कलेक्टर पहुंचे खरीदी केन्द्र, किसानों को सांत्वना देने के लिए ये बोले

तीसरे दिन दोपहर बाद पोर्टल ने किया काम, ९ केंद्रों पर ९१ किसानों का माल तौला, खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर कलेक्टर ने लिया जायदा, किसानों से कहा जल्द सुधरेगी व्यवस्था

By: rishi jaiswal

Published: 29 Mar 2019, 09:00 AM IST

 

 

 

शाजापुर. इस बार समर्थन मूल्य की खरीदी शुरुआत में ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते ठप हो गई है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए तीन दिनों से किसान परेशान हो रहे हैं। ऐसे में कुछ किसान अपनी उपज लेकर पुन: घर लौट गए है तो कुछ किसान खरीदी केंद्र पर ही डेरा जमाए हुए हैं। गुरुवार को कलेक्टर श्रीकांत बनोठ भी खरीदी केंद्र पर पहुंचे और खरीदी की ऑनलाइन प्रक्रिया देखी। इस दौरान उन्होंने कम्प्यूटर सिस्टम में किसानों की पावती अपडेट करने की प्रक्रिया देखी और पोर्टल बंद होने को लेकर भोपाल चर्चा भी की। कलेक्टर बनोठ केंद्र पर करीब एक घंटे तक रुके। इस बीच पोर्टल चालू भी हुई जिसमें कुछ किसानों के ऑनलाइन पर्चा टोकन बनाकर दिए। इस दौरान खरीदी केंद्र पर मौजूद किसानों से भी कलेक्टर ने चर्चा की।

किसानों ने बताया कि तीन दिन से खरीदी केंद्र पर आ रहे है, कुछ किसान वापस लौट गए लेकिन खरीदी शुरू नहीं हो पा रही है। किसानों ने जल्द व्यवस्था ठीक करवाने की बात कही। इस पर कलेक्टर ने कहा कि तकनीकी खराबी के चलते पोर्टल बंद हो रही थी, पोर्टल पर हो रही खराबी को भोपाल से ठीक किया जा रहा है। पोर्टल ठीक होते ही आज से खरीदी शुरू हो जाएगी। इधर तीन दिनों से खरीदी केंद्रों पर बैठे किसानों ने कलेक्टर को पीने का पानी और धूप से बचने के लिए टेंट नहीं होने की परेशानी भी बताई। जिस पर अधिनस्थों को तत्काल पेयजल व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
इस बार वैसे ही १० दिन देरी से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू की जा रही है। इस वर्ष २५ मार्च खरीदी की तिथि तय की गई थी, लेकिन रंगपंचमी होने पर एक दिन आगे बढ़ाते हुए २६ मार्चसे खरीदी शुरू होना थी। खरीदी को लेकर किसानों एसएसएस भी आए, जिसके चलते किसान संबंधित वेयर हाऊस पर रात से ही जमा होने लगे थे। लेकिन तीन दिन तक खरीदी केंद्र की पोर्टल बंद रही। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई। गुरुवार को भी कुछ केंद्रों पर खरीदी की गई।हालांकि प्रशासन का कहना है कि पोर्टल में आ रही तकनीकी खराबी ठीक की जा रही है।

तीसरे दिन 2437.34 क्विंटल गेहूं खरीदा गया
बुधवार को दोपहर बाद कुछ केंद्रों पर पोर्टल काम करने लगा। जिसके बाद कुछ केंद्रों पर खरीदी शुरू की गई। हालांकि अभी भी कम ही केंद्रों पर खरीदी की गई, लेकिन शुक्रवार से स्थिति सुधरने की बात अधिकारी कह रहे हैं। सहायक आपूर्ति अधिकारी एमके भतकारिया ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद पोर्टल ने काम किया। इस दौरान ९ केंद्रों पर ९१ किसानों की उपज तोली गई।इस दौरान २४३७.३४ क्विंटल गेहूं खरीदा गया। बता दें कि जिले में पहले दिन दुधाना के तीन किसानों का माल तोला गया था। दूसरे दिन ६ केंद्रों पर ३६ किसानों से उपज खरीदी गई। वहीं बुधवार को ९ केंद्रों पर ९१ किसानों का माल खरीदा गया। भतकारिया ने बताया कि कल से अन्य केंद्रों पर भी खरीदी शुरूहोगी।

सॉफ्टवेयर से नहीं निकल रही थी पावती
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में इस बार नवाचार किया गया। इसमें किसानों की पावती निकलने में परेशानी हो रही थी। पहले उपज बेचने वाले किसान एसएमएस मिलने के बाद खरीदी केंद्र पहुंचते थे। यहां एसएमएस दिखाने के बाद उपज का तोल होता था, इसके बाद तोल की पर्ची बनती थी और बिल बना था। ये प्रक्रिया पहले भी ऑनलाइन थी। लेकिन इस बार पहले किसान का ऑनलाइन टोकन पर्चा खरीदी केंद्र पर बन रहा है। इसके लिए सॉफ्टवेयर में पहले ही किसान को वाहन की संख्या, भरी गाड़ी का वजन, खाली गाड़ी का वजन, उपयोग किए गए बारदाना की संख्या, बारदाना सहित वजन सहित अन्य जानकारी पहले ही भरना होगी। इसके बाद पावती निकलेगी। जिसे दिखाकर किसान अपनी उपज केंद्र पर तुला सकता है। फिर तोलपर्ची बनने के बाद बिल बनेगा। नए सॉफ्टवेयर में मांगी गईसभी जानकारी किसानों को देना होगी।

45 हजार से अधिक किसान कर रहे गेहूं बेचने का इंतजार
पिछले साल की तुलना में इस बार जिले में गेहूं का रकबा बढ़ा है। ऐसे में जिले की ३८ समितियों में ४५ हजार १४२ किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से कुछ किसानों के पास उपज बेचने के लिए एसएमएस आए है। लेकिन तीन दिनों से किसान उपज बेचने के लिए परेशान हो रहे है। बीते साल अल्पवर्षा के चलते जिले के जलाशयों में पानी की मात्रा कम थी। जिससे किसानों ने कम मात्रा में गेहूं की बोवनी की थी, जिसके चलते जिले में ६० हजार हैक्टेयर में गेहूं और ८० हजार हैक्टेयर में चने की बोवनी हुई थी। इस बार भी जिले में अल्पवर्षा रही लेकिन जलाशयों में इतना पानी जमा हो गया कि किसानों की सिंचाई आसानी से हो सके। इस बार चीलर बांध और लखुंदर बांध से किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया गया। इसके चलते किसानों ने १ लाख से अधिक हैक्टेयर में गेहूं की बोवनी की गई। वहीं ७० हजार हैक्टेयर के लगभग चना की बोवनी हुई थी। ऐसे में इस बार गेहूं का उत्पादन भी जिले में दोगुना हुआ है।

पानी, टेंट की व्यवस्था नहीं, वापस लौट रहे किसान
कृषक श्याम त्रिवेदी पिता पुरूषोत्तम त्रिवेदी ने बताया कि २६ तारीख को उपज बेचने का मैसेज है, लेकिन तीन दिन तक खरीदी शुरू नहीं हुई। तीन दिन से परेशान हो रहे हैं। किसानों के लिए न पानी की व्यवस्था है और न ही धूप से बचने के लिए टेंट है। जिससे किसान वापस जा रहे हैं। एक ही केंद्र से दो दिन में ८४ ट्रैक्टर वापस चले गए। हमारी मांग है कि जो किसान यहां पहुंचे कम से कम उनका माल तो तोल लिया जाए, बाकी किसान बाद में आ जाएंगे।

समर्थन मूल्य खरीदी को लेकर साफ्टवेअर में तकनीकी परेशानी आ रही है। जिसे ठीक कराने के लिए भोपाल बात की है।समस्या जल्द ही ठीक होगी, सभी किसानों का उपज खरीदा जाएगा।

- श्रीकांत बनोठ, कलेक्टर

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