ऐसी क्या मजबूरी रही जो हरियाली को काटना पड़ा

जिला मुख्यालय पर पुराने डिपो कार्यालय परिसर में सरकार की दीनदयाल रसोई योजना का संचालन किया जा रहा है।

शाजापुर. जिला मुख्यालय पर पुराने डिपो कार्यालय परिसर में सरकार की दीनदयाल रसोई योजना का संचालन किया जा रहा है। यहां पर 5 रुपए में भरपेट भोजन करने आने वालों को खुले आसमान के नीचे तिरपाल लगाकर भोजन परोसा जाता है। इससे बारिश के मौसम में खासी परेशानियों का सामना सभी को करना पड़ता है। इसी समस्या के निराकरण के लिए नगर पालिका ने यहां पर करीब 9 लाख रुपए की लागत से शेड निर्माण परिषद की बैठक में स्वीकृत करते हुए इसका कार्य शुरू करवा दिया। इस कार्य के लिए यहां मौजूद हरे वृक्षों को काटा गया है। पुराने डिपो में शेड निर्माण के साथ ही आधुनिक किचन शेड भी बनाया जाना है। कार्य के लिए परिसर में लगे पेड़ों को काटा गया है। हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलते देख शहरवासियों में चर्चा रही कि यदि कोई अन्य व्यक्ति हरे पेड़ को काटता तो उस पर कार्रवाई हो जाती, लेकिन स्वयं नपा ही पेड़ कटवा रही है। इस पर क्या कार्रवाई होगी। हालांकि नपा के अधिकारियों का कहना है कि एक ही पेड़ को काटा गया। जो शेड निर्माण में बाधा बन रहा था। शेड बनने से यहां पर भोजन करने आने वालों को खासी सहूलियत होगी। मौसम की मार से सभी बचते हुए आसानी से योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके चलते परिसर में लगे एक पेड़ को काटना जरूरी थी। शेड बनने से यहां पर भोजन करने आने वालों को खासी सहूलियत होगी। मौसम की मार से सभी बचते हुए आसानी से योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके चलते परिसर में लगे एक पेड़ को काटना जरूरी थी।
एक ही पेड़ काटा है
दीनदयाल रसोई योजना के लिए करीब 9 लाख रुपए की लागत से शेड का निर्माण होना है। कार्य शुरू किया गया है। साथ ही आधुनिक किचन शेड भी बनाया जाएगा। निर्माण में एक पेड़ बाधा बन रहा था जिसकी कटाई कराई गई है।
भूपेंद्रकुमार दीक्षित, सीएमओ, नगर पालिका-शाजापुर

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