अब एक माह तक भक्ति के रस से सराबोर होंगे भक्त

आज से शुरू होगा पुरुषोत्तम मास, अच्छे कार्यों पर लगा ब्रेक

By: Lalit Saxena

Published: 16 May 2018, 07:30 AM IST

शाजापुर. हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक तीन वर्ष में एक माह की बढ़ोतरी होती है। इस बढ़े हुए एक माह को अधिक मास, पुरुषोत्तम मास और खरमास भी कहा जाता है। इस दौरान वैसे तो शुभकार्य वर्जित माने जाते है, लेकिन अधिक मास के दौरान मंदिरों में विशेष अनुष्ठान शुरू हो जाते है। जिनका क्रम पूरे माह लगातार चलता रहता है। पुरुषोत्तम मास के दौरान देशभर की 13 हजार गोवर्धननाथ मंदिर हवेलियों में एक माह में ही वर्ष भर में मनाए जाने वाले सभी त्यौहार धूमधाम के साथ मनाए जाते हैं। इन आयोजनों की शुरुआत बुधवार को अधिकमास के शुरू होते ही हो जाएगी।
पुरुषोत्तम मास के पहले ही दिन सभी गोवर्धननाथ मंदिर हवेलियों में एक साथ ध्वजा चढ़ाई जाएगी। इसके चलते शहर के सोमवारिया बाजार स्थित श्री गोवर्धननाथ मंदिर हवेली में सुबह साढ़े 11 बजे ध्वजा चढ़ाईजाएगी। इसके पहले 9 बजे मंदिर हवेली में विशेष उत्सव का आयोजन होगा। मंदिर मुखिया पं. निकुंज मेहता ने बताया कि पूरे पुरुषोत्तम मास के दौरान प्रतिदिन ठाकुरजी के विभिन्न शृंगार और मनोरथ सहित महोत्सव मनाए जाएंगे। इस दौरान प्रतिदिन सुबह 8 बजे मंदिर हवेली में मंगला दर्शन होंगे। इसके बाद सुबह 9 बजे विशेष मनोरथ का आयोजन होगा। सुबह साढ़े 11 बजे राजभोग दर्शन कराए जाएंगे।

इसके बाद शाम साढ़े 7 बजे प्रतिदिन बड़े उत्सवों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर मुखिया पं. मेहता ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान दिनभर मंदिर हवेली में भजन-किर्तन और प्रसादी वितरण भी किया जाएगा। श्री गोवर्धननाथ सेवा समिति के मनोहरलाल पुरोहित, वल्लभ माहेश्वरी, विरेंद्र व्यास, नरेंद्र कसेरा, महेंद्र गुप्ता, जगमोहन सोनी, वल्लभ गुप्ता, बालकृष्ण वर्मा, डॉ. ओमप्रकाश सोनी, राकेश सोनी आदि ने वैष्णवजनों से मंदिर हवेली में आयोजित होने वाले सभी धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ लेने का अनुरोध किया है।

भागवत कथा का होगा आयोजन
पूरे अधिकमास के दौरान मंदिरों में जगह-जगह श्रीमद्भागवत कथा और प्रवचनों का भी आयोजन किया जाएगा। पंडितों की माने तो इस माह में भगवान का पूजन, भजन करने, भागवत कथा और प्रवचन श्रवण करने से 10 गुना अधिक पुण्य मिलता है।
सभी त्योहार मनेंगे एक ही माह में
पुरुषोत्तम मास में सभी मंदिर हवेलियों में एक माह में वर्षभर के सभी प्रमुख त्योहारों का आयोजन होगा। इस दौरान मंदिर में विशेष रूप से होली, दिवाली, नंद महोत्सव, फुलो का बंगला, फुलों का हिंडोरा, फलों का हिंडोरा, नाव का मनोरथ, कालीघटा, पीलीघटा, हरियाली घटा, विशेष मनोरथों का आयोजन होगा।

Lalit Saxena
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned