तीन सगे भाईयों समेत 11 आरोपियों को आजीवन कारावास,जानिए क्यों

एक साल पूर्व दीपावली के दिन देहात थाना क्षेत्र के रुपनगर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुआ था विवाद
-विवाद के दौरान आरोपियों ने हमला कर योगेश की कर दी थी हत्या,जबकि योगेश के पिता व भाई को कर दिया था घायल
-11 आरोपियों पर 2 लाख 75 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया

श्योपुर,
देहात थाना क्षेत्र के ग्राम रुपनगर में एक साल पूर्व दीपावली के दिन पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक की हत्या और उसके पिता व भाई को घायल करने के मामले में सत्र न्यायाधीश श्योपुर आरबी गुप्ता की अदालत ने गुरुवार को मामले के 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई दी। साथही 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
खास बात यह है कि सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य है। जिसमें पिता पुत्र और तीन सगे भाई भी शामिल है। मामले में पैरवी करने वाले जिला लोक अभियोजक एमडी सोनी ने बताया कि 11 आरोपियों से अर्थदंड के रूप में 2 लाख 75 हजार रुपए की राशि वसूली जाएगी इसमें से 50 हजार रुपए मृतक के पिता हरिशंकर, 50 हजार रुपए मृतक की मां तथा 25 हजार रुपए आहत हुए छोटे भाई पवन को दिए जाने के आदेश न्यायालय के द्वारा दिए गए है।
यह था मामला
8 नवंबर 2018 को दोपहर के समय रुपनगर निवासी हरिशंकर मीणा और उसके बेटे योगेश मीणा, पवन मीणा जब घर पर थे,तभी पुरानी रंजिश को लेकर पड़ोस में ही रहने वाले गुर्जर समाज के 11 लोग एक राय होकर घर में घुस आए और लाठी-कुल्हाड़ी व गड़ासे से तीनों पिता पुत्रों पर हमला कर दिया। हमले में योगेश (25) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसका छोटा भाई पवन (21) और पिता हरिशंकर मीणा (46) घायल हो गए। पवन को गंभीर घायल होने पर जिला अस्पताल से कोटा के लिए रैफर किया गया।
इन आरोपियों को सुनाई गई सजा
देहात थाना पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या,हत्या के प्रयास सहित अन्य कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा और विवेचना पूरी कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के बाद न्यायालय ने दोषी साबित हुए जिन 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है,उनमें बलराम गुर्जर, शंभू गुर्जर, ओमप्रकाश गुर्जर, लूटर उर्फ रामकैलाश, देवनारायण गुर्जर, सुखदेव गुर्जर, रामवीर गुर्जर, राधेश्याम गुर्जर, रामभरत गुर्जर, राजेन्द्र गुर्जर, धनपाल गुर्जर निवासी रुपनगर शामिल है। आरोपी रामवीर गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही जेल में बंद था।उसकी किसी भी न्यायालय के द्वारा जमानत नहीं ली गई।
किस धारा में कितनी सुनाई सजा
धारा सजा अर्थदंड
148 2 साल का सश्रम कारावास 2 हजार
302 आजीवन कारावास 10 हजार
449 10 साल का सश्रम कारावास 10 हजार
323 3 माह का सश्रम कारावास 1 हजार
324 2 वर्ष का सश्रम कारावास 2 हजार

Laxmi Narayan
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