यहां पर मिट गए गिले-शिकवे, थामा एक-दूसरे का हाथ,

यहां पर मिट गए गिले-शिकवे, थामा एक-दूसरे का हाथ,
National Lok Adalat,

rishi jaiswal | Updated: 14 Jul 2019, 09:05:00 AM (IST) Shajapur, Shajapur, Madhya Pradesh, India

कोर्ट में फिर एक-दूजे के हुए पति-पत्नी, दोनों ने एक-दूसरे को दिया साथ रहने का वचन, चार मामलों का हुआ निराकरण, खुशी-खुशी घर लौटे

शाजापुर. शनिवार का दिन चार परिवारों के लिए फिर खुशियां लेकर आया। इस दिन लोक अदालत के तहत कुटुम्ब न्यायालय में चार परिवार एक-दूजे के होकर खुशी-खुशी घर लौटे। न्यायाधीश और वकीलों ने अहम भूमिका निभाते हुए परिवारों के बीच हुए विवाद का निराकरण किया। शनिवार को मेगा लोक अदालत में अनेक मामलों का निराकरण समझौते से हुआ और विवाद निपट गया। किसी का बरसों पुराना विवाद खत्म हुआ तो किसी पर चला आ रहा विभागीय काम का बोझ उतर गया।
पति-पत्नी ने लगा रखा था केस
कुटुम्ब न्यायालय में दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच चला आ रहा विवाद खत्म हो गया और फिर दोनों एक-दूजे के साथ रहने को राजी हो गए। एडवोकेट सईद पठान व जावेद पठान ने बताया शुजालपुर टपका की रहने वाली नूरजहां का विवाह बोरसाली में रहने वाले भूरू खां से हुआ था। दोनों कुछ दिन तो अच्छे से साथ में रहे, लेकिन बाद में दोनों के बीच खेत पर काम करने और बच्चे को संभालने को लेकर विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज प्रताडऩा का केस लगा दिया। इधर पति ने भी पुनस्र्थापना के लिए केस लगा दिया। मामला कुटुम्ब न्यायालय पहुंचा, जहां प्रभारी प्रधान न्यायाधीश रमेश श्रीवास्तव की अदालत में समझाइश के बाद दोनों को गलती का एहसास हुआ और दोनों एक-दूजे के साथ रहने को राजी हुए। समझौते में एडवोकेट सईद व जावेद की भूमिका रही।
ताने से परेशान होकर छोड़ा था पति का घर
श्रीवास्तव की अदालत में दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी फिर एक-दूजे के साथ रहने को तैयार हो गए। पत्नी अपने सास-ससुर के तानों से परेशान होकर ससुराल छोड़कर मायके में रह रही थी। एक माह पहले हालांकि दोनों साथ जरूर रहने लगे थे, लेकिन मनमुटाव शनिवार को खत्म हुआ। एडवोकेट जीके सक्सेना ने बताया पलसावद में रहने वाली सुमित्रा का विवाह शुजालपुर के समीप दुग्धा के रहने वाले एलमसिंह के साथ हुआ था। महिला को परिवार वाले दहेज के लिए प्रताडि़त कर रहे थे। मामला लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय में पहुंचा, जहां न्यायाधीश रमेश श्रीवास्तव द्वारा समझाइश देने पर दोनों को गलती का एहसास हुआ और दोनों के बीच चला आ रहा मनमुटाव खत्म हुआ और दोनों साथ रहने लगे।
थाने में पहुंच गया था मामला
एडवोकेट सक्सेना ने बताया आक्या चौहानी में रहने वाले दिनेश का विवाह हरणगांव में रहने वाली ममता के साथ हुआ था। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों में लड़ाई होती थी। बेरछा थाने में भी यह मामला पंजीबद्ध हुआ था। एडवोकेट द्वारा अपील की गई और मामला कुटुम्ब न्यायालय पहुंचा, यहां अपर सत्र न्यायाधीश रमेश श्रीवास्तव और एडवोकेट सक्सेना की समझाइश पर दोनों के बीच समझौता हो गया।
दूसरी महिला बन रही थी परिवार में दीवार
कमरदीपुरा निवासी बबलीबाई का विवाह पाल्डया में रहने वाले दिलीप के साथ हुआ था। दिलीप का किसी और महिला के साथ प्रेम-प्रसंग था। बबली बाई को दिलीप मोबाइल पर भी बात नहीं करने देता था और मायके वालों से भी नहीं मिलने देता था। तंग आकर महिला मायके आ गई थी। मामला महिला बाल विकास में भी पहुंच गया था। कुछ दिनों पहले दिलीप ने उस महिला से संबंध भी तोड़ लिए थे तो भी बबली बाई घर आने को तैयार नहीं थी। कुटुम्ब न्यायालय में प्रथम श्रेणी न्यायाधीश बिरवाल के यहां मामला पहुंचा, जहां दोनों के बीच समझौता हुआ और दोनों खुशी-खुशी घर लौटे।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned