500 से अधिक गायों की मौतों का लेंगे हिसाब

मामला सालरिया स्थित देश के पहले गो-अभयारण्य में गायों की मौत का, पत्रिका ने किया था मामले का खुलासा

By: Lalit Saxena

Published: 07 Jan 2019, 09:15 AM IST

सुसनेर. आगर जिले के सुसनेर विकासखंड के ग्राम सालरिया में करोड़ों की लागत से बने देश के पहले गो-अभयारण्य में वर्ष २०१७ में बड़ी संख्या में मरी गायों के मामले में पशुपालन मंत्री लाखनसिंह यादव ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यही नहीं मंत्री ने खुद पूरी जांच की मॉनीटरिंग करने व जल्द ही गो-अभयारण्य का निरीक्षण करने की बात भी कही। यादव ने कहा पिछले वर्ष 500 से अधिक गायों की मौत की शिकायत उन्हें मिली है। कितनी गायें मरी और किन कारणों से उनकी मौत हुई थी इसकी हर बिंदुवार जांच की जाएगी।
बता दें, सालरिया में पिछले वर्ष बड़ी संख्या में गायों की मौत की बात सामने आई थी। पत्रिका ने 24 दिसंबर 2017 को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करवाया था। इसके बाद परत-दर-परत मामले का खुलासा किया था। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधि भी मामले को दबाने की कोशिश करते रहे और गायों की मौत को सिरे से नकार दिया था। अब जब पशुपालन मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं तो एक बार फिर दोषियों पर कार्रवाई की आस जगी है।
विधायक ने मंत्री से मिल उठाया था मामला
क्षेत्रीय विधायक राणा विक्रमसिंह ने रविवार को ही भोपाल पहुंचकर पशुपालन मंत्री से चर्चा कर गो-अभयारण्य में हुई गायों की मौत के मामले की जानकारी दी थी। उसके बाद दोपहर में ही मंत्री ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मामले को कांग्रेस के तत्कालीन विधायक बाला बच्चन ने उस समय विधानसभा में भी उठाया था।
यह गड़बड़ी सामने आई थीं
अभयारण्य में गायों की मौत के साथ ही निर्माण कार्य में अनियमितता, सप्लाई होने वाले भूसे, वहां काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले मानदेय सहित अन्य कई गड़बड़ी सामने आई थी और इसका विरोध शुरू हो गया था। किंतु किसी भी मामले में कुछ नहीं हुआ था।
विपक्ष उतरा था सड़कों पर
गायों की मौत का मामला सामने आने के बाद राणा विक्रमसिंह के नेतृत्व में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव एवं प्रतिपक्ष नेता अजय सिंह ने सुसनेर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया था। साथ ही सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग भी कि थी किंतु उस समय मामले में कलेक्टर अजय गुप्ता ने गायों के भूसे का टेंडर निरस्त करने के साथ ही गोअभयारण्य के कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया था किंतु राजनीतिक दबाव के चलते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी।
पत्रिका ने परत-दर-परत खोला था मामला
गायों की मौत के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई देने के बाद पत्रिका ने 23 दिसंबर 2017 को अभयारण्य का दौरा कर गायों की मौत की जानकारी ली थी। मौत के इस वीभत्स दृश्य को 24 दिसंबर 2017 को सबसे पहले प्रकाशित की थी। 25,26, 27 दिसंबर सहित लगातार समाचार प्रकाशित कर मामले की सच्चाई सबके सामने रखी थी।
संघ प्रमुख ने किया था भूमिपूजन
सुसनेर से 15 किलोमीटर दूर सालरिया में 472 हेक्टेयर भूमि क्षेत्रफल में बने देश के सबसे पहले कामधेनु गोअभयारण का भूमिपूजन 24 दिसंबर 2012 को तत्कालीन सीएम शिवराजसिंह चौहान व संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया था।
उसके बाद 27 सितंबर 2017 को शुभारंभ आरएसएस के क्षेत्रीय संघ चालक अशोक सोहनी और तत्कालीन गो संवर्धन बोर्ड अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद के हाथों हुआ था। किंतु संसाधनों व राशि के अभाव में ही इसका संचालन होता रहा।
मैं स्वयं जांच की मॉनीटरिंग करूंगा
&सुसनेर विकासखंड के ग्राम सालरिया में बने गो-अभयारण्य में गायों की मौत की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले में जांच के आदेश दिए हैं। मैं स्वयं मामले की मॉनीटरिंग करूंगा और फीड बैक भी लूंगा। जल्द ही अभयारण्य का निरीक्षण भी करूंगा।
लाखनसिंह यादव, पशुपालन मंत्री, भोपाल
अभयारण्य में गायों की मौत के मामले में रविवार को भोपाल में पशुपालन मंत्री यादव से चर्चा कर उनको पूरे मामले से अवगत कराया था। उनके बाद उन्होंने जांच के आदेश जारी किए हैं। गायों की मौत के वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।
राणा विक्रमसिंह , विधायक सुसनेर

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