बोझ रोकने कलेक्टर की चौखट पर दी दस्तक

जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओपीडी व आईपीडी पर्चा के लिए चार गुना राशि बढ़ाने के मामले में सोशल मीडिया पर विरोध जारी रहा।

By: Lalit Saxena

Published: 13 Mar 2018, 07:45 AM IST

शाजापुर. जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को ओपीडी व आईपीडी पर्चा के लिए चार गुना राशि बढ़ाने के मामले में सोमवार को भी सोशल मीडिया पर विरोध जारी रहा। लोग रोकस के इस फैसले को जनविरोधी बताते रहे। इधर रोकस सदस्य सहित गणमान्य कलेक्टर से मिले व राशि यथावत रखने की मांग की। इस दौरान कलेक्टर श्रीकांत बनोठ को ज्ञापन भी सौंपा गया। रोकस की बैठक में तैयार किए गए प्रस्ताव को पास कराने के लिए सोमवार को कलेक्टर द्वारा आदेश किए जाना थे। लेकिन सोमवार को भी बैठक में तैयार किए गए प्रस्तावों में कलेक्टर द्वारा साइन नहीं किए गए।

रोगी कल्याण समिति सदस्य विजय जोशी ने बताया कि ज्ञापन देकर मांग की गर्इ है कि ओपीडी के ५ से २० रुपए और आईपीडी के २० से ५० रुपए करना उचित नहीं है। शासन की मंशानुसार प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर इलाज मिल सके इसके मान से जिला अस्पताल में सुविधाओं और विशेषज्ञों का अभाव है। इसके बाद भी मरीजों से ली जाने वाली राशि बढ़ाना गलत निर्णय है। ज्ञापन में बताया कि रोगी कल्याण समिति की आय में वृद्धि होना चाहिए, लेकिन आईपीडी, ओपीडी की राशि बढ़ाने के बजाए, अन्य स्रोतों में वृद्धि कर आय को बढ़ाया जा सकता है। जोशी ने कहा कि रोकस प्रारंभ से ही सक्षम रही है और आय अच्छी रही है, लेकिन गलत निर्णय व जिम्मेदारों द्वारा नियमों को धता बताकर ऐसे निर्णय पारित कर दिए गए, जिनके कारण आय में गिरावट आई है। मंगलवार को अन्य संगठनों ने भी कलेक्टर को ज्ञापन देने की बात कही गई है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव
रोगी कल्याण समिति ने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिर्फ ओपीडी-आईपीडी की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं बनाया है, बल्कि जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। बता दें कि जिला अस्पताल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नि:शुल्क मिलते हैं। लेकिन प्रमाण पत्र गुम होने की दशा में डुप्लीकेट कॉपी निकलवाने के लिए २५ रुपए शुल्क लिया जाता है। लेकिन बैठक में तय किया गया है कि अब १०० रुपए डुप्लीकेट जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निकालते लिए जाएंगे।

बैठक में जो प्रस्ताव बने हंै उसे मंजूर कराने के लिए आज कलेक्टर से बैठक थी, जो नहीं हो सकी। एक दो दिन में बैठक होगी। सभी फैसलों पर विचार कर उन्हें पास किया जाएगा। बैठक में राशि बढ़ाने पर किसी ने विरोध नहीं किया था।
डॉ.एसडी जायसवाल,सिविल सर्जन

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