15 दिन में पलायन कर गए 1500 सहरिया परिवार

मनरेगा में कराहल की 50 पंचायतों की 3 करोड़ राशि का अटकना बनी वजह

By: Anoop Bhargava

Published: 03 Mar 2019, 11:19 AM IST

कराहल
कराहल जनपद की 50 पंचायतों में मनरेगा के 3 करोड़ रुपए का भुगतान अटकने से १५ दिन में १५०० सहरिया परिवार पलायन कर गए। सहरिया परिवरों को मजदूरी का भुगतान दिसम्बर २०१८ से नहीं होने के चलते यह हालात बने हैं। सहरिया परिवार अब मजदूरी के लिए पड़ोसी राज्य और जिलों में मजदूरी करने के लिए पलायन कर रहे हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कराहल जनपद की 50 पंचायतों का भुगतान अटकने से यहां मनरेगा के काम भी ठप पड़ गए हैं। करीब 6 हजार 525 निर्माण कार्य लंबित पड़े हैं। दिसम्बर, जनवरी, फरवरी से मजदूरी का पैसा नहीं मिला तो सहरिया परिवार उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात के अलावा जिला मुख्यालय के सीमावर्तीय क्षेत्रों में मजदूरी करने जा रहे हैं।
पंचायतों ने काम करा लिए भुगतान नहीं मिला
कराहल ग्राम पंचायत ने 7 लाख रुपए के काम करा लिए। लेकिन मजदूरों को भुगतान नहीं मिला। दिसम्बर माह में ग्राम पंचायत लहरौनी में 5 लाख के निर्माण कार्य करा तो दिए लेकिन भुगतान तीन माह बाद भी नहीं हुआ। ऐसे में मजदूर सरपंच और सचिव से मजदूरी की राशि मांग रहे हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत सेसईपुरा में भी 4 लाख, गोरस में एक लाख, सिलपुरी में दो लाख और जाखदा में एक लाख के विकास कार्य हुए लेकिन मजदूरों को पैसा अब तक नहीं मिला।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगी सूची
मजदूरी के लिए पलायन करने वाले सहरिया आदिवासी परिवार अपने साथ उन बच्चों को भी लेकर गए जिनकी सेहत खराब रहती है। ऐसे बच्चों की मॉनीटरिंग आंगनबाड़ी के माध्यम से की जाती है। पांच सैंकड़ा से अधिक बच्चे ऐसे हैं जिन्हे आंगनबाड़ी में भर्ती कर उनकी सेहत सुधारने के प्रयास किए जा रहे थे। पलायन करने वाले परिवारों की सूची महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केन्द्रों से मांगी है।
इनका कहना है
आदिवासी मजदूर हर दिन मजदूरी करता है और मजदूरी से मिलने वाली राशि से उस दिन का पेट भरता है। जब राशि कई महीनों तक नही मिलेगी, तो पलायन तो करना ही पड़ेगा। तीन माह से उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।
नंदकिशोर आदिवासी
सरपंच कराहल
वर्जन
कराहल जनपद की 50 ग्राम पंचायतों की करीब तीन करोड़ की राशि अटकी है। इस कारण मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। हम कई बार पत्र लिख चुके हैं।
आरजी आहिवार
जनपद, सीइओ कराहल

Anoop Bhargava
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