लैब टेक्नीशियनों के संपर्क में थे दो दर्जन लोग, नहीं मिला सोर्स, सचिव ने मांगी रिपोर्ट, कमिश्नर ने ली बैठक

दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने की पुष्टि, दोनों लैब टेक्नीशियन मिले पॉजिटिव

By: amaresh singh

Updated: 02 Aug 2020, 10:27 PM IST

शहडोल। मेडिकल कॉलेज शहडोल के माइक्रोबायोलॉजी में कोरोना जांच में जुटे दो लैब टेक्नीशियनों में संक्रमण की पुष्टि प्रबंधन ने की है। दो दिन से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन संदिग्ध बताते हुए टालमटोल कर रहा था। अंतत: रविवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दोनों लैब टेक्नीशियनों को कोरोना पॉजिटिव बताया है। दोनों कोरोना पॉजिटिव का सोर्स नहीं मिला है। आइसोलेट करके इलाज शुरू कर दिया है। इधर माइक्रोबायोलॉजी लैब में भी क्वालिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड की जांच की जा रही है। रविवार की रात तक आइसीएमआर के नियमानुसार, जांच चलती रही। कोविड - 19 संभाग प्रभारी व सचिव खनिज संसाधन सुखवीर सिंह ने भी रिपोर्ट मांगी है। कमिश्नर शहडोल नरेश कुमार पाल ने भी अधिकारियों की बैठक ली। कमिश्नर ने अधिकारियों से पूछा कि पता करें दोनों टेक्नीशियन कैसे संक्रमित हुए हैं। लापरवाही हुई है तो कौन दोषी है। किस स्तर पर लापरवाही हुई है।


लक्षण थे, हर रिपोर्ट आ रही थी पॉजिटिव, तब कराई जांच
बताया गया कि दोनों लैब टेक्निीशियन कई दिनों से मेडिकल कॉलेज में कोरोना की जांच और सैंपलिंग का काम कर रहे थे। दोनों में कोरोना होने का संदेह उस वक्त हुआ जब दोनों किसी भी वायल की जांच कर रहे थे तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकल रही थी। इसके बाद सहायक नोडल अधिकारी ने दोनों की कोरोना जांच कराने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा तब होता है तब संक्रमण लैब में पहुंच चुका होता है। मेडिकल कॉलेज में जब दोनों की कोरोना जांच ट्रू नेट से पूर्व में कराई गई तो गंभीर लक्षण पाए गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया था। बाद में सैंपल अनूपपुर भेजा। यहां पर भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।


प्रथम संपर्क के 21 का सैंपल, सहकर्मी भी क्वॉरंटीन
दोनों लैब टेक्नीशियनों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों के प्रथम संपर्क वाले लोगों का ट्रेसिंग शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों के प्रथम संपर्क में 21 लोग चिन्हित किए गए हैं। इसमें एक लैब टेक्निीशियन के प्रथम संपर्क में तीन लोग शामिल हैं। ये अकेला रहता था। वहीं दूसरे लैब टेक्नीशियन के प्रथम संपर्क में 18 लोग शामिल हैं। इसमें से 9 लोग उसके घर के लोग शामिल है। बाकी उसके सहकर्मी है। इसके अलावा लैब से जुड़े 8 कर्मचारियों की जांच कराई। जिनमें सहायक नोडल अधिकारी भी शामिल हैं। इन सभी की सैंपलिंग कराने के साथ कोरोना जांच भी कराई गई। हालांकि अधिकांश की रिपोर्ट निगेटिव आई है।


8 सौ से हजार सैंपल की जांच हुई पेंडिंग
शुक्रवार को दोनों लैब टेक्नीशियनों के कोरोना ट्रू नेट की जांच में कोरोना संदिग्ध पाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब को शुक्रवार की रात से बंद कर दिया गया था। इसके बाद से रविवार तक माइक्रोबायोलॉजी बंद रही। लैब बंद होने से कोरोना सैंपलों की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी तक 800 से हजार सैंपल पेडिंग हो चुके हैं। इसमें संभाग के तीनों जिले के सैंपल शामिल हैं।


आरटीपीसीआर में ढूंढते रहे फाल्ट, रेंडम सैंपलिंग भी कराई
दोनों टेक्नीशियनों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद लैब में भी संक्रमण फैलने की आशंका थी। शनिवार की रात से रविवार को लैब को संक्रमित से मुक्त करने का काम चलता रहा। सैंपल का आरएनए निकालकर दोबारा से जांच कराई जा रही थी। पूर्व के निगेटिव सैंपल की भी जांच की जा रही थी। देखा जा रहा था कि मशीन का फाल्ट तो नहीं है। मशीन से रिजल्ट सही आ रहे हैं या नहीं। अभी दो स्टेज तक रिपोर्ट सही आ गई है। बाकी दो स्टेज की जांच रात तक पूरी होने की संभावना है।


सात हैं लैब टेक्नीशियन
मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में सात लैब टेक्निीशियन हैं जो कोरोना सैंपल की जांच कर रहे हैं। इसमें से दो लैब टेक्निीशियनों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अब पांच लैब टेक्निीशियन कोरोना की जांच के लिए बच गए हैं। इधर पेङ्क्षडग सैंपलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में जब लैब में सैंपलों की जांच फिर से शुरू होगी तब कई दिनों बाद कोरोना की रिपोर्ट लोगों को मिल पाएगी।


कमिश्नर ने ली बैठक, कॉलेज की टीम करेगी जांच
कमिश्नर नरेश कुमार पाल ने मामले को लेकर रविवार को अधिकारियों की बैठक ली। उन्होने पूरी रिपोर्ट मांगी है। उधर मेडिकल कॉलेज की टीम ने भी जांच शुरू कर दी है। डीन के माध्यम से कमिश्नर को रिपोर्ट दी जाएगी। इसके साथ ही संभाग प्रभारी सुखवीर सिंह ने भी रिपोर्ट मांगी है।


दोनों का नहीं मिला सोर्स, पुराने संपर्क खंगाले
रविवार को दोनों लैब टेक्निीशियन के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रथम संपर्क में आए और लोगों का डिटेल खंगालने में जुटा हुआ है। दोनों का सोर्स नहीं मिला है। रविवार की रात तक पता नहीं चला है कि दोनों में कोरोना संक्रमण कैसे पहुंचा। इस स्थिति में दो दिन पूर्व तक के संपर्क तलाशे जा रहे हैं। उनकी भी सैंपलिंग कराई जा रही है।

किसी भी वायल की जांच कर रहे थे तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही थी। इसके बाद उनका सैंपल लेकर जांच कराया गया ,जिसमें वे कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
डॉ अभिषेक गौर, सहायक नोडल अधिकारी

लैब के हर कोने में जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज की टीम जांच कर रही है कि क्या खामियां थी। पूरी तरह सुरक्षा अपना रहे हैं। लैब के क्वालिटी कंट्रोल की जांच कराई जा रही है। जल्द जांच शुरू होगी। दोनों कोरोना पॉजिटिव टेक्नीशियनों को भर्ती किया गया है। कॉटैक्ट ट्रेस किए जा रहे हैं। आइसोलेट किया गया है।
डॉ मिलिंद शिरालकर, डीन मेडिकल कॉलेज

लैब टेक्नीशियनों तक कोरोना कैसे पहुंचा, जांच की जा रही है। अधिकारियों की बैठक ली थी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी है।
नरेश कुमार पाल, कमिश्नर शहडोल

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