जानिए क्यों..? यहां प्याज रखना भारी पड़ गया व्यापारी को

500 क्विंटल प्याज संग्रहण की अनुमति, कर रखे थे 900 क्विंटल संग्रहित, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत किया प्रकरण दर्ज

शाजापुर.

राज्य शासन द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्याज की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए प्याज की भंडारण सीमा पर थोक व्यापरियों एवं फुटकर व्यापारियों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत थोक व्यापारियों के लिए 500 क्विंटल एवं फुटकर व्यापारियों के लिए 100 क्विंटल प्याज के भंडारण की सीमा तय की गई है। ऐसे में जिले में प्याज के भंडारण की जांच के लिए कलेक्टर द्वारा गठित दल ने प्याज भंडारण की जांच की तो एक थोक व्यापारी के पास 900 क्विंटल प्याज संग्रहित करके रखा हुआ पाया गया। ऐसे में संबंधित व्यापारी के पास रखी 400 क्विंटल अधिक प्याज को जब्त करके आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार जिले में प्याज के भंडारण की जांच के लिए कलेक्टर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत द्वारा गठित दल ने क्षेत्र में प्याज भंडारण की जांच की गई। जांच में विष्णु शर्मा पिता हीरालाल शर्मा निवासी आलाउमरोद (फर्म-शुभम आलू प्याज कंपनी) के पास 900 क्विंटल प्याज पाया गया। जो कि संग्रहण सीमा 500 क्विंटल से 400 क्विंटल अधिक प्याज पाई गई। इसका अनुमानित मूल्य 8 लाख रुपए है। शुभम आलू प्याज कंपनी के प्रोप्राइटर विष्णु शर्मा से संग्रहण सीमा से अधिक 400 क्विंटल प्याज जब्त कर प्रकरण बनाया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी एचआर सुमन के नेतृत्व में दल ने गत दिवस निरीक्षण किया था। इस दौरान अभयपुर के अनिल पिता जयप्रकाश पाटीदार के यहां 700 क्विंटल प्याज, आलाउमरोद के कमल किशोर पिता बद्रीनारायण पाटीदार के यहां 175 क्विंटल, आलाउमरोद के विष्णु शर्मा पिता हीरालाल (फर्म-शुभम आलू प्याज कंपनी) के यहां 900 क्विंटल प्याज तथा शाजापुर की जयगुरुदेव ट्रेडिंग कंपनी के यहां 450 क्विंटल प्याज पाया गया।

मंडी में हुई नई सोयाबीन की आवक

शाजापुर.
स्थानीय कृषि उपज मंडी में गुरुवार को नई सोयाबीन की आवक हुई। मंडी प्रबंधन के अनुसार मंडी में करीब 1300 क्विंटल नई सोयाबीन गुरुवार को लेकर किसान पहुंचे। इस सोयाबीन का भाव 2100 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। मंडी व्यापारियों के अनुसारजजो नया सोयाबीन मंडी में किसान लेकर पहुंचे थे उसमें अधिकांशत: नमी और दागी है। इस कारण से उसे धूप में सुखाना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि इस बार जिलेभर में अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है। लगातार बारिश और खेतों में पानी भरा रहने के कारण सोयाबीन का दाना नमी वाला और दाग वाला हो गया है। इसके चलते इसका क्रय करने में व्यापारी भी परेशान हैं। मंडी प्रबंधन ने किसानों से सोयाबीन को सूखाकर लाने के लिए आग्रह किया है।

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