गवाहों की हत्या कराने के बाद भी नहीं बचा आसाराम

शाहजहांपुर में कृपाल सिंह की हत्या कराई थी। हत्यारोपी आसाराम आश्रम के साधक और शार्टशूटर जेल में।

By: Bhanu Pratap

Published: 25 Apr 2018, 12:57 PM IST

शाहजहाँपुर। आसाराम यौन उत्पीड़न मामले में पिछले साढ़े चार साल में एक के बाद एक गवाहों की हत्या और उन पर जानलेवा हमले किए गए ताकि आसाराम बापू को बचाया जा सके। इसके बाद भी आसाराम खुद को बचा नहीं सके। मरने से पहले दोनों ने ही आसाराम के खिलाफ गवाही दे दी थी। ऐसे में भले ही दोनों जिन्दा नहीं हैं, लेकिन उनकी गवाही आसाराम पर भारी पड़ी। राजस्थान के जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार दिया है। अब सजा का इन्तजार किया जा रहा है।

शार्पशूटर ने की थी गोली मारकर हत्या

मुजफ्फरनगर में अखिल गुप्ता की हत्या के बाद शाहजहांपुर में ही मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कृपाल सिंह सिंह की हत्या आसाराम के खास गुर्गे और शार्पशूटर कार्तिकेय हलधर ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। कृपाल सिंह हत्याकाण्ड में शाहजहांपुर में आसाराम के आश्रम के मुख्य साधक नारायण पाण्डेय को भी नामजद किया गया था। नारायण पाण्डेय कृपाल सिंह हत्या काण्ड में जिला कारागार में बन्द है। तो वही मुख्य आरोपी कार्तिके इस वक्त पंजाब जेल बन्द है जिसे यहां रिमाण्ड पर लाया गया था। इस दौरान कार्तिके खुद को फंसाए जाने की बात करता रहा। फिलहाल पुलिस ने कृपाल सिंह के हत्या करने वाले मुख्य आरोपी कार्तिकेय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

2015 की घटना

थाना सदर बाजार के रहने वाले कृपाल सिंह की 10 जुलाई, 2015 की रात को उस वक्त गोली मार दी गई थी जब वो अपने घर वापस जा रहा था। इसके बाद इलाज के दौरान कृपाल की मौत हो गई थी। कृपाल सिंह पीड़िता के पिता का सबसे वफादार नौकर था और पीड़िता के पिता की ट्रान्सपोर्ट कंपनी में नौकरी करता था। कृपाल सिंह आसाराम यौन शोषण मामले में मुख्य गवाह था, जिसने आसाराम के खिलाफ गवाही देने की हिम्मत की थी। अखिल गुप्ता की तरह उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी, ताकि आसाराम को बचाया जा सके।

दोनों हत्यारोपियों के खिलाफ आरोपपत्र

कृपाल सिंह की हत्या के मामले में आसाराम के शाहजहांपुर आश्रम में रहने वाले मुख्य साधक नारायण पाण्डे और शार्प शूटर कार्तिकेय हलधर सहित तीन अज्ञात लोगों को को नामजद किया गया था। नारायण पाण्डेय को गिरफ्तार करके उसे जेल भेज दिया गया था, जो अभी भी जेल में बन्द है। इसके बाद पंजाब जेल में बन्द शार्प शूटर कार्तिकेय के नाम का खुलासा करते हुए उसे यहां रिमाण्ड पेशी पर लाया गया था। इस दौरान शातिर कार्तिकेय खुद को साजिशन फंसाये जाने की बात करता रहा। सीओ सिटी सुमित शुक्ला का कहना है कि हत्यारोपी नारायण पाण्डेय और कर्तिकेय के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।

 

 

 

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