किसानों को जल्द मिलेगी एक और सौगात, जल्द करा लें पंजीयन, इस योजना के तहत मिलेगी पेंशन

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीयन कराना पड़ेगा।

शाजापुर. किसानों को बुढ़ापे में सुरक्षा देने के लिहाज से उन्हें पेंशन देने की योजना के लिए प्रचार-प्रसार का काम किया जा रहा है। कृषि विभाग का अमला इस कवायद में जुटा हुआ है। फिलहाल इस योजना से दो हेक्टेयर तक की भूमि वाले किसान जुड़ सकेंगे। योजना में पंजीयन कराने के उपरांत 60 साल की उम्र हो जाने पर किसानों को हर माह तीन हजार रुपए तक पेंशन मिलेगी। जिले में 75 फीसदी आबादी ग्रामीण है, जिनका मुख्य व्यवसाय कृषि के साथ ही पशुपालन है।

किसानों द्वारा जिले में गेहूं, चना, सोयाबीन, संतरा, आलू, प्याज जैसी फसलें बहुतायात में उत्पादित की जाती है। अमूमन देखने में आता है कि कड़ी मेहनत करने के बाद भी कई बार प्राकृतिक प्रकोप के चलते किसानों को फसल नुकसानी उठाना पड़ती है। कई बार ऐसा भी होता है कि एक साथ बंपर फसल उत्पादन होने से उन्हें कम दाम मिलने से मुनाफा नहीं हो पाता। शाजापुर जिले में तो इस तरह की स्थिति पिछले कुछ साल में लगातार देखने को मिल रही है। ऐसी स्थिति में किसानों के समक्ष अजीविका चलाने में समस्या आ जाती है। जोखिम में किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रयास करती है।

इसके चलते ही पिछले कुछ समय से किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत किसानों को सालाना 6 हजार रुपए दिए जा रहे हैं तो अब केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मानधन योजना अंतर्गत किसान पेंशन का प्रावधान भी कर दिया है। किसान पेंशन योजना के लिए कृषि विभाग प्रचार-प्रसार में जुटा है। पेंशन योजना से जुडऩे के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों पर पंजीयन का काम चल रहा है।

जितनी राशि किसान देंगे उतनी ही सरकार भी मिलाएगी
उप संचालक कृषि आरपीएस नायक ने बताया किसान पेंशन योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र तक के किसान पंजीयन कराकर योजना से जुड़ सकते हैं। योजना में लघु व सीमांत कृषक पात्र है। किसान के पाास दो हेक्टेयर तक ही जमीन होना चाहिए। इस योजना में अलग-अलग उम्र के हिसाब से किसान को 55 रुपए प्रतिमाह से लेकर 200 रुपए मासिक तक अंशदान करना होगा। जितनी राशि किसान द्वारा दी जाएगी उतनी ही राशि सरकार द्वारा भी मिलाएगी। इस तरह किसान की उम्र 60 साल होते ही उसे तीन हजार रुपए प्रति माह की दर से पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। वहीं ऐसे किसान जो इस योजना में शामिल होंगे एवं बाद में किसी कारण से वह इसे छोडऩा चाहें तो पेंशन निधि में उनके द्वारा जमा कराया गया अशंदान मय ब्याज के उन्हें लौटा दिया जाएगा। वहीं किसान की मृत्यु होने पर नियमानुसार उसकी पत्नी को 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन की पात्रता रहेगी। उप संचालक कृषि नायक ने बताया किसानों को चाहिए कि वह योजना से जुडऩे के लिए अपने नजदीकी कामन सर्विस सेंटर पर पहुंचकर पंजीयन कराएं। किसी तरह की भी सलाह के लिए कृषि विभाग के स्टाफ से भी जानकारी ले सकते हैं।

Pawan Tiwari Producer
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