जलसंकट की आहट, १५० फीट नीचे उतरा पानी, गर्मी आने से पहले ६४६ हैंडपंप बंद

Lalit Saxena

Publish: Feb, 15 2018 08:01:02 AM (IST)

Shajapur, Madhya Pradesh, India
जलसंकट की आहट, १५० फीट नीचे उतरा पानी, गर्मी आने से पहले ६४६ हैंडपंप बंद

जिले में गर्मी शुरू होने से पूर्व ही ६४६ हैंडपंप बंद हो चुके हैं।

शाजापुर. भले ही अभी गर्मी शुरू नहीं हुई हो, लेकिन इससे होने वाली परेशानियों की आहट आनी शुरू हो गई है। जिले में गर्मी शुरू होने से पूर्व ही ६४६ हैंडपंप बंद हो चुके हैं। इनमें ५०९ हैंडपंप जलस्तर गिरने से बंद हैं। ११३ तकनीकी खराबी के चलते बंद हैं। २४ सुधार योग्य है। मई-जून की गर्मी में जलस्तर और अधिक नीचे जाने की उम्मीद है, ऐसे में जलस्तर गिरने से अनेक हैंडपंप सहित कुएं, बावड़ी, छोटे तालाबों के भी सूखने का अंदेशा है। इस वर्ष अल्पवर्षा से जिले में अनेक तालाब, डैम, नदियां सूखे ही रह गए। इससे कई क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति अभी से बिगडऩे लगी है। अभी तो फरवरी आधा ही बीता है।
जिले में इस बार औसत से आधी बारिश दर्ज की गई। इससे नदी, नाले, बांध, कुएं, बावड़ी खाली हैं। अब गर्मी की आहट से भूजलस्तर में गिरावट होती जा रही है। मई-जून में जलस्तर और नीचे पहुंचेगा। बारिश के अंतिम दिनों में हुई बारिश से चीलर बांध में पेयजल के लिए पर्याप्त पानी आ गया, जिससे शहरवासियों को इस वर्ष गर्मी में भीषण पेयजल संकट नहीं झेलना पड़ेगा, लेकिन गर्मी की शुरुआत के पहले ही जिले में कई स्थानों पर तेजी से जलस्तर गिरने लगा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ सकता हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार जिले में कुल ४६६० हैंडपंप स्थापित हैं। इनमें से ५३३ दम तोड़ चुके हैं।१
१५० फीट गिरा जलस्तर५० फीट गिरा जलस्तर
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार जिले का जलस्तर लगभग १५० फीट नीचे पहुंच चुका है। गर्मियों के दिनों में यह आंकड़ों १७० फीट से भी अधिक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल अभी तो गर्मी की पूरी तरह से शुरुआत भी नहीं हुई है। आगामी दिनों में जलस्तर गिरने से बंद हैंडपंपों का आंकड़ा भी बढ़ेगा।
पेयजल परिवहन की स्थिति नहीं
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मानें, तो अभी जिले में भीषण जलसंकट की स्थिति नहीं बनी है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे नदी-तालाबों में पानी कम होगा, वैसे-वैसे जलस्रोत भी सूखने लगेंगे। यह सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन अभी जिले में पेयजल परिवहन की नौबत नहीं बनी है।
नल-जल योजना में सुधार कर रहे हैं
जिले का जलस्तर पर लगभग १५० फीट नीचे पहुंच चुका है। इससे ५०९ हैंडपंप बंद है। जिले में पेयजल परिवहन की स्थिति नहीं है। नलजल योजना में भी सुधार किया जा रहा है। जरूरत है कि लोग ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाएं और पानी सहेजे, जिससे जलस्तर बढ़ा रहेगा।
रवि डहरिया, कार्यपालन यंत्री पीएचई

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