सूरज की गर्म लपटें बिगाड़ रही सेहत, मौसमी बीमारी से बढ़े मरीज

जिला अस्पताल में बढ़ी मौसमी मरीजों की संख्या, उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी, खांसी के मरीज पहुंच रहे अस्पताल

शाजापुर.

बीते एक पखवाड़े से गर्मी का सितम जारी है। शहरवासी तपती गर्मी का सामना कर रहे हैं। २९ मार्च को तापमान ४२ डिग्री पहुंचा था, इसके बाद से आज तक तापमान ४० डिग्री के ऊपर चल रहा है। गर्मी का असर आमजन की सेहत पर भी देखा जा रहा है। यहीं वजह है कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं लगभग सभी वार्ड हाऊसफुल हो रहे हैं। इस गर्मी में तमाम बीमारियां भी लोगों को प्रभावित कर रही हैं। जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में 30 से 40 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी के शिकार हुए हैं। खासतौर पर लोगों को पेट संबंधी शिकायत के साथ उल्टी-दस्त, लूज मोशन, चक्कर आना, घबराहट और बुखार, सर्दी आदि की शिकायत हो रही है। इधर भर्ती मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। दो माह पूर्व तक ६० से ७० मरीजों को भर्ती किया जा रहा था, वहीं अब ये आंकड़ा १०० के करीब पहुंच गया है।
इधर लगातार तापमान ४० से ऊपर होने पर लू लगने का खतरा भी बढ़ गया है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होने की बात कह रहा है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं, उपचार, प्रबंधन को लेकर सभी ब्लॉकों के डॉक्टरों को निर्देशित किया जा रहा है। जिला अस्पताल में भी मौसम के अनुसार व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी से बचने के लिए मरीजों के लिए वार्ड में कूलर लगाए गए है, वहीं वाटर कूलर की व्यव्सथा भी की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में तेज धूप से बचने के उपाय करें। जरूरी होने पर ही दोपहर में तीखी धूप में घर से बाहर निकलें। सिविल सर्जन एसडी जायसवाल के मुताबिक तेज गर्मी के मौसम में लू लगने का सबसे ज्यादा खतरा वृद्ध, गर्भवती और नवजात शिशुओं को रहता है। इसके अलावा लू से अन्य लोगों को भी खतरा रहता है। गर्मी और लू के प्रभाव से बचने के लिए सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है। बावजूद गर्मी में अगर स्वास्थ्य पर विपरित असर दिखे तो तत्काल डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए।

गर्मी में इन बातों का रखें ध्यान
- तेज धूप से बचाव के लिए आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का उपयोग करें।
- मौसम के अनुसार ज्यूस, मिल्क शेक जैसे एनर्जी ड्रिंक रूटीन में शामिल करें।
- ठंडे स्थान से गर्म और गर्म से ठंडे स्थान में जाने से पहले थोड़ा रुकें।
- मौसम के अनुसार शरीर को आरामदायक पहनावे में हल्के रंगों वाले कपड़ों का इस्तेमाल करें।
- अल सुबह उठकर टहलने के साथ नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें।
- गर्मी में शरीर को अन्य मौसम की तुलना में पानी की ज्यादा जरूरत होती है पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- वासी खाद्य पदार्थों का उपयोग न करें, शुद्ध और ताजा भोजन लें
- ज्यादा तीखा और तेल युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन न करें।

इनका कहना
पिछले कुछ दिनों से गर्मी में तेजी, जिससे मौसमी बीमारी बढ़ी है। गर्मी को देखते हुए अस्पताल में कूलर और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है।
- डॉ. एसडी जायसवाल, सिविल सर्जन

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Gopal Bajpai
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