी को पुलिस पकड़ ले गई है। जिसके बाद आरोपी ससुराल से गांव आया, लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से उसे धुरवासिन तिराहे के पास पकड़ लिया। पुलिस को बरगलाने आरोपी दिनभर शव की तलाश में इधर-उधर घूमाता रहा। लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी ने गांव से छह किलोमीटर दूर कोनीगडवा के जंगल में बह रहे नाले पास ले गया, जहां पुलिस ने आरोपी की निशादेही पर जमीन खोद युवती की सड़ी-गली लाश बाहर निकाली गई। बताया जाता है कि 18 जुलाई की शाम प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों के बीच निकाली गई युवती की लाश के अंतिम संस्कार के लिए अपनाने से ग्रामीणों ने इंकार कर दिया था। इस दौरान थाना प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारियों की समझाईश के बाद परिजनों ने शव को लेकर अंतिम संस्कार कराया गया।


टीम के सदस्यों को 5 हजार का इनाम
हत्या के मामले में पुलिस स्टाफ की प्रशंसा करते हुए एसपी ने 5000 का इनाम की घोषणा की है। जिसमें थाना प्रभारी आरके वैश्य, उपनिरीक्षक आस्तिक खान, एएसआई आरके शुक्ला, प्रधान आरक्षक चोखेलाल मलैया, आरक्षक रूपेश कुमार, करमजीत, शिवकुमार, कृपाल सिंह, संजय दिवेदी, विवेक त्रिपाठी शामिल हैं।

shivmangal singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned