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जागरुकता का असर : 1 लाख सैम्पल में से एक भी पॉजिटिव नहीं

जिले में 135 दिन से नहीं मिला कोई भी कोरोना संक्रमित

शाजापुर

Published: November 18, 2021 12:23:08 am

पीयूष भावसार/शाजापुर.

वैश्विक महामारी कोरोना की पहली लहर में डर के बाद दूसरी लहर ने जो कोहराम मचाया उसे लोग बरसों तक नहीं भूल पाएंगे। इसके बीच जब से कोरोना की रफ्तार पर लगाम लगी है उससे एक सबसे अच्छी खबर यह आई है कि जिले में पिछले 135 दिन में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। खास बात यह है कि इन 135 दिन में जिलेभर में 1 लाख से ज्यादा लोगों के सैम्पल भी लिए गए। इसके बाद भी कोरोना का मरीज नहीं मिलना लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है। हालांकि अभी-भी अधिकारी सावधानी बरतन की बात कह रहे हैं। जिससे भविष्य में भी कोरोना की संभावना नहीं हो।

Effect of awareness: Not one positive out of 1 lakh samples
शाजापुर। डोर-टू-डोर जारी है टीकाकरण अभियान

कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में भीषण त्रासदी और हाहाकार मचा दिया था। देश के अन्य स्थानों की तरह शहर सहित पूरे जिले में ऑक्सीजन और अस्पताल में बेड की मारामारी चल रही थी। मार्च 2021 से लेकर मई 2021 तक तो जिलेवासियों के लिए हर दिन किसी जंग की तरह बीता। प्रतिदिन कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे थे। वहीं लगातार मौत के आंकड़े भी बढ़ रहे थे। हर आम से लेकर खास तक इस कोरोना के भयावह रूप से बुरी तरह प्रभावित था। सभी अपने आप को और अपनों को कोरोना से बचाने के लिए जुगत में लगे हुए थे। इसके बीच में सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आई थी जबकि मरीजों को बाहर भर्ती करने के लिए कोई अस्पताल खाली नहीं था। वहीं जिले में भी छोटे-बड़े सभी अस्पताल फुल हो गए थे। रेमडेसिविर इंजेक्शन को तो लोगों ने हर किमत देकर खरीदा था। कोरोना का जो मंजर उक्त दो माह में दिखाई दिया था हर कोई उसे याद करके सहम जाता है।

श्मशान और कब्रिस्तान में भी लगी थी कतार
शहरवासियों ने संभवत: पहली बार इतनी बड़ी त्रासदी देखी थी जबकि श्मशान और कब्रिस्तान में शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्रतिक्षा करना पड़ी थी। श्मशान में तो कई घंटों तक शवों के अंतिम संस्कार के लिए नंबर लगे हुए थे। इधर शहर के कई कब्रिस्तानों में भी जेसीबी की मदद से कब्र खोदना पड़ी थी। हालांकि प्रशासनिक आंकड़ों में अब तक जिले में कोरोना से कुल 125 लोगों की मृत्यू बताई गई है, लेकिन अप्रैल माह में शांतिवन में अंतिम संस्कार और कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक का अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा सामने आया था।

प्रशासन का सहयोग और लोगों की सर्तकता आई काम
लगातार कोरोना त्रासदी के बीच जिला प्रशासन द्वारा सख्ती की गई वहीं जागरुकता भी फैलाई गई। अपनों को खो चुके लोगों ने स्वयं सर्तकता रखी। वहीं शहर में हर जगह भयानक मंजर देखकर सभी लोगों ने सावधानी बरती। इसका लाभ यह हुआ कि धीरे-धीरे करके कोरोना की रफ्तार कम होती चली गई। कोरोना के मरीजों के मिलने की संख्या कम हुई वहीं इसे हराकर घर लौटनें वालों की भी संख्या बढऩे लगी। एक्टीव केस कम होते चले गए। इसका लाभ यह हुआ कि पूरे जिले में पिछले 135 दिनों में एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला है।

5 जुलाई को मिला था आखिरी मरीज
जिले में कोरोना संक्रमित अंतिम मरीज 5 जुलाई को मिला था। इसके बाद से कोरोना के मरीज सामने नहीं आए हैं। 5 जुलाई तक जिलेभर में कुल 1 लाख 35 हजार 462 लोगों के सैम्पल लिए गए थे। इसमें से 1 लाख 33 हजार 789 सैम्पल की रिपोर्ट मिली थी। इसमें से कुल 6349 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए थे और 75 लोगों की कोरोना से मौत बताई गई थी। इसके बाद से कोरोना के मरीज जिले मेंं नहीं मिले। हालांकि 24 जुलाई को अपडेट किए गए आंकड़ों में जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 6399 हो गई और मौत का आंकड़ा भी 125 पर पहुंच गया। संक्रमित मरीज और मृत्यू के आंकड़े आज भी यहीं पर स्थिर है। जबकि सैम्पल और रिपोर्ट के आंकड़े बढ़ते जा रहे है। 5 जुलाई से 17 नवंबर तक जिले में लिए गए कुल 1 लाख 1 हजार 109 सैम्पल में से कुल 1 लाख 871 सैम्पल की रिपोर्ट भी प्राप्त हुई। इसमें से एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला है। यह सबसे बड़ी राहत है।

फैक्ट फाइल
जिले में अब तक लिए गए कुल सैम्पल 2 लाख 36 हजार 571
अब तक प्राप्त कुल सैम्पल की रिपोर्ट 2 लाख 34 हजार 660
कुल संक्रमित 6399
कुल मृत्यू 125
जिले में मिला अंतिम कोरोना संक्रमित 5 जुलाई 2021
5 जुलाई से 17 नवंबर तक लिए गए सैम्पल 1 लाख 1 हजार 109
5 जुलाई से 17 नवंबर तक प्राप्त रिपोर्ट 1 लाख 871
(स्रोत : स्वास्थ्य विभाग-शाजापुर)

टीकाकरण से मिली राहत
जिले में एक ओर जहां सतर्कता से कोरोना की रफ्तार को रोका गया है, वहीं वृहद स्तर पर किए गए टीकाकरण से भी लाभ मिला है। जिले में लगभग शत प्रतिशत लोगों को वैक्सीन का पहला डोज लगा दिया गया है। जबकि सेकंड डोज के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर दिनेश जैन के निर्देश पर जिले में अब घर-घर पहुंचकर टीकाकरण किया जा रहा है। बुधवार को डोर टू डोर टीकाकरण के अंतर्गत शहर के वार्ड क्रमांक 1 एवं 4 में लोगों के घर पहुंच कर टीके लगाए गए। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सलमा शाहिन, चंचल केम, विमला चौहान, रेहाना बी, एनएम कमलेश ओगले ने वार्ड में भ्रमण कर टीका लगाया।

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