कलयुगी बेटों से तंग आकर बेबस पिता ने दे दी जान, सुसाइड नोट पढ़ कर भर आईं सबकी आंखें

कलयुगी बेटों से तंग आकर बेबस पिता ने दे दी जान, सुसाइड नोट पढ़ कर भर आईं सबकी आंखें

Amit Sharma | Publish: Nov, 15 2017 12:05:12 PM (IST) | Updated: Nov, 15 2017 12:10:25 PM (IST) Shahjahanpur, Uttar Pradesh, India

राजेंद्र बाबू पर जुल्म की इन्ताह हो गयी। यहां तक कि मां-बहन की गंदी गालियों के साथ सड़क पर घसीट -घसीट कर पीटते थे।

शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में एक लाचार पिता अपने ही खून से इस कदर दुखी हो गया कि उसने खुद को ऐसी मौत दी कि आप जानकार हैरान रह जाएंगे। बेबस पिता ने आत्महत्या करने से पहले जिले के कलेक्टर और पुलिस कप्तान के नाम एक सुसाइड नोट भी लिखा जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार अपने बेटे और पौत्र को बताया है। बुर्जग पिता ने डीएम और एसपी को लिखे इस खत से न्याय की भी गुहार लगाई है। जिससे कि भविष्य में कोई और बेटा अपने पिता की इस तरह से दुर्दशा न कर सके। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट के साथ ही बेबस पिता की लाश को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

commit Suicide

मंगलवार को सड़क पर घसीट-घसीट कर मारा था

घटना थाना कलान के ग्राम मुबारिकपुर गांव की है। यहां के रहने वाले 68 वर्षीय राजेंद्र बाबू की पत्नी रेशमा की अब से लगभग 20 साल पहले ही मौत हो गयी। राजेंद्र बाबू ने अपने तीन बेटों मनोज, सनोज और दीपू गांव में एक आलीशान मकान बनवा दिया और खुद गांव के बाहर एक दूसरे घर में रहते थे। तीनों बेटों की शादी हो चुकी है। राजेंद्र का बेटा मनोज और पोता सानू राजेन्द्र बाबू को बहुत दुखी करते थे। यहां तक कि मां-बहन की गंदी गालियों के साथ सड़क पर घसीट -घसीट कर पीटते थे। राजेंद्र बाबू पर जुल्म की इन्ताह हो गयी। कल (मंगलवार) को राजेंद्र बाबू ने तीनों बेटों से कहा कि जिसके बेटे अपने पिता को घसीट घसीट कर मारें तो अब मैं दुनिया में मुंह दिखाने लायक नहीं रहा। अब मैं तुम लोगों को अपनी लाश की अंत्येष्टि का भी अधिकार नहीं दूंगा। राजेंद्र ने सोमवार की रात घर के बाहर बने सूखे कुएं में पहले लकड़ी की घास फूंस भरकर उसमें आग लगाई और फिर कुंए के चबूतरे पर बैठकर तमंचे को कनपटी से सटाकर गोली मार आत्महत्या कर ली। कुएं में आग दहक रही थी। लेकिन तमंचे से गोली चलने पर झटका लगने से राजेन्द्र बाबू कुएं में नहीं गिरे, चबूतरे से जमीन पर लुढ़क पड़े।

आत्महत्या के लिए बेटे और पौत्र कौ बताया जिम्मेदार

राजेन्द्र बाबू पढ़े-पढ़े लिखे थे। आत्महत्या करने से पहले रात में राजेंद्र ने एक सुसाइड नोट भी लिखा। जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार अपने बेटे मनोज और पोता सानू को बताया। राजेन्द्र बाबू ने मरने से पहले ये खत जिले के डीएम और एसपी के नाम लिखा है। राजेंद्र ने खत में लिखा है कि मुझे मेरे बेटे मनोज और उसके बेटे सानू ने खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया। वह जीने नहीं दे रहे हैं। मां-बहन की गाली देते हैं। मेरे मरने के बाद मुझे न्याय मिले, जिससे कि कोई और बेटा अपने पिता के साथ अन्याय न कर सके।

पुलिस ने शूरू की जांच

सुबह जब ग्रामीण खेतों पर काम करने के लिए निकले तो कुएं के पास राजेन्द्र का नग्न अवस्था में खून से सना शव पड़ा था। पास में तमंचा भी मिला खास बात ये है कि कुएं के अंदर जली हुई राख मिली भी मिली है। जली हुई राख कुछ और इशारा कर रही है। राजेंद्र सक्सेना के शव के नीचे दबी हुई बीयर की एक बोतल भी मिली है। इस बीयर की बोतल में तेजाब था। पास में ही एक डिब्बा मिला है, जिसमें केरोसिन मिला है। माना जा रहा है कि राजेंद्र सक्सेना हर तरह से रात में जान देने को उतारू थे, इसीलिए उन्होंने हर तरह का इंतजाम कर रखा था। ग्रामीणों की मानें तो राजेन्द्र बहुत ही मिलनसार इंसान होने के साथ ही एक अच्छे पिता थे लेकिन उनके बेटों ने उनकी बुरी दुर्दशा कर रखी थी। वहीं पुलिस अधीक्षक केबी सिंह के अनुसार जो सुसाइड नोट लिखा है उसकी जांच चल रही है। इसके अलावा वृद्ध की मौत से संबंधित हर बिंदु पर बारीकी से जांच पड़ताल भी की जा रही है। जल्दी ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया जाएगा।

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