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गुणवत्ता और पारदर्शिता की बात जो कागजों और भाषणों में कही जाती है वह धरातल पर नजर नहीं आती।

By: Lalit Saxena

Published: 03 Mar 2019, 10:00 AM IST

अजय वर्मा. शुजालपुर
गुणवत्ता और पारदर्शिता की बात जो कागजों और भाषणों में कही जाती है वह धरातल पर नजर नहीं आती। किसी भी कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिन लोगों को जवाबदारी दी जाए और वे ही आंखें फेर लें तो कार्य में गड़बड़ी होना तय है।
ऐसा ही मामला नपा शुजालपुर अंतर्गत चल रहे मुख्यमंत्री अद्योसंरचना योजना तहत बनाई जा रही लाखों की लागत वाली सड़कनिर्माण में देखने को मिल रहा है। निर्माण एजेंसी ने जिस हिस्से का सीमेंट-कांक्रीट कार्य शुक्रवार की शाम को किया उस पर जब शनिवार सुबह तराई की गई तो पानी डलते ही मटेरियल के रूप में शामिल की गई मिट्टी बहने लगी। यह तक कि सड़क में छोटे-छोटे गड्ढे तराई से बन गए। सीसी रोड पर जब यातायात दबाव आएगा तब स्थिति किस तरह की होगी इसका अंजादा आसानी से लगाया जा सकता है।
नगर के लिए लगभग 3 करोड़ 30 लाख की लागत से विभिन्न हिस्सों में सीसी रोड व नाला निर्माण का कार्य यूनिक पावर भोपाल नामक एजेंसी ने लिया है। योजना में 18 लाख की लागत से रेलवे गेट से अंडर ब्रिज तक सीसी रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने जो कार्य शुक्रवार को किया उसे देख आसपास के रहवासी भी सकते में आ गए। इस पर पानी डालते ही गड्ढे होने लगे और उसे छिपाने के लिए निर्माण एजेंसी ने टाट की बोरियां डाल दी। निर्माण एजेंसी ने योजना तहत पहली सड़क का निर्माण ही शुरू किया है जबकि निर्माण एजेंसी को शहर में कई कार्य करना है। यदि इस तरह की गुणवत्ता रखी गई तो 3 करोड़ रुपए का निर्माण कुछ समय में ही बह जाएगा।
खुदवाकर पुन: बनवाई जाएगी सड़क
नगर में बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क में हो रहे भ्रष्टïाचार को लेकर पत्रिका ने कार्यापालन यंत्री उज्जैन आरआर जारोलिया से चर्चा की और वस्तु स्थिति से अवगत कराया। इस पर जारोलिया ने तत्काल जानकारी जुटाई और कहा सड़क निर्माण के मटेरियल में मिट्टी का मिश्रण जेसीबी से हुआ है। इस निर्माण को जेसीबी से उखड़ाकर फिर से बनवाया जाएगा।
जवाबदार झाड़ रहे जिम्मेदारी से पल्ला
सड़क निर्माण के 24 घंटे बाद ही गड्ढे व दरारे देख आसपास के रहवासियों ने जानकारी नगर पालिका के तकनीकी अधिकारी को देने का प्रयास किया लेकिन अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इस संबंध में नपा इंजीनियर को भी पार्षद ने जानकारी देने का प्रयास किया लेकिन इंजीनियर ने पार्षद का फोन तक नहीं उठाया। जब पत्रिका ने नपा के सहायक यंत्री राहुल जाखड़ से चर्चा की तो उनका कहाना था कि क्वालिटी और अन्य काम देखने के लिए भोपाल की कंसल्टेंसी का दायित्व है। यदि ऐसा है तो नपा में नियुक्त किए गए इन तकनीकी अधिकारियों की जवाबदारी क्या है।
शुक्रवार शाम सड़क निर्माण के लिए जो माल तैयार हो रहा था उसमें जेसीबी से मिट्टी तक मिलाई गई। जब सुबह तराई कराई तो मिट्टी पानी के साथ बहने लगी और हाथ से खुरचने पर ही गिट्टी और मटेरियल निकल रहा है। शुरुआती छोर पर जो कार्य हुआ उस दौरान बालू रेत भी समाप्त हो गई थी। इस संबंध में जानकारी देने के लिए नपा एई को फोन लगाया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। काफी लापरवाही हो रही है और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
भगवानसिंह कुशवाह, पार्षद कृष्णानगर

Lalit Saxena
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