इस स्कूल में पानी पहुंचता है हवा में लटकी पाइप लाइन से

इस स्कूल में पानी पहुंचता है हवा में लटकी पाइप लाइन से

Piyush bhawsar | Publish: Jul, 20 2019 07:30:00 AM (IST) Shajapur, Madhya Pradesh, India

शासकीय स्कूल ने 700 फीट की हवाई पाइप लाइन डालकर की स्कूल में पानी की व्यवस्था

शाजापुर.

कुछ करने की चाह हो तो उसका रास्ता भी निकल आता है। ऐसे ही स्कूल के विद्यार्थियों को पानी के लिए परेशान होते देख शासकीय स्कूल के प्राचार्य ने कुएं से पानी को स्कूल तक पहुंचाने का विचार किया। कागजी कार्रवाई पूरी की तो पता लगा कि कुएं से करीब 700 फीट की दूरी तक अंडरग्राउंड पाइप लाइन डालने का खर्च बहुत ज्यादा हो जाएगा। ऐसे में लागत बचाने के लिए पेड़ों के उपर से निकालते हुए हवाई पाइप लाइन डालकर स्कूल तक पहुंचा दिया। प्रचार्य के इस प्रयास का लाभ आज स्कूल के करीब 1 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मिल रहा है।

हम बात कर रहे हैं जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 की। स्कूल में पूर्व में नगर पालिका का नल कनेक्शन था। इस नल से जो जल प्रदाय नपा करती उससे ही स्कूल में पानी की आपूर्ति करना पड़ती थी। ऐसे में कई बार स्कूल में पानी खत्म होने पर टैंकर से व्यवस्था करना पड़ती थी। वहीं शौचालय में भी पानी की उपलब्धता नहीं हो पाती थी। इसी समस्या को देखते हुए स्कूल के प्राचार्य अरुण व्यास ने करीब 4 साल पहले यहां पर किसी दूसरे स्रोत से पानी लाने के लिए विचार किया। आसपास के जलस्रोतों देखे तो पता लगा कि शासकीय उत्कृष्ट उमावि क्रमांक-1 के अधिन एक कुआं है जो कि सीएमएचओ कार्यालय के पास में स्थित है। इस कुएं से पानी स्कूल तक पहुंचे तो स्कूल में पानी की परेशानी हमेशा के लिए दूर हो सकती है।

उत्कृष्ट स्कूल की प्रचार्य ने ठुकरा दी थी डीइओ के मांग
उत्कृष्ट स्कूल के कुएं से पानी लेने के लिए क्रमांक-2 स्कूल के प्राचार्य व्यास ने तत्कालीन डीइओ के माध्यम से एक उत्कृष्ट स्कूल की प्राचार्य के भिजवाकर कुएं से पानी दिए जाने की मांग की थी, लेकिन उत्कृष्ट स्कूल की प्राचार्य ने डीइओ की मांग को ठुकरा दिया था। उत्कृष्ट की प्राचार्य का कहना था कि वो कलेक्टर के अधिन है। इसके चलते व्यास ने तत्कालीन कलेक्टर राजीव शर्मा को समस्या बताई। इसके चलते कलेक्टर शर्मा ने उत्कृष्ट स्कूल की प्राचार्य को फोन पर क्रमांक-2 स्कूल को कुएं से पानी दिए जाने के लिए निर्देश जारी कर दिए। इसके बाद क्रमांक-2 स्कूल को पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया।

पेड़ों पर बांधकर हवा में लटकाया पाइप और पहुंचा दिया स्कूल तक
क्रमांक-2 स्कूल के प्राचार्य व्यास ने बताया कि जब कुएं से स्कूल तक पाइप लाइन डालने की योजना बनाई तो पता लगा कि यदि अंडरग्राउंड पाइप डाला गया तो इसका खर्च बहुत ज्यादा आएगा। ऐसे में स्कूल प्राचार्य ने यहां पर लगे पेड़ों की शाखाओं के उपर से हवा में पाइप लाइन को लटकाते हुए स्कूल तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही कुएं में पानी खींचने के लिए मोटर और स्टार्टर सहित कनेक्शन भी करवा लिया। प्राचार्य व्यास के अनुसार करीब 4 साल पहले किए गए इस कार्य में मोटर, पाइप, तार सहित फिटिंग चार्ज आदि मिलाकर 15 हजार रुपए का खर्च हुआ था। इस पाइप लाइन की बदौलत आज स्कूल में अध्ययनरत करीब एक हजार विद्यार्थियों सहित संपूर्ण स्टॉफ के लिए पेयज और शौचालयों तक में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहता है।

फैक्ट फाइल
कुएं से स्कूल तक डाली गई हवाइ पाइप लाइन 700 फीट (लगभग)
स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 1000 से ज्यादा
पाइप लाइन डालने का खर्च 2 हजार रुपए
कुएं में डाली गई मोटर का मूल्य 8 हजार रुपए
स्कूल तक डाले गए पाइप का मूल्य 5 हजार रुपए

इनका कहना है
4 साल पहले उत्कृष्ट विद्यालय के अधिन कुएं से स्कूल तक करीब 700 फीट पाइप को पेड़ों पर हवा में लटकाते हुए लाकर पानी की व्यवस्था की गई थी। ये व्यवस्था आज भी यथावत है। इससे स्कूल के सभी विद्यार्थियों को पर्याप्त पानी हर समय मिल पा रहा है।
- अरुण व्यास, प्रभारी डीइओ एवं प्राचार्य शासकीय बालक उमावि क्रमांक-2

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