इंदौर से आए 37 छात्र कराहल आईटीआई छात्रावास और 6 छात्र बड़ौदा में होम आईसोलेट किए

- कलेक्टर ने इंदौर से आने जाने की अनुमति न देने के दिए निर्देश
- खतौली, कुहांजापुर पर तैनात टीम को इंदौर से आने वालों पर विशेष नजर रखने की हिदायत
- मजदूरों का बाहर से आने का सिलसिला जारी, सामरसा चौकी पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था

By: Anoop Bhargava

Published: 30 Mar 2020, 11:23 AM IST

श्योपुर/कराहल/बड़ौदा
इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढऩे के चलते श्योपुर जिला प्रशासन सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इंदौर से आने जाने की अनुमति न देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं जिले की सीमाओं से आने वाले रास्तोंं पर तैनात पुलिस अफसरों को इंदौर से आने वाले व्यक्ति को प्रवेश न करने देने की सख्त हिदायत दी गई है। खतौती, कुहांजापुर, बड़ौदा, प्रेमसर व शिवपुरी के रास्ते पर निगरानी बरतने के निर्देश दिए हैं। रविवार को इंदौर से श्योपुर पहुंचे 37 छात्रों को कराहल के आईटीआई छात्रवास में स्क्रीनिंग के बाद आईसोलेट कर दिया गया है। वहीं बड़ौदा में छह छात्रों को उनके घर पर ही आईसोलेट किया गया। इनके घर पर होम आईसोलेट की पर्ची चस्पा कर दी गई है।

देर रात 37 छात्र कराहल पहुंचे थे। पूछताछ के इन छात्रों द्वारा इंदौर से आना बताए जाने पर इनको निगरानी में ले लिया गया। एसडीएम विजय यादव के निर्देश पर इनको आईटीआई छात्रावास में शिफ्ट कर दिया गया। रविवार की सुबह कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी संपत उपाध्याय भी आईटीआई छात्रवास पहुंचे। कलेक्टर ने यहां पहुंचकर आईसोलेट किए गए छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। एसडीएम विजय यादव में बताया कि कराहल में वैसे तो एक सैंकड़ा से अधिक छात्रों की स्क्रीनिंग की गई, लेकिन इंदौर में सबसे अधिक कोरोना संक्रमण होने की वजह से इन 37 छात्रों को इंदौर आईसोलेट किया गया है। 12 दिन तक इनको यहां रखा जाएगा। इसके बाद इनको घर जाने दिया जाएगा।
घर पहुंचकर किया मेडिकल चैकअप
बड़ौदा में इंदौर से आए छह छात्रों का तहसीलदार शिवराज मीणा, बीएमओ डॉ. एसआर मीणा, आरआई दिव्यराज धाकड़ ने घर पहुंचकर ा मेडिकल चेकअप किया। सभी छात्र इंदौर में पढ़ाई करते थे। छात्र इंदौर में स्क्रीनिंग करा व एसडीएम से परमिशन लेकर आए थे। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने भी इनका मेडिकल चैकअप कराने के बाद सभी को 14 दिन तक घर में आईसोलेट कर दिया। परिजनों व मोहल्ले वालों को इनसेसंपर्क नहीं करने की सलाह दी।
परिवार के साथ इंदौर से श्योपुर पहुंचे सुरेश को सडक़ पर डालना पड़ा डेरा
इंदौर से श्योपुर पहुंचे एक परिवार को सडक़ किनारे डेरा डालना पड़ा। श्योपुर पहुंचे इस परिवार को ट्रक ड्राइवर रास्ते में छोडकऱ चला गया। मासूम बच्चों के लिए सडक़ किनारे बैठे सुरेश अपने गांव पहुंचाने की मदद राहगीरों से मांग रहा था। लेकिन इंदौर में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने के चलते इस परिवार को प्रशासन ने स्क्रीनिंग के लिए रोक लिया। सुबह 9 बजे से दोपहर तक यह स्क्रीनिंग होने का इंतजार करता रहा, लेकिन इसके पास कोई नहीं पहुंचा। दोपहर बाद पटवारी इस परिवार के पास पहुंचे और नाम पता नोट कर स्क्रीनिंग के लिए ले गए। बाहर से आने वाले कई लोग इस तरह सडक़ पर रात गुजारने को मजबूर हैं। सुरेश इंदौर में मजदूरी करते थे। लॉक डाउन होने के बाद काम मिलना बंद हो गया तो वह परिवार सहित अपने गांव ढोढर के लिए इंदौर से रवाना हो गए, लेकिन श्योपुर पहुंचने पर उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ा।

Anoop Bhargava Bureau Incharge
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