उपज बेचने के बाद भी अन्नदाता की जेब रह गई खाली

उपज बेचने के बाद भी अन्नदाता की जेब रह गई खाली

Lalit Saxena | Publish: Aug, 29 2018 07:30:00 AM (IST) Shajapur, Madhya Pradesh, India

किसानों के खातों में नहीं पहुंची मेहनत की कमाई्र, ३४ करोड़ की राशि बांटनी है, 16 मई से 30 जून तक खरीदी थी फसल

शाजापुर. पहले भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों को प्याज और लहसुन के विक्रय पर क्रमश: 4 रुपए और 8 रुपए प्रतिकिलो के मान से राशि देने की सरकार की योजना को सरकार ने बाद में समृद्धि योजना का नाम दे दिया।
योजना को नया नाम मिलने के बाद किसानों के खाते में प्रोत्साहन राशि पहुंचाई जाना थी, लेकिन उपज बेचे करीब दो माह का समय बीत जाने के बाद भी किसानों के खाते में राशि नहीं आई है। जिले के 12 हजार 560 किसानों के खाते में समृद्धि योजना के तहत करीब 34 करोड़ रुपए की राशि पहुंचाई जाना है। अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों को राशि मिलना है उनकी सूची के हिसाब से डिमांड बनाकर भेज दी है, अब जो भी कार्रवाई होगी वो आगे से ही होगी। ऐसे में किसान परेशान हो रहे है। जिले में प्याज और लहसून की भावांतर योजना के तहत खरीदी का कार्य 16 मई से 30 जून तक किया गया। इस दौरान जिले के शाजापुर, शुजालपुर और पोलायकलां में खरीदी केंद्र बनाए गए। इन खरीदी केंद्रों पर 6725 किसानों ने 4 लाख 48 हजार 32 क्विंटल प्याज का विक्रय किया। इस बिक्री के बाद किसानों को प्याज के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल के मान से 17 करोड़ 92 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में पहुंचाई जाना है। वहीं 5835 किसानों ने 2 लाख 4 हजार 855 क्विंटल लहसुन का विक्रय किया। इसके बाद किसानों को लहसुन के लिए 800 रुपए प्रति क्विंटल के मान से कुल 16 करोड़ 38 लाख 84 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में पहुंचाई जाना है। 30 जून तक हुई खरीदी के बाद जिले के किसानों के खातों में 34 करोड़ 30 लाख 8 4 हजार रुपए की राशि पहुंचाई जाना है, लेकिन जुलाई और अगस्त माह भी लगभग बीत गया। इसके बाद भी किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि अभी तक नहीं पहुंची है। राशि के लिए किसान जगह-जगह चक्कर लगा रहे है। किसी को भी ये जानकारी नहीं है कि आखिर कब तक किसानों की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में पहुंचेगी।
अच्छी लागत देने के लिए शुरू की योजना
जिले में पिछले कुछ वर्षों में प्याज की पैदावार में खासी बढ़ोतरी हुई है। पिछले कुछ वर्ष में सरकार ने किसानों से सीधे प्याज की खरीदी की थी। प्याज की खरीदी करने के बार इसे रखने और इसके परिवहन में सरकार को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों को प्याज के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में 400 रुपए प्रति क्विंटल के मान से प्याज और 800 रुपए प्रति क्विंटल के मान से लहसून के दिए जाने की योजना बनाई गई। साथ ही जिले में तीन खरीदी केंद्र बनाकर प्याज-लहसून की खरीदी आम व्यापारियों ने की। अब किसान प्रोत्साहन राशि के लिए इंतजार कर रहे है।
संशोधित डिमांड भेजने से लग रहा समय
विभाग के अनुसार जिले में पूर्व में समृद्धि योजना के तहत प्याज के लिए 4 हजार 79 किसानों से 2 लाख 47 हजार 538 क्विंटल की खरीदी मानकर 9 करोड़ 90 लाख 15 हजार और लहसुन के लिए 3 हजार 791 किसानों से 1 लाख 23 हजार 79.68 क्विंटल की खरीदी मानकर 9 करोड़ 84 लाख 63 हजार 700 रुपए की डिमांड भेजी गई थी। इसके मान से कुल 19 करोड़ 74 लाख 78 हजार 700 रुपए की मांग सरकार से की गईथी, लेकिन बाद में किसानों और आवक के संशोधित आंकड़े सामने आए। इसके चलते पुरानी सूची को निरस्त करके संशोधित सूची के मान से कुल 12 हजार 56 0 किसानों के लिए 34 करोड़ 30 लाख 8 4 हजार रुपए की दोबारा डिमांड भेजी गई है।

पता नहीं कब तक मिलेगी राशि
जिले के ग्राम छापीहेड़ा के किसान केसरसिंह ने बताया कि भावांतर योजना के तहत उन्होंने करीब 50 क्विंटल प्याज और 20 क्विंटल लहसुन की बिक्री की थी। इसके बाद उन्हें बताया गया था कि प्रोत्साहन राशि सरकार सीधे खाते मेें डालेगी, लेकिन अभी तक उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है। अधिकारियों से पूछते है तो वो भी जल्द ही राशि आने की बात कहते, लेकिन राशि कब तक पहुंचेगी ये कोई नहीं बताता है।
इसी तरह ग्राम बिकलाखेड़ी के किसान भैरुसिंह ने बताया कि उन्होंने भावांतर योजना में करीब 55 क्विंटल प्याज और 10 क्विंटल लहसुन का विक्रय किया था। इसकी भावांतर राशि के लिए वो कईबार अधिकारियों के पास पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही मिला। आज दो माह से ज्यादा हो गए, लेकिन उन्हें राशि नहीं मिल पाई है। घर चलाना अब मुश्किल होने लगा है।
एनआइसी के माध्यम से पहले किसानों को प्याज-लहसुन के भुगतान की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में भेजी जाने के लिए सूची दी गई थी, लेकिन बाद में इस सूची में संशोधन हुआ है। इस कारण से दोबारा डिमांड डिमांड बनाकर भोपाल भेज दी गई है। अब वहीं से किसानों के खातों में राशि आएगी। कब तक राशि मिलेगी इस बारें में कोई जानकारी नहीं है।
केपीएस परिहार, उपसंचालक, उद्यानिकी-शाजापुर

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