जानिए यहां के व्यापारियों को है कौन सा डर

आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद व्यापारियों में मचा हडक़ंप, प्याज की आवक भी हो गई कम

शाजापुर.

शहर में प्याज व्यापारियों के ठिकानों पर गत दिवस हुए आयकर सर्वे के बाद व्यापारियों मेें हडक़ंप मच गया है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि थोक सब्जी मंडी में लायसेंस वाले व्यापारी माल खरीदने के लिए बहुत ही कम पहुंच रहे हैं। बुधवार को ही मंडी में प्याज की खरीदने के लिए 3-4 व्यापारी ही पहुंचे थे। जबकि मंडी में करीब 40 से ज्यादा लायसेंसधारी व्यापारी है। इधर मंडी में प्याज की आवक भी कम हो गई है। बुधवार को ही मंडी में करीब 500 क्विंटल प्याज की आवक रही।

शहर में दो दिन पहले आयकर विभाग की टीम ने 6 लोगों के 15 ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में प्याज की खरीदी-बिक्री की गड़बड़ी सामने आई थी। व्यापारियों के पास प्याज खरीदने का रेकार्ड था, लेकिन बेचने का कोई रेकार्ड नहीं था। ऐसे में आयकर विभाग ने यहां से कुल 5 करोड़ 2 लाख रुपए की अघोषित आय उजागर की थी। आयकर विभाग की उक्त कार्रवाई के बाद प्याज की खरीदी-बिक्री करने वाले मंडी के लायसेंसधारी व्यापारियों में हडक़ंप मच गया। मंगलवार को तो मात्र एक ही लायसेंसधारी व्यापारी ने प्याज की खरीदी की थी। हालांकि बगैर लायसेंस वाले खेरची व्यापारियों ने भी प्याज की खरीदी थी। इस दौरान किसानों द्वारा लाए गए करीब 500 कट्टों में से महज 250 कट्टे ही बिक पाए थे, शेष माल में से कुछ को तो किसान अपने साथ ले गए थे वहीं कुछ माल को किसानों ने मंडी में ही छोड़ दिया था। इसके बाद बुधवार को 3-4 व्यापारियों ने ही मंडी में प्याज की खरीदी की। खेरची व्यापारियों और 3-4 लायसेंसधारी व्यापारियों ने मिलकर करीब 500 क्विंटल प्याज की खरीदी की। इस दौरान मंडी में प्याज का भाव 10 से 48 रुपए प्रतिकिलो तक रहा।

व्यापारियों का डर, कहीं भाव तय न कर दें सरकार
मंडी व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त बताया कि आयकर विभाग की कार्रवाई से सभी व्यापारी सहम गए है। व्यापारी प्याज की खरीदी करने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। अभी मंडी में प्याज के भाव 50 रुपए प्रतिकिलो तक थोक में चल रहे है। व्यापारियों को यह भी डर है कि प्याज को खरीदने के बाद जब वो उसे दूसरी मंडी में बेचने के लिए भेजें इस दौरान यदि सरकार ने प्याज के भाव तय कर दिए तो फिर उन्हें नुकसान हो जाएगा। इस डर के कारण भी व्यापारी प्याज की खरीदी कम कर रहे हैं।

अभी दो माह का समय लग सकता है नई प्याज के मंडी में आने में
जानकारी के अनुसार इस वर्ष की प्याज की कमी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि अभी नई प्याज को मंडी तक आने में करीब दो माह का समय लगेगा। ऐसे में किसानों के पास जो प्याज रखी हुई होगी उसका ही विक्रय वे मंडी में कर पाएंगे। इसके चलते लोगों को प्याज की कमी का सामना करना पड़ सकता है। मंडी व्यापारियों के अनुसार प्याज की आवक कम होने के कारण इसके दाम और भी ज्यादा बढ़ सकते हैं।

भाव को लेकर व्यापारी और किसान में हुआ विवाद
बुधवार सुबह टंकी चौराहा स्थित थोक फल-सब्जी मंडी में किसान अपनी उपज बेचने के लिए पहुंचे थे। यहां पर एक किसान से व्यापारी ने प्याज की खरीदी की। किसान प्याज को ट्रेक्टर-ट्रॉली में भरकर यहां पहुंचा था। जब व्यापारी ने बोली लगाकर प्याज की खरीदी की ओर उसे अपने धड़े पर उतरवाने लगा तभी देखा कि इसमें से उपर रखी हुई प्याज अच्छी है, जबकि अंदर प्याज खराब हैं। ऐसे में व्यापारी ने किसान से कहा, इसके बाद भी जब प्याज की तुलाई की जा रही थी, लेकिन इस दौरान किसान ने अपने प्याज के दाम बढ़ाने की बात कही। इसके चलते किसान और व्यापारी के बीच विवाद हो गया। अचानक किसान यहां पर इकट्ठा होकर व्यापारी के खिलाफ खड़े हो गए। कुछ देर के लिए मंडी में गहमा-गहमी भी हो गई। हालांकि बाद में अन्य लोगों ने दोनों को समझाइश देकर मामले को शांत करा दिया। इसके बाद उक्त किसान अपनी प्याज का विक्रय नहीं किया और प्याज से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉली को लेकर मंडी से बाहर चला गया।

इनका कहना है
मंडी में प्याज की आवक कम हो रही है। बुधवार को मंडी में करीब 500 क्विंटल प्याज की आवक रही। इस दौरान प्याज का दाम 10 से लेकर 48 रुपए प्रतिकिलो तक रहे।
- डीसी राजपूत, सचिव, कृषि उपज मंडी-शाजापुर

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