एक पखवाड़े बाद मिली खाद, तो लेने उमड़ पड़ी किसानों की भीड़

पुलिस की मौजूदगी में मार्केटिंग सोसायटी से प्रति किसान को दो-दो बोरी यूरिया का किया नकद विक्रय

By: Piyush bhawsar

Published: 31 Dec 2019, 12:32 PM IST

शाजापुर.

रबी फसल के लिए सबसे ज्यादा जरूरी यूरिया का विक्रय करीब 15 दिन बाद सोमवार से शुरू हुआ। प्रतिदिन नकद में यूरिया क्रय करने के लिए किसान शाजापुर पहुंच रहे थे, लेकिन यूरिया नहीं होने के कारण उन्हें निराशा हाथ लग रही थी। रविवार को जब जिले के लिए यूरिया की रैक आई तो किसानों को यूरिया मिलने की उम्मीद बंध गई। ऐसे में अल सुबह से ही टंकी चौराहा स्थित मार्केटिंग सोसायटी पर किसानों की भारी भीड़ लग गई। यहां से किसानों को प्रति किसान के हिसाब से 2-2 बोरी यूरिया का नकद में विक्रय किया गया। सुबह से देर शाम तक यहां पर यूरिया का विक्रय होता रहा।

जिले में नकद में किसानों को विक्रय के लिए पिछले करीब 15 दिन से यूरिया उपलब्ध नहीं था। ऐसे में किसानों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रतिदिन किसान नकद में यूरिया क्रय करने के लिए शाजापुर पहुंचते, लेकिन यूरिया नहीं होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा था। इसी बीच रविवार को शाजापुर में 3339 मैट्रिक टन की रैक पहुंची। इस रैक में करीब 2600 मैट्रिक टन से ज्यादा यूरिया और शेष एनपीके भरा हुआ था। शाजापुर और आगर दोनों जिले की सहकारी संस्थाओं पर उक्त रैक के यूरिया को पहुंचाया गया। वहीं बगैर खाताधारक किसानों को नकद में विक्रय के लिए यूरिया मार्केटिंग सोसायटी शाजापुर को भी उपलब्ध कराया गया। यूरिया आने की जानकारी मिलते ही मार्केटिंग सोसायटी के विक्रय केंद्र पर किसानों की खासी भीड़ लग गई। हालत यह रही कि यूरिया लेने वाले किसानों की कतार विक्रय केंद्र से लेकर मार्केटिंग सोसायटी के बाहर तक पहुंच गई।

एहतियात के तौर पर बुलाया पुलिस को
यूरिया के लिए किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए मार्केटिंग सोसायटी शाजापुर के मैनेजर देवीसिंह राठौड़ ने कोतवाली पुलिस को सूचना देकर एहतियात के तौर पर यहां पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाने की बात कही। इस पर कोतवाली पुलिस के जवान यहां पहुंचे और स्थिति पर नजर रखी। लंबी कतार होने के कारण कई बार लाइन में धक्का-मुक्की भी हुई। ऐसे में पुलिस जवानों ने तत्काल मौके पर स्थिति को संभाल लिया। इसके चलते यहां पर सुबह से रात तक यूरिया के विक्रय के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई। यूरिया विक्रय के दौरान यहां पर एसडीएम यूएस मरावी, डीएमओ प्रवीण रघुवंशी ने भी निरीक्षण करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

महिलाओं की भी लगी कतार
यूरिया लेने के लिए एक ओर किसानों की बड़ी लंबी कतार लग गई थी। प्रत्येक किसान को 2-2 बोरी यूरिया का नकद विक्रय किया जा रहा था। ऐसे में अनेक किसानों को अपने खेत के लिए ज्यादा यूरिया की जरूरत होने पर उन्होंने अपने परिजनों को भी कतार में खड़ा करवा दिया। यूरिया लेने के लिए पुरुष कृषकों की लंबी कतार तो मार्केटिंग सोसायटी पर लगी हुई थी, लेकिन यहां पर बड़ी संख्या में महिला कृषक भी यूरिया के लिए पहुंची थी। ऐसे में यहां पर व्यवस्था बनाते हुए महिला कृषकों के लिए अलग से कतार बनवाई गई। दोनों कतार में शामिल कृषकों को यूरिया का विक्रय किया गया।

चार जिले के किसानों ने खरीदा यूरिया
शासन के निमयानुसार जब भी यूरिया की रैक लगती है तो उसमें से 80 प्रतिशत यूरिया सहकारी संस्था और मार्केटिंग सोसायटी के लिए रहता है, शेष 20 प्रतिशत यूरिया को निजी व्यापारियों को विक्रय के लिए दिया जाता है। ऐसे में यूरिया की रैक से शाजापुर और आगर जिले की संस्थाओं में यूरिया को पहुंचाया जाने का कार्य चलता रहा। वहीं नकद विक्रय के लिए एक मात्र मार्केटिंग सोसायटी को ही केंद्र बनाया गया। यहां पर यूरिया खरीदने वालों में शाजापुर जिले सहित आसपास के आगर, राजगढ़ और देवास जिले के किसान भी शामिल रहे। हालांकि ये किसान ऐसे ग्रामों के थे जिनकी सीमा शाजापुर जिले को छूकर निकलती है। ऐसे किसानों ने बताया कि उनके जिला मुख्यालय पर खाद लेने जाने के लिए बहुत ज्यादा दूर पहुंचना पड़ता है। जबकि शाजापुर मुख्यालय पास होने के कारण वे यहां पर यूरिया क्रय करने के लिए पहुंचे हैं।

इनका कहना है
सोमवार को यूरिया प्राप्त होने पर मार्केटिंग सोसायटी से प्रत्येक किसान को दो बोरी यूरिया का नकद में विक्रय किया गया। भीड़ ज्यादा होने पर स्थिति न बिगड़े इसके चलते पुलिस को मौके पर बुलवाया गया था। सुबह से देर शाम तक यूरिया का विक्रय किया गया। जैसे-जैसे रैक पाइंट से यूरिया प्राप्त होगा उसे किसानों को विक्रय किया जाएगा।
- देवीसिंह राठौड़, मैनेजर, मार्केटिंग सोसायटी-शाजापुर

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