बिजली कंपनी से परिवहन भत्ता चाहिए तो करना पड़ेगा ये...

बिजली कंपनी ने प्रदेश सरकार के निर्देश पर ग्रामीणों को राहत देना शुरू कर दी

By: Lalit Saxena

Published: 25 Apr 2018, 07:30 AM IST

शाजापुर. बिजली कंपनी ने प्रदेश सरकार के निर्देश पर ग्रामीणों को राहत देना शुरू कर दी है। ये राहत ऐसे ग्रामीणों को मिल रही है जो कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर स्वयं ही अपने निजी व्यय से ट्रांसफॉर्मर को ठीक करवाने बिजली कंपनी कार्यालय पहुंच जाते है। ऐसे सभी ग्रामीणों को कंपनी की ओर से ट्रांसफॉर्मर का परिवहन खर्च दिया जाना शुरू किया गया है।
अब तक यदि किसी गांव में कोई ट्रांसफॉर्मर जल जाए या खराब हो जाता तो संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण बिजली कंपनी को इसकी सूचना देते थे। इसके बाद भी यदि कोई ट्रांसफार्मर बदलने नहीं आता तो कई बार ग्रामीण स्वयं ही ट्रांसफॉर्मर लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंच जाते थे। इसमें ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। क्योंकि बिजली कंपनी तक ट्रांसफॉर्मर को लाने और ले जाने के लिए परिवहन का समस्त खर्च लोगों को ही वहन करना पड़ता था, लेकिन गत दिनों शाजापुर में आयोजित किसान महासम्मेलन में आए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि अब कोई भी ग्रामीण यदि स्वयं के खर्च से ट्रांसफॉर्मर लेकर बिजली कंपनी पहुंचेगा तो बिजली कंपनी ट्रांसफॉर्मर को लाने का खर्च ग्रामीणों को भुगतान करेगी। इसी के चलते उक्त योजना को जिले में लागू कर दिया गया है। बिजली कंपनी ने ऐसे ग्रामीणों को भुगतान भी करना शुरू कर दिया है। इसके लिए बकायदा ग्रामीणों को चेक दिए जा रहे हैं।

किमी के हिसाब से तय किया भत्ता
वैसे तो बिजली कंपनी के अधिकारियों को ट्रांसफॉर्मर के खराब होने की सूचना मिलने पर गांव में जाकर ही ट्रांसफॉर्मर को सुधरवाना होता है, लेकिन यदि किसी स्थान पर बिजली कंपनी के कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं तो वहां से ग्रामीण स्वयं ही ट्रांसफॉर्मर को निकालकर ले आते हैं। ग्रामीणों को ट्रांसफॉर्मर के परिवहन का व्यय का भुगतान बिजली कंपनी ने करना शुरू कर दिया है। इसके लिए बिजली कंपनी ने किमी के हिसाब से परिवहन भत्ता तय किया है। 0 से 25 किमी तक की दूरी के लिए 400 रुपए और 25-50 किमी की दूरी के लिए 800 रुपए का भुगतान किया जा रहा है।

 

आनंदीखेड़ी के ग्रामीणों को दिया भत्ता
उक्त योजना के शुरू होने के बाद जिले के ग्राम आनंदीखेड़ी से ग्रामीण ट्रांसफॉर्मर के खराब होने पर स्वयं ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में ट्रांसफॉर्मर को लेकर पहुंच गए थे। ऐसे में बिजली कंपनी के डीई कार्यालय से उक्त ग्राम के ग्रामीणों को परिवहन भत्ते के रूप में 800 रुपए दिए गए। 800 रुपए का चेक अधिकारियों ने ग्रामीणों को दिया। चेक मिलने पर ग्रामीणों को भी राहत मिली कि अब ट्रांसफॉर्मर लाने का खर्च उन्हें स्वयं नहीं भुगतना पड़ेगा।

ग्रामीण यदि स्वयं ही खराब ट्रांसफॉर्मर लेकर कंपनी कार्यालय पर ठीक करवाने पहुंचते हैं तो उन्हें परिवहन का खर्च दिया जा रहा है। गत दिवस आनंदीखेड़ी के ग्रामीणों को 800 रुपए का चेक परिवहन खर्चके रूप में दिया गया।
आरके राजलवाल, डीई, बिजली कंपनी-शाजापुर

 

Lalit Saxena
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